{"_id":"5c80112bbdec2214216cbadc","slug":"151551896875-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हवाला से जुड़े लोगों की तलाश में लगी पुलिस, गांवों से जुटाई जानकारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हवाला से जुड़े लोगों की तलाश में लगी पुलिस, गांवों से जुटाई जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दबतोरी (बदायूं)। हवाला से जुड़े लोगों की तलाश में स्थानीय पुलिस के साथ ही कई राज्यों की पुलिस लगी हुई है, लेकिन ऐसे लोग इलाके से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलवामा आतंकी हमले के बाद खुफिया तंत्र सक्रिय हुआ और स्थानीय पुलिस ने भी अपनी गतिविधि बढ़ा दी है। हवाला से जुड़े क्षेत्र के कई लोगों को पूर्व में एसटीएफ और सीबीआई पकड़ चुकी है। अब सीओ बिसौली ने गांवों में घूमकर ऐसे लोगों के बारे में लोगों से जानकारी जुटाई है।
कुछ साल पहले बिसौली कोतवाली क्षेत्र के संग्रामपुर, दबतोरा, लक्ष्मीपुर, पपगांव, धनुपुरा आदि के सैकड़ों लोग मजदूरी करने के बाद मालामाल हो गए थे। उनके रातों-रात अमीर होने का मामला सुर्खियों में आया तब पुलिस ने ऐसे लोगों की जांच पड़ताल की। मालूम हुआ कि इन लोगों के संबंध हवाला से जुड़े लोगों से हैं, जो उनके खातों में पैसे भेज रहे हैं। ऐसे लोगों ने मुरादाबाद, चंदौसी, दिल्ली, बरेली, अलीगढ़ आदि स्थानों पर आलीशान भवन भी बनवा लिए। करीब एक दशक पहले प्रकाश में आए यह लोग पुलिस की पकड़ से बचने को फरार चल रहे हैं। हालांकि उनकी गिरफ्तारी को सीबीआई की टीम ने पिछले साल उनके घरों पर नोटिस चस्पा किए थे। एसटीएफ भी कई बार छापे मार चुकी है। करोड़ों रुपये के ब्लैंक चेक भी पुलिस ने बरामद किए थे, जो पश्चिमी बंगाल की शाखाओं के थे। इसकी जांच स्थानीय पुलिस कर रही है, मगर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने की वजह से पुलिस की कार्यशैली पर भी क्षेत्र के लोग सवाल उठा रहे हैं।
जो भी आपराधिक किस्म के लोग हैं, उनके बारे में गांव वालों से जानकारी ली जा रही है। उन गांवों में घूमकर जानकारी जुटाई है। सुबूत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
- सर्वेंद्र सिंह, सीओ, बिसौली
विज्ञापन
कुछ साल पहले बिसौली कोतवाली क्षेत्र के संग्रामपुर, दबतोरा, लक्ष्मीपुर, पपगांव, धनुपुरा आदि के सैकड़ों लोग मजदूरी करने के बाद मालामाल हो गए थे। उनके रातों-रात अमीर होने का मामला सुर्खियों में आया तब पुलिस ने ऐसे लोगों की जांच पड़ताल की। मालूम हुआ कि इन लोगों के संबंध हवाला से जुड़े लोगों से हैं, जो उनके खातों में पैसे भेज रहे हैं। ऐसे लोगों ने मुरादाबाद, चंदौसी, दिल्ली, बरेली, अलीगढ़ आदि स्थानों पर आलीशान भवन भी बनवा लिए। करीब एक दशक पहले प्रकाश में आए यह लोग पुलिस की पकड़ से बचने को फरार चल रहे हैं। हालांकि उनकी गिरफ्तारी को सीबीआई की टीम ने पिछले साल उनके घरों पर नोटिस चस्पा किए थे। एसटीएफ भी कई बार छापे मार चुकी है। करोड़ों रुपये के ब्लैंक चेक भी पुलिस ने बरामद किए थे, जो पश्चिमी बंगाल की शाखाओं के थे। इसकी जांच स्थानीय पुलिस कर रही है, मगर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने की वजह से पुलिस की कार्यशैली पर भी क्षेत्र के लोग सवाल उठा रहे हैं।
विज्ञापन
जो भी आपराधिक किस्म के लोग हैं, उनके बारे में गांव वालों से जानकारी ली जा रही है। उन गांवों में घूमकर जानकारी जुटाई है। सुबूत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
- सर्वेंद्र सिंह, सीओ, बिसौली