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दो लाख रुपये नहीं देने पर की गई थी साधु की हत्या
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दहगवां (बदायूं)। शेखूपुरा के मंदिर में साधु को मौत के घाट उतारने की वजह रंगदारी निकली। पड़ोसी गांव कुंवरपुर का मुनेश ठाकुर कई दिन से साधु से दो लाख रुपये मांग रहा था, लेकिन उन्होंने रुपये देने से इंकार कर दिया था। साधु ने कहा था कि वह पहले दिए गए रुपये लौटाए। बुधवार शाम आरोपी रुपये मांगने ही आया था। मना करने पर साधु की हत्या कर दी। इस संबंध में पुलिस ने मुनेश ठाकुर समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
स्वामी जगतानंद महाराज क्षेत्र में काफी चर्चित थे। करीब 10-12 साल पहले उन्होंने जरीफनगर क्षेत्र के ग्राम शेखूपुरा से कुछ दूर अपनी मढ़ी बनाई थी। धीरे-धीरे उन्होंने मढ़ी के स्थान पर हनुमान जी का मंदिर बनवाया। एक धर्मशाला भी बनवाई, जिससे लोगों का मंदिर पर आना जाना शुरू हुआ। इससे दान करने वालों की संख्या बढ़ी। ग्रामीणों की माने तो साधु ने मंदिर के बराबर में एक गोशाला खोल रखी थी, जिससे मंदिर को आमदनी हो रही थी। करीब एक माह पूर्व साधु ने नई बोलेरो खरीदी थी। आसपास के लोग उनसे उधार रुपये ले जाते थे। बाद में लौटा भी देते थे। बताया जाता है कि कुंवरपुर निवासी मुनेश ठाकुर नशे का आदी था। वह मंदिर आता-जाता रहता था। कुछ समय पहले उसने साधु से बहाना करके दो लाख रुपये ले लिए थे। उसके बाद साधु ने कई बार उससे रुपये मांगे लेकिन उसने नहीं लौटाए। कुछ दिन से वह दोबारा साधु के पीछे पड़ा था और दो लाख रुपये मांग रहा था। इस पर साधु ने उसको रुपये देने से साफ इंकार कर दिया था।
बुधवार शाम भी वह रुपये लेने पहुंचा था। जब साधु ने उसकी बात नहीं मानी तो उसने चाकू से हमला बोल दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय साधु की मौत हो गई। इस संबंध में शेखूपुरा निवासी मनोज शर्मा पुत्र चंद्रपाल शर्मा ने पकड़े गए आरोपी मुनेश ठाकुर पुत्र नबाब सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने गुरुवार दोपहर के बाद आरोपी मुनेश ठाकुर को जेल भेज दिया।
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मंदिर के पास बनाई साधु की समाधि
स्वामी जगतानंद महाराज के शव का बुधवार रात ही पोस्टमार्टम करा दिया गया। उसके बाद गांव वाले शव को मंदिर ले गए। इसकी सूचना पर गुरुवार सुबह दर्जनों साधु मंदिर पहुंचे। उसके बाद मंदिर के बराबर में साधु की समाधि बना दी गई। इस दौरान गांव के दर्जनों लोग और साधु मौजूद रहे।
घटनास्थल से साधु की डायरी गायब
ग्रामीणों के मुताबिक साधु अपने पास हमेशा एक डायरी रखते थे, जिसमें वह अपना हिसाब लिखते थे। चर्चा है कि साधु से अन्य लोग भी रुपये ले जाते थे, जिसे वह उस डायरी में लिखते थे। उनकी हत्या के बाद वह डायरी नहीं मिली है। माना जा रहा है कि वह डायरी किसी ने गायब कर दी है।
मुनेश को रिमांड पर लेगी पुलिस
साधु पर हमला करते वक्त पकड़े गए मुनेश ठाकुर को लोगों ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। इस पर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार दोपहर पुलिस ने हालत में सुधार होने पर उसको गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद उसे थाने ले जाया गया, जहां कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। इस दौरान आरोपी ने पूछताछ के वक्त दो लाख रुपये नहीं देने पर साधु की हत्या करने की बात कबूूली। बाकी जानकारी पुलिस उसको रिमांड पर लेकर करेगी।
आरोपी मुनेश ठाकुर समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मुनेश ठाकुर साधु से रुपये मांग रहा था। जब उन्होंने नहीं दिए तो मुनेश ने उसकी हत्या कर दी। इस पर मुनेश को जेल भेज दिया गया है।
- अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी
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स्वामी जगतानंद महाराज क्षेत्र में काफी चर्चित थे। करीब 10-12 साल पहले उन्होंने जरीफनगर क्षेत्र के ग्राम शेखूपुरा से कुछ दूर अपनी मढ़ी बनाई थी। धीरे-धीरे उन्होंने मढ़ी के स्थान पर हनुमान जी का मंदिर बनवाया। एक धर्मशाला भी बनवाई, जिससे लोगों का मंदिर पर आना जाना शुरू हुआ। इससे दान करने वालों की संख्या बढ़ी। ग्रामीणों की माने तो साधु ने मंदिर के बराबर में एक गोशाला खोल रखी थी, जिससे मंदिर को आमदनी हो रही थी। करीब एक माह पूर्व साधु ने नई बोलेरो खरीदी थी। आसपास के लोग उनसे उधार रुपये ले जाते थे। बाद में लौटा भी देते थे। बताया जाता है कि कुंवरपुर निवासी मुनेश ठाकुर नशे का आदी था। वह मंदिर आता-जाता रहता था। कुछ समय पहले उसने साधु से बहाना करके दो लाख रुपये ले लिए थे। उसके बाद साधु ने कई बार उससे रुपये मांगे लेकिन उसने नहीं लौटाए। कुछ दिन से वह दोबारा साधु के पीछे पड़ा था और दो लाख रुपये मांग रहा था। इस पर साधु ने उसको रुपये देने से साफ इंकार कर दिया था।
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बुधवार शाम भी वह रुपये लेने पहुंचा था। जब साधु ने उसकी बात नहीं मानी तो उसने चाकू से हमला बोल दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय साधु की मौत हो गई। इस संबंध में शेखूपुरा निवासी मनोज शर्मा पुत्र चंद्रपाल शर्मा ने पकड़े गए आरोपी मुनेश ठाकुर पुत्र नबाब सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने गुरुवार दोपहर के बाद आरोपी मुनेश ठाकुर को जेल भेज दिया।
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मंदिर के पास बनाई साधु की समाधि
स्वामी जगतानंद महाराज के शव का बुधवार रात ही पोस्टमार्टम करा दिया गया। उसके बाद गांव वाले शव को मंदिर ले गए। इसकी सूचना पर गुरुवार सुबह दर्जनों साधु मंदिर पहुंचे। उसके बाद मंदिर के बराबर में साधु की समाधि बना दी गई। इस दौरान गांव के दर्जनों लोग और साधु मौजूद रहे।
घटनास्थल से साधु की डायरी गायब
ग्रामीणों के मुताबिक साधु अपने पास हमेशा एक डायरी रखते थे, जिसमें वह अपना हिसाब लिखते थे। चर्चा है कि साधु से अन्य लोग भी रुपये ले जाते थे, जिसे वह उस डायरी में लिखते थे। उनकी हत्या के बाद वह डायरी नहीं मिली है। माना जा रहा है कि वह डायरी किसी ने गायब कर दी है।
मुनेश को रिमांड पर लेगी पुलिस
साधु पर हमला करते वक्त पकड़े गए मुनेश ठाकुर को लोगों ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था। इस पर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार दोपहर पुलिस ने हालत में सुधार होने पर उसको गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद उसे थाने ले जाया गया, जहां कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। इस दौरान आरोपी ने पूछताछ के वक्त दो लाख रुपये नहीं देने पर साधु की हत्या करने की बात कबूूली। बाकी जानकारी पुलिस उसको रिमांड पर लेकर करेगी।
आरोपी मुनेश ठाकुर समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मुनेश ठाकुर साधु से रुपये मांग रहा था। जब उन्होंने नहीं दिए तो मुनेश ने उसकी हत्या कर दी। इस पर मुनेश को जेल भेज दिया गया है।
- अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी