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नारायण राजपूत अपहरणकांड में भाई के ससुरालियों पर शिकंजा बरकरार

Sat, 01 Dec 2018 05:27 PM IST
Updated Sat, 01 Dec 2018 05:27 PM IST
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नारायण राजपूत अपहरणकांड में भाई के ससुरालियों पर शिकंजा बरकरार
छह दिन बाद भी नहीं लगा
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अपहृत युवक का सुराग
नारायण राजपूत अपहरणकांड में भाई के ससुरालियों पर शिकंजा बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। हरहरपुर निवासी नारायण राजपूत अपहरणकांड में छह दिन बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस क्लू नहीं लगने से घरवालों की परेशानी बढ़ती जा रही है। घटना से जुड़े तथ्यों को लेकर हालांकि पुलिस ने अब तक तहकीकात में कई बिंदुओं को शामिल किया है। इसमें से एक बिंदु पुलिस की नजर में घटना पर ही सवाल खड़े कर रहा है लेकिन पुलिस का अपहृत के भाई के ससुरालियों पर शिकंजा बरकरार है। हरहरपुर निवासी सेवानिवृत्त रेलकर्मी सुंदरलाल के 20 वर्षीय बेटे नारायण राजपूत का अपहरण 25 नवंबर की देर शाम खेत से कर लिया गया था। पहले दिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की फिर उसे अगले दिन ही अपहरण की धाराओं में तरमीम कर लिया। पुलिस की अब तक तहकीकात पर गौर करें तो वह किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। हालांकि अगवा युवक के भाई के ससुरालियों को शक में हिरासत में जरूर लिया गया लेकिन उनसे भी पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल पाया है। दो लोग अब भी पुलिस की हिरासत में बताए गए हैं। चार दिन के दौरान उनसे कई बार पूछताछ भी हो चुकी है। पुलिस की मानें तो केस में कुछ ऐसी बातें सामने आ रही है जिन्हें नारायण राजपूत के बरामद होने पर उजागर किया जाएगा। इसके पीछे पुलिस का तर्क यह है कि घटना में किसी बदमाश गिरोह का हाथ होता तो अब तक फिरौती के लिए संपर्क करने की कोशिश शुरू कर दी जाती। उधर, घरवाले खुद भी अपने स्तर से खोजबीन में जुटे हुए हैं। उनसे दो बार बात करने कोशिश भी की गई लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
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चौकी इंचार्ज के तबादले से ठंडी पड़ी धीरज की खोजबीन
उझानी। करीब दो महीना पहले पशु चराते समय लापता हुए सांवतीनगला निवासी धीरज यादव पुत्र दीपसिंह के मामले में भी पुलिस को सुराग नहीं मिल पाया है। पांच दिन पहले नदी किनारे धीरज के कपड़े पड़े मिले थे। इसके बाद घरवालों के कहने पर पुलिस ने गोताखोरों के जरिए नदी में तलाश भी कराई लेकिन तीन दिन पहले चौकी इंचार्ज जितेंद्र गौतम का मेरठ जोन तबादला हो जाने के बाद खोजबीन ठंडी पड़ गई।
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वर्जन
दोनों मामलों में पुलिस की जांच चल रही है। पुलिस की तीन टीमों को खोजबीन में लगाया गया है। नारायण अपहरणकांड में एक-दो दिन के अंदर निष्कर्ष पर पहुंचने की पूरी उम्मीद है। सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है।
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-विनोद कुमार, प्रभारी निरीक्षक
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