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गोताखोरों को नहीं मिला शिवम, पुलिस के असहयोग से परिजन मायूस
Updated Wed, 28 Jun 2017 05:39 PM IST
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उझानी (बदायूं)। तीन दिन पहले घट विसर्जन के दौरान भूपेंद्र के साथ गंगा में डूबे शिवम की खोजबीन में जुटे गोताखोरों ने बुधवार को हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने कादरचौक की ओर करीब छह किलोमीटर तक गंगा में तलाशी अभियान भी चलाया। खाली हाथ निकले गोताखोरों को देख शिवम के घरवाले मायूस हो गए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाया। बोले, शुरू में ही सहयोग मिल जाता तो भले ही जिंदा न सही लेकिन शिवम का शव मिल गया होता।
कासगंज जिले में ढोलना निवासी 14 वर्षीय शिवम के घरवाले बुधवार तड़के फिर कछला गंगाघाट पर पहुंचे। उनके साथ उन्हीं के इलाके के कई ऐसे लोग थे जो गंगा में उतर कर खोजबीन में जुट गए। उन्होंने पंखियानगला निवासी गोताखोरों के जरिए कछला घाट से कादरचौक की ओर करीब छह किलोमीटर तक दो नावों से तलाशी अभियान चलाया। शाम पांच बजे तक गोताखोरों ने गंगा में गहराई वाले स्थानों पर खोजबीन की। बता दें कि शिवम पड़ोसी गांव फिरोजपुर सिंगोला निवासी श्रद्धालुओं के साथ सोमवार को घट विसर्जन के लिए आया था। शिवम और भूपेंद्र डूब गए थे। गोताखोरों ने अगले दिन भूपेंद्र का शव खोज निकाला था।
सफलता हाथ नहीं लगने पर गोताखोरों ने शिवम के ताऊ कासगंज में ऑफीसर कॉलोनी निवासी गोविंद शर्मा को जब यह बताया कि शिवम के मिलने की उम्मीद कम है तो परिवार के लोग मायूस हो गए। गोविंद का कहना है कि निजी संसाधन का इस्तेमाल करके ही उन्होंने अब तक खोजबीन कराई है। नाव जुटाने से लेकर गोताखोरों पर होने वाला खर्च भी वह उठा रहे हैं लेकिन पुलिस और प्रशासन से उन्हें अब तक कोई खास सहयोग नहीं मिल पाया है। इधर, कछला चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने बताया- शिवम की तलाश के लिए स्थानीय स्तर के संसाधन मुहैया कराते रहे हैं। घरवालों को जिस तरह का सहयोग चाहिए, पुलिस उसके लिए तैयार है।
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घाट पर तैनात हों पीएसी के गोताखोर
उझानी। घट विसर्जन के दौरान गंगा में डूबे शिवम के ताऊ ने कछला गंगाघाट पर हादसे के दौरान पुलिस और प्रशासनिक स्तर की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ तब मौके पर गोताखोरों को बुलाने में काफी वक्त लग गया। घाट पर कोई ऐसी सुविधा नहीं है जो समय रहते मिल जाए। घाट पर मोटरबोट के साथ ही पीएसी के गोतखोरों की आवश्यकता है। पीएसी के गोताखोरों की मौजूदगी से हादसे के दौरान श्रद्धालुओं की जान बच सकतीं हैं।
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कासगंज जिले में ढोलना निवासी 14 वर्षीय शिवम के घरवाले बुधवार तड़के फिर कछला गंगाघाट पर पहुंचे। उनके साथ उन्हीं के इलाके के कई ऐसे लोग थे जो गंगा में उतर कर खोजबीन में जुट गए। उन्होंने पंखियानगला निवासी गोताखोरों के जरिए कछला घाट से कादरचौक की ओर करीब छह किलोमीटर तक दो नावों से तलाशी अभियान चलाया। शाम पांच बजे तक गोताखोरों ने गंगा में गहराई वाले स्थानों पर खोजबीन की। बता दें कि शिवम पड़ोसी गांव फिरोजपुर सिंगोला निवासी श्रद्धालुओं के साथ सोमवार को घट विसर्जन के लिए आया था। शिवम और भूपेंद्र डूब गए थे। गोताखोरों ने अगले दिन भूपेंद्र का शव खोज निकाला था।
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सफलता हाथ नहीं लगने पर गोताखोरों ने शिवम के ताऊ कासगंज में ऑफीसर कॉलोनी निवासी गोविंद शर्मा को जब यह बताया कि शिवम के मिलने की उम्मीद कम है तो परिवार के लोग मायूस हो गए। गोविंद का कहना है कि निजी संसाधन का इस्तेमाल करके ही उन्होंने अब तक खोजबीन कराई है। नाव जुटाने से लेकर गोताखोरों पर होने वाला खर्च भी वह उठा रहे हैं लेकिन पुलिस और प्रशासन से उन्हें अब तक कोई खास सहयोग नहीं मिल पाया है। इधर, कछला चौकी इंचार्ज राजेंद्र सिंह ने बताया- शिवम की तलाश के लिए स्थानीय स्तर के संसाधन मुहैया कराते रहे हैं। घरवालों को जिस तरह का सहयोग चाहिए, पुलिस उसके लिए तैयार है।
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घाट पर तैनात हों पीएसी के गोताखोर
उझानी। घट विसर्जन के दौरान गंगा में डूबे शिवम के ताऊ ने कछला गंगाघाट पर हादसे के दौरान पुलिस और प्रशासनिक स्तर की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ तब मौके पर गोताखोरों को बुलाने में काफी वक्त लग गया। घाट पर कोई ऐसी सुविधा नहीं है जो समय रहते मिल जाए। घाट पर मोटरबोट के साथ ही पीएसी के गोतखोरों की आवश्यकता है। पीएसी के गोताखोरों की मौजूदगी से हादसे के दौरान श्रद्धालुओं की जान बच सकतीं हैं।