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लखीमपुर खीरी में तैनात दरोगा से 40 हजार ठगे
Updated Sat, 13 Oct 2018 07:12 PM IST
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लखीमपुर खीरी में तैनात
दरोगा से 40 हजार ठगे
मौखिक शिकायत पर पकड़ा आरोपी, कुछ रुपये लौटाए, बाकी देने का वायदा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। क्राइम कंट्रोल और चोरी-लूट रोकने का दावा करने वाली पुलिस में तैनात एक दरोगा ही ठगी का शिकार हो गया। दरोगा लखीमपुर खीरी जिले में तैनात है। उसने बरेली या मेरठ ट्रांसफर कराने के लिए 40 हजार रुपये दिए थे। परंतु ट्रांसफर नहीं होने पर उसे ठगी का अहसास हुआ, तो उसने सिविल लाइंस थाना पुलिस को मौखिक शिकायत की। इस पर पुलिस ने आरोपी पकड़ लिया। दबाव बनाने पर कुछ रुपये लौटा गया। बाकी रुपये देने का वायदा कर गया है।
भुक्तभोगी दरोगा कुछ समय पूर्व बदायूं जिले में तैनात था। उसकी पोस्टिंग कुंवरगांव और उझानी कोतवाली में रही थी। इससे आस-पास के इलाके के लोग भी उसे अच्छी तरह पहचान गए थे। तैनाती के दौरान उनकी रुपये ठगने वाले लोगों से भी जान पहचान हुई थी। उसके बाद दरोगा का लखीमपुर खीरी जिले में ट्रांसफर हो गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दरोगा बदायूं जिले के दोनों ठगों से बातचीत करता था। दोनों ठगों ने दरोगा को अपनी राजनीतिक पैठ बताई थी। साथ ही उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई भी काम हो, वह करा देंगे। उनके ट्रांसफर से लेकर किसी का निलंबन तक करा सकते हैं। उनके एक मंत्री और विधायक से अच्छे संबंध है। इससे दरोगा दोनों की बातों में आ गया और उनसे बरेली या मेरठ ट्रांसफर कराने की मांग कर डाली। इसके लिए दरोगा ने उन्हें 40 हजार रुपये भी दे दिए। ट्रांसफर होने का इंतजार करते-करते दरोगा को काफी समय हो गया। कई बार आरोपियों को फोन किया। उन्होंने फोन उठाना तक बंद कर दिया। इससे दरोगा को अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं उन्होंने तुरंत सिविल लाइंस पुलिस से मौखिक शिकायत की। इससे शेखूपुर चौकी पुलिस ने आरोपियों में से एक आरोपी को दो दिन पहले पकड़ लिया। कार्रवाई के डर से आरोपी कुछ रुपये लौटा गया। बाकी रुपये लौटाने के लिए उसने कुछ समय मांगा है। फिलहाल इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले की चर्चा खूब है।
---------
वर्जन---
एक आरोपी पकड़ा गया था। कुछ रुपये दे गया है। इस मामले की पूरी जानकारी सिपाही को है। वही आरोपी को पकड़ कर लाया था।
- जितेंद्र कुमार, चौकी इंचार्ज शेखूपुर
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दरोगा से 40 हजार ठगे
मौखिक शिकायत पर पकड़ा आरोपी, कुछ रुपये लौटाए, बाकी देने का वायदा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। क्राइम कंट्रोल और चोरी-लूट रोकने का दावा करने वाली पुलिस में तैनात एक दरोगा ही ठगी का शिकार हो गया। दरोगा लखीमपुर खीरी जिले में तैनात है। उसने बरेली या मेरठ ट्रांसफर कराने के लिए 40 हजार रुपये दिए थे। परंतु ट्रांसफर नहीं होने पर उसे ठगी का अहसास हुआ, तो उसने सिविल लाइंस थाना पुलिस को मौखिक शिकायत की। इस पर पुलिस ने आरोपी पकड़ लिया। दबाव बनाने पर कुछ रुपये लौटा गया। बाकी रुपये देने का वायदा कर गया है।
भुक्तभोगी दरोगा कुछ समय पूर्व बदायूं जिले में तैनात था। उसकी पोस्टिंग कुंवरगांव और उझानी कोतवाली में रही थी। इससे आस-पास के इलाके के लोग भी उसे अच्छी तरह पहचान गए थे। तैनाती के दौरान उनकी रुपये ठगने वाले लोगों से भी जान पहचान हुई थी। उसके बाद दरोगा का लखीमपुर खीरी जिले में ट्रांसफर हो गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दरोगा बदायूं जिले के दोनों ठगों से बातचीत करता था। दोनों ठगों ने दरोगा को अपनी राजनीतिक पैठ बताई थी। साथ ही उन्हें आश्वासन दिया था कि कोई भी काम हो, वह करा देंगे। उनके ट्रांसफर से लेकर किसी का निलंबन तक करा सकते हैं। उनके एक मंत्री और विधायक से अच्छे संबंध है। इससे दरोगा दोनों की बातों में आ गया और उनसे बरेली या मेरठ ट्रांसफर कराने की मांग कर डाली। इसके लिए दरोगा ने उन्हें 40 हजार रुपये भी दे दिए। ट्रांसफर होने का इंतजार करते-करते दरोगा को काफी समय हो गया। कई बार आरोपियों को फोन किया। उन्होंने फोन उठाना तक बंद कर दिया। इससे दरोगा को अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं उन्होंने तुरंत सिविल लाइंस पुलिस से मौखिक शिकायत की। इससे शेखूपुर चौकी पुलिस ने आरोपियों में से एक आरोपी को दो दिन पहले पकड़ लिया। कार्रवाई के डर से आरोपी कुछ रुपये लौटा गया। बाकी रुपये लौटाने के लिए उसने कुछ समय मांगा है। फिलहाल इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले की चर्चा खूब है।
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वर्जन---
एक आरोपी पकड़ा गया था। कुछ रुपये दे गया है। इस मामले की पूरी जानकारी सिपाही को है। वही आरोपी को पकड़ कर लाया था।
- जितेंद्र कुमार, चौकी इंचार्ज शेखूपुर