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रिजौला गांव के कोटेदार पर रिपोर्ट
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:33 AM IST
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गेहूं
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। उसावां ब्लॉक के गांव रिजौला के राशन कोटेदार के खिलाफ उसावां थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई डीएम दिनेश कुुमार सिंह के आदेश पर की गई है। तीन दिन पहले डीएम को कोटे के राशन की कालाबाजारी करने की शिकायत मिली थी।
तीन दिन पहले गांव रिजौला के कई राशन उपभोक्ताओं ने डीएम से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि गांव का कोटेदार उन्हें नियमानुसार राशन वस्तुओं का वितरण नहीं करता है। आरोप था कि उपभोक्ताओं को राशन वस्तुएं न देकर वह कालाबाजारी कर लेता है। डीएम ने मामले की जांच एसडीएम दातागंज को सौंपी। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह को भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर उनकी अगुवाई में टीम ने कोटेदार के यहां पर पिछले दिनों छापा मारा। देखा कि दुकान के बराबर में ही उसका एक गोदाम था। टीम ने देखा कि गोदाम में राशन का सामान भरा हुआ है। कोटेदार विमला गुप्ता से इस राशन को गोदाम में ही रखे रहने के निर्देश दिए गए। टीम जांच को गांव में पहुंची इसी बीच कोटेदार ने गोदाम से उस सामान को ठिकाने लगा दिया। डीएसओ ने बताया कि इससे साफ हो गया कि कोटेदार ने वितरण में अनियमितता की है जो राशन गोदाम में भरा था। इसी पर कोटेदार विमला गुप्ता के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक महिपत सिंह की ओर से आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3-7 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। टीम में डीएसओ के अलावा पूर्ति निरीक्षक महिपत सिंह, लिपिक नीरज कुमार भी थे। इधर, इस कार्रवाई से कोटेदारों में खलबली मची है।
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कोई भी कर सकता है शिकायत
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने साफ तौर पर कहा है यदि कोई कोटेदार उपभोक्ता को निर्धारित से कम राशन वस्तु देता है तो शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उपभोक्ता उनके मोबाइल अथवा दफ्तर के नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
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तीन दिन पहले गांव रिजौला के कई राशन उपभोक्ताओं ने डीएम से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि गांव का कोटेदार उन्हें नियमानुसार राशन वस्तुओं का वितरण नहीं करता है। आरोप था कि उपभोक्ताओं को राशन वस्तुएं न देकर वह कालाबाजारी कर लेता है। डीएम ने मामले की जांच एसडीएम दातागंज को सौंपी। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह को भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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डीएसओ रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर उनकी अगुवाई में टीम ने कोटेदार के यहां पर पिछले दिनों छापा मारा। देखा कि दुकान के बराबर में ही उसका एक गोदाम था। टीम ने देखा कि गोदाम में राशन का सामान भरा हुआ है। कोटेदार विमला गुप्ता से इस राशन को गोदाम में ही रखे रहने के निर्देश दिए गए। टीम जांच को गांव में पहुंची इसी बीच कोटेदार ने गोदाम से उस सामान को ठिकाने लगा दिया। डीएसओ ने बताया कि इससे साफ हो गया कि कोटेदार ने वितरण में अनियमितता की है जो राशन गोदाम में भरा था। इसी पर कोटेदार विमला गुप्ता के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक महिपत सिंह की ओर से आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3-7 में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। टीम में डीएसओ के अलावा पूर्ति निरीक्षक महिपत सिंह, लिपिक नीरज कुमार भी थे। इधर, इस कार्रवाई से कोटेदारों में खलबली मची है।
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कोई भी कर सकता है शिकायत
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने साफ तौर पर कहा है यदि कोई कोटेदार उपभोक्ता को निर्धारित से कम राशन वस्तु देता है तो शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उपभोक्ता उनके मोबाइल अथवा दफ्तर के नंबर पर कॉल कर सकते हैं।