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सुनसान स्थान पर मासूम को ले जाकर कीं अश्लील हरकतें
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सहसवान। नगर के एक मुहल्ले में 12 साल का बालक पांच वर्षीय मासूम बालिका को एक सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। बालिका के चिल्लाने पर आसपास के लोग आ गए और आरोपी को पकड़ लिया। मां के बताने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
हरकतें करने वाले बालक का पहले से बच्ची के घर आना जाना था। शुक्रवार को वह घर से बच्ची को खेलने के बहाने बाहर ले गया। बताया जाता है कि आरोपी बालिका को एक सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। इस पर बालिका चिल्लाने लगी तो आसपास के लोग एकत्र हो गए और बालिका को बचाया। लोगों ने मौके से आरोपी बालक को पकड़ लिया। पीड़िता की मां ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद आरोपी व बालिका को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया। तहरीर दिए जाने के बावजूद इस मामले में देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। कोतवाल कुशलवीर सिंह ने बताया कि आरोपी और बालिका की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
किशोर न्याय अधिनियम में तीन प्रकार के अपराध किशोरों (18 वर्ष से कम) के लिए वर्णित किए गए हैं, जिनमें सामान्य, गंभीर तथा जघन्य अपराध शामिल हैं। सामान्य अपराध में आवश्यक नहीं है कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज करे, लेकिन गंभीर व जघन्य अपराध में पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी ही होगी, चाहें किशोर की आयु कुछ भी हो। इसके बाद किशोर न्याय बोर्ड उसके आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
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अजय पाल गुप्ता, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड
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हरकतें करने वाले बालक का पहले से बच्ची के घर आना जाना था। शुक्रवार को वह घर से बच्ची को खेलने के बहाने बाहर ले गया। बताया जाता है कि आरोपी बालिका को एक सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। इस पर बालिका चिल्लाने लगी तो आसपास के लोग एकत्र हो गए और बालिका को बचाया। लोगों ने मौके से आरोपी बालक को पकड़ लिया। पीड़िता की मां ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद आरोपी व बालिका को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया। तहरीर दिए जाने के बावजूद इस मामले में देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। कोतवाल कुशलवीर सिंह ने बताया कि आरोपी और बालिका की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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किशोर न्याय अधिनियम में तीन प्रकार के अपराध किशोरों (18 वर्ष से कम) के लिए वर्णित किए गए हैं, जिनमें सामान्य, गंभीर तथा जघन्य अपराध शामिल हैं। सामान्य अपराध में आवश्यक नहीं है कि पुलिस रिपोर्ट दर्ज करे, लेकिन गंभीर व जघन्य अपराध में पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी ही होगी, चाहें किशोर की आयु कुछ भी हो। इसके बाद किशोर न्याय बोर्ड उसके आगे की प्रक्रिया तय करेगा।
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अजय पाल गुप्ता, सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड