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राशन वितरण में अनियमितताएं बरते जाने पर कोटेदार पर रिपोर्ट
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बदायूं। राशन वितरण में अनियमितताएं बरते जाने पर थाना अलापुर क्षेत्र के गांव जखेली की कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम के मुताबिक जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देशानुसार उनकी अगुवाई में टीम ने पांच मई को गांव जखेली की कोटेदार कन्यावती के यहां पहुंचकर राशन वितरण और मौजूदा राशन सामग्री का भौतिक सत्यापन किया था। कोटेदार के पति ने ई-पॉस मशीन, कोटा कार्ड और स्टाक रजिस्टर उपलब्ध कराया था। भौतिक सत्यापन में 95 कट्टे गेंहू, 70 कट्टे चावल, तीन प्लास्टिक और एक लोहे के ड्रम व केन में लगभग 847 लीटर मिट्टी का तेल स्टाक में पाया गया। अप्रैल माह के राशन वितरण का बारीकी से सत्यापन किया गया। जांच में कई खामियां उजागर हुईं। पूछताछ करने पर कोटेदार द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। गांव में घूमकर कई उपभोक्ताओं से भी जानकारी की गई। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि कोटेदार ने एक से चार मई के मध्य ई-पॉस मशीन से बिना अनुमति के तथा बिना वितरण अधिकारी की उपस्थिति में वस्तुओं का वितरण दर्शाकर खाद्यान्न की कालाबाजारी की है। इसके लिए वह दोषी हैं। इसके अलावा अप्रैल माह में भी राशन वितरण में अनियमितता बरती है। इन सभी के चलते कोटेदार के खिलाफ पुलिस में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इंस्पेक्टर अलापुर कृष्णगोपाल शर्मा ने बताया कि कोटेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी महेश चंद्र गौतम के मुताबिक जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देशानुसार उनकी अगुवाई में टीम ने पांच मई को गांव जखेली की कोटेदार कन्यावती के यहां पहुंचकर राशन वितरण और मौजूदा राशन सामग्री का भौतिक सत्यापन किया था। कोटेदार के पति ने ई-पॉस मशीन, कोटा कार्ड और स्टाक रजिस्टर उपलब्ध कराया था। भौतिक सत्यापन में 95 कट्टे गेंहू, 70 कट्टे चावल, तीन प्लास्टिक और एक लोहे के ड्रम व केन में लगभग 847 लीटर मिट्टी का तेल स्टाक में पाया गया। अप्रैल माह के राशन वितरण का बारीकी से सत्यापन किया गया। जांच में कई खामियां उजागर हुईं। पूछताछ करने पर कोटेदार द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। गांव में घूमकर कई उपभोक्ताओं से भी जानकारी की गई। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि कोटेदार ने एक से चार मई के मध्य ई-पॉस मशीन से बिना अनुमति के तथा बिना वितरण अधिकारी की उपस्थिति में वस्तुओं का वितरण दर्शाकर खाद्यान्न की कालाबाजारी की है। इसके लिए वह दोषी हैं। इसके अलावा अप्रैल माह में भी राशन वितरण में अनियमितता बरती है। इन सभी के चलते कोटेदार के खिलाफ पुलिस में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इंस्पेक्टर अलापुर कृष्णगोपाल शर्मा ने बताया कि कोटेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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