फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   तालाब मालिक की भूमिका की होगी जांच

तालाब मालिक की भूमिका की होगी जांच

Mon, 06 May 2019 01:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 06 May 2019 01:25 AM IST
विज्ञापन
तालाब मालिक की भूमिका की होगी जांच
उझानी (बदायूं)। अब्दुल्लागंज के तालाब में दर्जनों कछुआ मरने के मामले में वन विभाग के अफसरों ने तहकीकात शुरू कर दी है। तालाब मालिक की भूमिका की भी जांच होगी। हालांकि अभी तक कार्रवाई की दिशा तय नहीं की गई, लेकिन आईवीआरआई से कछुओं की पोस्टमार्टम और तालाब के पानी की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र के गांव अब्दुल्लागंज में भगवान सहाय के तालाब में शनिवार सुबह दर्जनों की संख्या में कछुओं की मौत हो गई थी। मौत की वजह को लेकर ग्रामीणों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच वन विभाग की टीम ने शनिवार को मृत कछुओं में से 10 कछुआ कब्जे में ले लिए थे। रविवार को आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम किया गया। वन कर्मियों ने तालाब के पानी का सैंपल भी जांच के लिए दिया है। डिप्टी रेंजर अनिल सोलंकी ने बताया कि पोस्टमार्टम हो चुका है, लेकिन नहीं मिली है। विभागीय प्रक्रिया के तहत ही रिपोर्ट वन विभाग कार्यालय को मुहैया होगी। बताया कि आईवीआरआई ने तालाब के पानी की जांच के लिए दूसरी प्रयोगशाला में भेजा है।
विज्ञापन

इसके अलावा डिप्टी रेंजर सोलंकी तालाब मालिक की भूमिका की जांच कराने के लिए अफसरों को लिख चुके हैं। तालाब के लिए मालिक ने उझानी के एक व्यक्ति को पट्टे पर दे रखा है। डिप्टी रेंजर की मानें तो आईवीआरआई से साफ होने के बाद पुलिस कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण कछुओं की मौत के मामले में तालाब में कीटनाशक डाल दिए जाने का अंदेशा जता चुके हैं। इधर, पूर्व प्रधान रवेंद्र सक्सेना ने बताया कि तालाब में दूसरे दिन निकाले गए कई मृत कछुओं को गड्ढे खोदकर दफन कर दिया गया है। पूर्व प्रधान के मुताबिक- मृत कछुओं की संख्या करीब 60 थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed