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अज्ञात को मिली पहचान, कलम चलाने में पुलिस को लग गए 24 घंटे

Fri, 23 Nov 2018 01:28 AM IST
Updated Fri, 23 Nov 2018 01:28 AM IST
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अज्ञात को मिली पहचान, कलम चलाने में पुलिस को लग गए 24 घंटे
लावारिस से ‘वारिस’ मिलने में लग गए 24 घंटे
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कार में जलकर मरे ड्राइवर के शव का तीसरे दिन भी नहीं हुआ पोस्टमार्टम
पोस्टमार्टम हाउस से थाने के चक्कर लगाते रहे परिजन
सोमवार रात एमएफ हाईवे पर कार में लगी थी आग, जलकर मरा था ड्राइवर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। वजीरगंज थाना पुलिस की एक और लापरवाही सामने आई है। जिस लाश की बुधवार को पहचान हो गई थी, उसका तभी पोस्टमार्टम हो जाना चाहिए था लेकिन पुलिस शिनाख्त के बावजूद ऐसा नहीं करा सकी। पुलिस को अपनी जीडी पर कलम चलाने में एक-दो नहीं पूरे 24 घंटे लग गए। फिर गुरुवार दोपहर के बाद कहीं शव का पोस्टमार्टम हो सका।
नियम के मुताबिक पुलिस प्रत्येक अज्ञात शव का पोस्टमार्टम 72 घंटे बाद ही कराती है। तब तक के लिए उसे पोस्टमार्टम हाउस या जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया जाता है। अगर 72 घंटे से पहले उसकी शिनाख्त हो जाए तो पुलिस अपनी जीडी में भी फेरबदल करती है और नाम सहित कागज तैयार कर डॉक्टर को भेजे जाते हैं, जिसके आधार पर पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराती है। अगर 72 घंटे गुजरने के बावजूद शव की पहचान नहीं होती है तो पुलिस अज्ञात में ही पोस्टमार्टम कराती है। इस दौरान शव के फिंगर प्रिंट लिए जाते हैं और वीडियोग्राफी होती है परंतु कार में जिंदा जले ड्राइवर के शव को लावारिस से वारिस करने में पुलिस को पूरे 24 घंटे लग गए। वजीरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम हतरा निवासी प्रमोद की मौत सोमवार रात एमएफ हाईवे पर कार में जलकर हो गई थी। उस समय प्रमोद का नाम-पता नहीं चल सका था। इससे पुलिस ने उसके शव को लावारिस मानते हुए मोर्चरी में रखवा दिया था। मंगलवार शाम पुलिस को इतना पता चला कि कार नोयडा की है। बुधवार सुबह प्रमोद के परिवार वाले थाने पहुंचे और बाद में पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। परिवार वालों ने जो-जो बताया, उसके आधार पर प्रमोद की शिनाख्त हो गई। चेचिस और इंजन नंबर के आधार पर कार प्रमोद के बहनोई की निकली। परिवार वाले बुधवार को सुबह से लेकर थाने के चक्कर लगाते रहे परंतु देर रात तक पुलिस अपने रिकार्ड में प्रमोद के लावारिस शव को वारिस नहीं बना सकी। देर रात कहीं पुलिस ने तस्करा डाला। उसके बाद प्रमोद नाम से पोस्टमार्टम के लिए कागजात तैयार किए गए। तब कहीं गुरुवार अपराह्न प्रमोद के शव का पोस्टमार्टम हो सका। परिवार वाले ऐसे ही रातभर भटकते रहे।
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वर्जन--
परिवार वाले तो पहले आ गए थे लेकिन वीरपाल हमारे पास रात आठ बजे आया था। उसने कुछ कागज दिखाए थे, जिस पर हमने तस्करा डलवाया और पोस्टमार्टम के कागजात तैयार कराए। इसलिए प्रमोद के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को नहीं हो सका।
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-प्रमोद कुमार, प्रभारी एसओ वजीरगंज
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