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बैंक मैनेजर समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:16 AM IST
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सहसवान। जालसाज ने बैंक कर्मियों से साठगांठ कर खाता खुलवाने के बहाने कागजों पर हस्ताक्षर कराकर एक ग्रामीण के नाम पर दो लाख का लोन निकाल लिया। पीड़ित को इसका पता तब चला जब बैंक कर्मचारी लोन की वसूली के लिए उनके घर पहुंचे। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर तत्कालीन बैंक मैनेजर समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव डकारा पुख्ता निवासी दिनेश कुमार पुत्र कुंवरपाल का कहना है कि उन्होंने आठ फरवरी को पंजाब नेशनल बैंक में अपना खाता खुलवाया था। अनपढ़ होने के चलते वह अपने साथ गांव के ही ओमप्रकाश पुत्र चन्द्रपाल को बुलाकर लाया था। खाता खुलवाने के नाम पर ओमप्रकाश ने कई कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए। नौ अगस्त को दिनेश के घर बैंक कर्मचारी वसूली के लिए पहुंचे तो उसे पता चला कि उसके नाम पर दो लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया है। उसका कहना है कि किसी भी चेक के माध्यम से उसके खाते में कोई भी धनराशि नहीं आई है। आठ जुलाई के बाद उसने अपने खाते से कोई लेनदेन भी नहीं किया है। उसका आरोप है कि ओमप्रकाश ने तत्कालीन बैंक मैनेजर और कर्मचारियों से सांठ गांठ कर उसके नाम लोन निकाल लिया है। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब एसएसपी के आदेश पर ओमप्रकाश पुत्र चंद्रपाल, तत्कालीन बैंक मैनेजर, फील्ड ऑफिसर और बैंक कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव डकारा पुख्ता निवासी दिनेश कुमार पुत्र कुंवरपाल का कहना है कि उन्होंने आठ फरवरी को पंजाब नेशनल बैंक में अपना खाता खुलवाया था। अनपढ़ होने के चलते वह अपने साथ गांव के ही ओमप्रकाश पुत्र चन्द्रपाल को बुलाकर लाया था। खाता खुलवाने के नाम पर ओमप्रकाश ने कई कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए। नौ अगस्त को दिनेश के घर बैंक कर्मचारी वसूली के लिए पहुंचे तो उसे पता चला कि उसके नाम पर दो लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया है। उसका कहना है कि किसी भी चेक के माध्यम से उसके खाते में कोई भी धनराशि नहीं आई है। आठ जुलाई के बाद उसने अपने खाते से कोई लेनदेन भी नहीं किया है। उसका आरोप है कि ओमप्रकाश ने तत्कालीन बैंक मैनेजर और कर्मचारियों से सांठ गांठ कर उसके नाम लोन निकाल लिया है। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब एसएसपी के आदेश पर ओमप्रकाश पुत्र चंद्रपाल, तत्कालीन बैंक मैनेजर, फील्ड ऑफिसर और बैंक कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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