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जीआरपी के चौकी इंचार्ज की भूमिका पर उठाया सवाल
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उझानी (बदायूं)। रेलवे स्टेशन पर यूरिया की रैक की अनलोडिंग में जुटे ठेकेदारों, मजदूरों ने जीआरपी चौकी के इंचार्ज पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए गुस्से का इजहार किया है। मजदूरों का आरोप है कि चौकी इंचार्ज ट्रैक्टर ट्रॉलियों में यूरिया के कट्टे लोड करते समय उन्हें परेशान करते हैं। मजदूरों की शिकायत पर फर्टिलाइजर कंपनी के कारिंदे भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें भी अनसुना कर दिया गया। इसके चलते करीब तीन घंटा तक यूरिया की लोडिंग का कार्य प्रभावित रहा।
आरोप है कि तीन दिन से परेशान किया जा रहा है। ठेकेदार रामऔतार सिंह, मनोज कुमार और शिवम ने बताया कि तीन दिन पहले जीआरपी चौकी इंचार्ज ने अनलोडिंग के दौरान मजदूरों को हड़काया था। कारण पूछने पर वह फर्टिलाइजर कंपनी के अफसरों को बुलाने की जिद पर अड़ गए। कहने लगे कि कंपनी के अफसरों से बात हुए बगैर काम करने नहीं दिया जाएगा। आरोप है कि बुधवार दोपहर और गुरुवार सुबह भी मजदूरों को हड़काया गया।
गुरुवार को रेलवे स्टेशन पर जुटे ठेकेदारों और मजदूरों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में यूरिया की लोडिंग का काम रोक दिया। कंपनी के अफसरों के कहने पर हालांकि उन्होंने दोपहर बाद लोडिंग शुरू कर दी। मजदूरों में विद्याराम, हरीराम, रामखिलाडी, ऋषिपाल और महेश ने गुस्से का भी इजहार किया। इधर, बुकिंग क्लर्क केपी सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज का व्यवहार अच्छा नहीं है।
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पड़ोस के जिलों में उझानी से जाता है यूरिया
उझानी। यहां स्टेशन पर पिछले तीन-चार महीनों में यूरिया की करीब नौ रैक अनलोड हो चुकी है। ये रैक गुजरात और राजस्थान से पहुंचीं थीं। एक फर्टिलाइजर कंपनी की देखरेख में ही यहां से अनलोड होने वाली रैक का यूरिया बदायूं के अलावा संभल, फर्रुखाबाद और कासगंज जिले के शहर-कसबों तक पहुंचता है। चूंकि यहां पर अभी मालगोदाम का निर्माण नहीं हुआ है इस कारण यूरिया को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से आसपास के जिलों में भेजा जाता है।
बुधवार का मैं पुलिस चौकी जीआरपी उझानी गया था। चौकी इंचार्ज ने कुछ मजदूरों को टोक दिया था, जिससे उनके बीच नोकझोंक हो गई थी। फिलहाल दोनों पक्षों को समझाबुझाकर मामला शांत करा दिया गया है।
-मनोज कुमार, एसओ, जीआरपी थाना
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आरोप है कि तीन दिन से परेशान किया जा रहा है। ठेकेदार रामऔतार सिंह, मनोज कुमार और शिवम ने बताया कि तीन दिन पहले जीआरपी चौकी इंचार्ज ने अनलोडिंग के दौरान मजदूरों को हड़काया था। कारण पूछने पर वह फर्टिलाइजर कंपनी के अफसरों को बुलाने की जिद पर अड़ गए। कहने लगे कि कंपनी के अफसरों से बात हुए बगैर काम करने नहीं दिया जाएगा। आरोप है कि बुधवार दोपहर और गुरुवार सुबह भी मजदूरों को हड़काया गया।
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गुरुवार को रेलवे स्टेशन पर जुटे ठेकेदारों और मजदूरों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में यूरिया की लोडिंग का काम रोक दिया। कंपनी के अफसरों के कहने पर हालांकि उन्होंने दोपहर बाद लोडिंग शुरू कर दी। मजदूरों में विद्याराम, हरीराम, रामखिलाडी, ऋषिपाल और महेश ने गुस्से का भी इजहार किया। इधर, बुकिंग क्लर्क केपी सिंह ने बताया कि चौकी इंचार्ज का व्यवहार अच्छा नहीं है।
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पड़ोस के जिलों में उझानी से जाता है यूरिया
उझानी। यहां स्टेशन पर पिछले तीन-चार महीनों में यूरिया की करीब नौ रैक अनलोड हो चुकी है। ये रैक गुजरात और राजस्थान से पहुंचीं थीं। एक फर्टिलाइजर कंपनी की देखरेख में ही यहां से अनलोड होने वाली रैक का यूरिया बदायूं के अलावा संभल, फर्रुखाबाद और कासगंज जिले के शहर-कसबों तक पहुंचता है। चूंकि यहां पर अभी मालगोदाम का निर्माण नहीं हुआ है इस कारण यूरिया को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से आसपास के जिलों में भेजा जाता है।
बुधवार का मैं पुलिस चौकी जीआरपी उझानी गया था। चौकी इंचार्ज ने कुछ मजदूरों को टोक दिया था, जिससे उनके बीच नोकझोंक हो गई थी। फिलहाल दोनों पक्षों को समझाबुझाकर मामला शांत करा दिया गया है।
-मनोज कुमार, एसओ, जीआरपी थाना