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ड्रामेबाज निकला पशुव्यापारी, भाई के साथ जेल भेजा
Updated Sat, 24 Mar 2018 08:39 PM IST
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फोटो-- 25
ड्रामेबाज निकला पशु व्यापारी, भाई के साथ जेल भेजा
छह दिन पहले किया था अपहरण का ड्रामा, नाटकीय ढंग से लौटने पर खुली पोल, लाखों रुपये हड़पने के इरादे से बनाया था षड्यंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
अलापुर (बदायूं)। अलापुर थाना पुलिस ने शनिवार को मवेशी व्यापारी अपहरण कांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने अपहरण का नाटक रचने वाले पशु व्यापारी और उसके अपहरण की झूठी रिपोर्ट लिखाने वाले भाई को गिरफ्तार कर लिया। थाना पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धारा 193 और 195 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। देर शाम को दोनों भाइयों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
शनिवार को घटना का खुलासा करते हुए अलापुर एसओ आरपी सिंह ने बताया कि ग्राम ढका निवासी शैलेंद्र पुत्र चंद्रपाल 18 मार्च की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। दूसरे दिन उसके भाई सुरेंद्र ने अपहरण का मामला बताते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस मवेशी व्यापारी को तलाश कर रही थी कि 20 मार्च की सुबह शैलेंद्र उसावां रोड पर भट्ठे के नजदीक से बरामद हो गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर शैलेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उसी दिन पुलिस ने उससे पूछताछ की कोशिश की, लेकिन उसने कोई जानकारी नहीं दी। 21 मार्च की सुबह स्वयं थाने आकर शैलेंद्र ने कहा कि वह 50 हजार रुपये लेकर रिजोला गांव गया था, लेकिन वहां के अन्नू गुप्ता और उसके भाई राजेंद्र गुप्ता ने उसको बंधक बना लिया। उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे अज्ञात स्थान पर ले गए। 20 मार्च की सुबह उसे धमकी देकर छोड़ दिया।
इधर, थाना पुलिस ने शैलेंद्र के मुताविक अन्नू गुप्ता और उसके भाई राजेंद्र गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां पता चला कि शैलेंद्र अन्नू गुप्ता से 50 हजार और राजेंद्र गुप्ता से तीन लाख नकद, एक लाख रुपये भैंस दिलाने के लिए ले गया था। चेतन नगला निवासी रक्षपाल यादव से 39 हजार रुपये उधार लिए। वहीं के गेंदनलाल की भैंस ले गया। रिजोला निवासी रजनेश के तिलहर निवासी मामा विपिन से भैंस दिलाने के बहाने 52 हजार रुपये ले लिए। 18 मार्च को उसने रुपये लौटाने का वादा किया था। रुपये लेने के लिए विपिन अपने घर से रिजोला आ गए। रुपये मिल पाते उससे पहले शैलेंद्र ने अपहरण का ड्रामा रच दिया। शैलेंद्र के भाई सुरेंद्र ने सभी को धमकी दी कि उसके भाई को कुछ हो गया तो वह सभी लोगों को फंसा देगा। एसआई कुलदीप सिंह ने अपनी विवेचना में पूरा मामला झूठा पाया। शनिवार सुबह दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके बाद दोनों भाइयों को फर्जी साक्ष्य बनाकर दूसरे लोगों को फंसाने के आरोप में जेल भेज दिया।
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मिर्जापुर रोड से बरामद हुई थी बाइक
बदायूं। एसआई कुलदीप सिंह की माने तो पशु व्यापारी 18 मार्च की शाम मिर्जापुर रोड पर पहुंचा था। रोड किनारे उसने पेड़ के नीचे अपनी बाइक खड़ी की और लॉक लगाकर वहां से पैदल चला गया। गांव के ही कुछ लोगों ने उसे पैदल जाते हुए देखा था।
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-शैलेंद्र ने दूसरे लोगों को फंसाने के लिए अपहरण का ड्रामा रचा था। उसने उन्हीं लोगों के नाम बताए, जिनसे उसने रुपये उधार लिए थे। पूरा मामला झूठा निकला है। कई लोगों से पूछताछ हुई है। तभी अपहरण की रिपोर्ट को स्पंज किया गया है और दोनों भाइयों को जेल भेजा गया है।
-आरपी सिंह, एसओ अलापुर
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ड्रामेबाज निकला पशु व्यापारी, भाई के साथ जेल भेजा
छह दिन पहले किया था अपहरण का ड्रामा, नाटकीय ढंग से लौटने पर खुली पोल, लाखों रुपये हड़पने के इरादे से बनाया था षड्यंत्र
अमर उजाला ब्यूरो
अलापुर (बदायूं)। अलापुर थाना पुलिस ने शनिवार को मवेशी व्यापारी अपहरण कांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने अपहरण का नाटक रचने वाले पशु व्यापारी और उसके अपहरण की झूठी रिपोर्ट लिखाने वाले भाई को गिरफ्तार कर लिया। थाना पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धारा 193 और 195 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। देर शाम को दोनों भाइयों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
शनिवार को घटना का खुलासा करते हुए अलापुर एसओ आरपी सिंह ने बताया कि ग्राम ढका निवासी शैलेंद्र पुत्र चंद्रपाल 18 मार्च की शाम संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। दूसरे दिन उसके भाई सुरेंद्र ने अपहरण का मामला बताते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस मवेशी व्यापारी को तलाश कर रही थी कि 20 मार्च की सुबह शैलेंद्र उसावां रोड पर भट्ठे के नजदीक से बरामद हो गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना देकर शैलेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उसी दिन पुलिस ने उससे पूछताछ की कोशिश की, लेकिन उसने कोई जानकारी नहीं दी। 21 मार्च की सुबह स्वयं थाने आकर शैलेंद्र ने कहा कि वह 50 हजार रुपये लेकर रिजोला गांव गया था, लेकिन वहां के अन्नू गुप्ता और उसके भाई राजेंद्र गुप्ता ने उसको बंधक बना लिया। उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे अज्ञात स्थान पर ले गए। 20 मार्च की सुबह उसे धमकी देकर छोड़ दिया।
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इधर, थाना पुलिस ने शैलेंद्र के मुताविक अन्नू गुप्ता और उसके भाई राजेंद्र गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां पता चला कि शैलेंद्र अन्नू गुप्ता से 50 हजार और राजेंद्र गुप्ता से तीन लाख नकद, एक लाख रुपये भैंस दिलाने के लिए ले गया था। चेतन नगला निवासी रक्षपाल यादव से 39 हजार रुपये उधार लिए। वहीं के गेंदनलाल की भैंस ले गया। रिजोला निवासी रजनेश के तिलहर निवासी मामा विपिन से भैंस दिलाने के बहाने 52 हजार रुपये ले लिए। 18 मार्च को उसने रुपये लौटाने का वादा किया था। रुपये लेने के लिए विपिन अपने घर से रिजोला आ गए। रुपये मिल पाते उससे पहले शैलेंद्र ने अपहरण का ड्रामा रच दिया। शैलेंद्र के भाई सुरेंद्र ने सभी को धमकी दी कि उसके भाई को कुछ हो गया तो वह सभी लोगों को फंसा देगा। एसआई कुलदीप सिंह ने अपनी विवेचना में पूरा मामला झूठा पाया। शनिवार सुबह दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके बाद दोनों भाइयों को फर्जी साक्ष्य बनाकर दूसरे लोगों को फंसाने के आरोप में जेल भेज दिया।
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मिर्जापुर रोड से बरामद हुई थी बाइक
बदायूं। एसआई कुलदीप सिंह की माने तो पशु व्यापारी 18 मार्च की शाम मिर्जापुर रोड पर पहुंचा था। रोड किनारे उसने पेड़ के नीचे अपनी बाइक खड़ी की और लॉक लगाकर वहां से पैदल चला गया। गांव के ही कुछ लोगों ने उसे पैदल जाते हुए देखा था।
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-शैलेंद्र ने दूसरे लोगों को फंसाने के लिए अपहरण का ड्रामा रचा था। उसने उन्हीं लोगों के नाम बताए, जिनसे उसने रुपये उधार लिए थे। पूरा मामला झूठा निकला है। कई लोगों से पूछताछ हुई है। तभी अपहरण की रिपोर्ट को स्पंज किया गया है और दोनों भाइयों को जेल भेजा गया है।
-आरपी सिंह, एसओ अलापुर