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ट्रेन के आगे कूदकर मानसिक मंदित बुजुर्ग ने दी जान
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:55 PM IST
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मौके पर पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। शहर से सटे दातागंज रेलवे क्रॉसिंग के पास एक मानसिक मंदित बुजुर्ग ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जीआरपी और सिविल लाइंस थाना पुलिस के बीच सीमा विवाद के चलते करीब एक घंटे तक शव ट्रैक पर पड़ा रहा। आखिर में सिविल लाइंस पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा।
सदर कोतवाली क्षेत्र के पनवड़िया मोहल्ला निवासी 60 वर्षीय गंगा प्रसाद मिट्टी के खिलौने बनाने का काम करता था। लंबे समय से गंगा प्रसाद मानसिक रूप से मंदित थे। चार साल से मानसिक चिकित्सालय बरेली से उसका इलाज चल रहा था। बड़ा बेटा राजेंद्र शहर के शराब कारोबारी के यहां मैनेजर है। राजेंद्र के मुताबिक मंगलवार सुबह 10 बजे उसके पिता गंगा प्रसाद घर से निकले थे। दोपहर करीब दो बजे दातागंज रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक रेलवे ट्रैक पर बरेली से कासगंज जा रही ट्रेन के आगे कूदकर उन्होंने सुसाइड कर लिया। ट्रेन की चपेट में आने से शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। घटना की जानकारी के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोग मृतक की शिनाख्त के प्रयास में जुटे थे। तभी भीड़ में शामिल एक युवक ने शिनाख्त होने पर मृतक के बेटे राजेंद्र को घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना पर जीआरपी दरोगा खड़ग सिंह पहुंचे और घटनास्थल सिविल लाइंस पुलिस के क्षेत्र का बातकर पंचनामा भरने से इंकार कर दिया। सीमा विवाद के चलते करीब एक घंटे शव ट्रैक पर पड़ा रहा। ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी होने की सूचना पर चौकी इंचार्ज जवाहरपुरी अशोक कुमार को आखिरकार पंचनामा भर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा।
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घर से अक्सर गायब रहते थे गंगा प्रसाद
गंगा प्रसाद मानसिक रूप से मंदित थे। घर से वह अधिकतर बाहर रहते थे। बड़े बेटे राजेंद्र के मुुताबिक सुबह होने ही उसकी पिता घरवालों को बिना बताए निकल जाते थे। रात में घर पहुंचने का भी गंगा सहाय का कोई समय नहीं था। परिवारीजन उन्हें लेकर चिंतित थे, लेकिन मानसिक हालत खराब होने की वजह से गंगा सहाय घर में किसी की नहीं सुनते थे।
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वर्जन-
ट्रेन के आगे कूदकर बुजुर्ग ने सुसाइड किया है। परिवार वालों ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से मंदित था, चार साल से उसका इलाज चल रहा था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- वीरेंद्र सिंह यादव, सीओ सिटी
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सदर कोतवाली क्षेत्र के पनवड़िया मोहल्ला निवासी 60 वर्षीय गंगा प्रसाद मिट्टी के खिलौने बनाने का काम करता था। लंबे समय से गंगा प्रसाद मानसिक रूप से मंदित थे। चार साल से मानसिक चिकित्सालय बरेली से उसका इलाज चल रहा था। बड़ा बेटा राजेंद्र शहर के शराब कारोबारी के यहां मैनेजर है। राजेंद्र के मुताबिक मंगलवार सुबह 10 बजे उसके पिता गंगा प्रसाद घर से निकले थे। दोपहर करीब दो बजे दातागंज रेलवे क्रॉसिंग के नजदीक रेलवे ट्रैक पर बरेली से कासगंज जा रही ट्रेन के आगे कूदकर उन्होंने सुसाइड कर लिया। ट्रेन की चपेट में आने से शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। घटना की जानकारी के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। लोग मृतक की शिनाख्त के प्रयास में जुटे थे। तभी भीड़ में शामिल एक युवक ने शिनाख्त होने पर मृतक के बेटे राजेंद्र को घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना पर जीआरपी दरोगा खड़ग सिंह पहुंचे और घटनास्थल सिविल लाइंस पुलिस के क्षेत्र का बातकर पंचनामा भरने से इंकार कर दिया। सीमा विवाद के चलते करीब एक घंटे शव ट्रैक पर पड़ा रहा। ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी होने की सूचना पर चौकी इंचार्ज जवाहरपुरी अशोक कुमार को आखिरकार पंचनामा भर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा।
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घर से अक्सर गायब रहते थे गंगा प्रसाद
गंगा प्रसाद मानसिक रूप से मंदित थे। घर से वह अधिकतर बाहर रहते थे। बड़े बेटे राजेंद्र के मुुताबिक सुबह होने ही उसकी पिता घरवालों को बिना बताए निकल जाते थे। रात में घर पहुंचने का भी गंगा सहाय का कोई समय नहीं था। परिवारीजन उन्हें लेकर चिंतित थे, लेकिन मानसिक हालत खराब होने की वजह से गंगा सहाय घर में किसी की नहीं सुनते थे।
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वर्जन-
ट्रेन के आगे कूदकर बुजुर्ग ने सुसाइड किया है। परिवार वालों ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से मंदित था, चार साल से उसका इलाज चल रहा था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- वीरेंद्र सिंह यादव, सीओ सिटी