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भीड़ ने फिर ढहाईं निर्माणाधीन दीवारें, मारपीट देख भागे मजदूर
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उझानी (बदायूं)। कछला रोड बाजार में खाली पड़े भूखंड पर चल रहे निर्माण कार्य को लेकर मंगलवार शाम को फिर हंगामा हो गया। कश्यप समाज के लोगों ने भूखंड को अपना दसवां संस्कार स्थल बताकर आधी से अधिक बन चुकीं तीनों दीवारों को ढहा दिया। भीड़ में शामिल लोगों और निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे व्यक्तियों में हाथापाई भी हो गई। यह देख मजदूर मौके से भाग गए। सूचना के बाद पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस कर्मियों और पूर्व पालिका सदस्य के बीच नोकझोंक हुई। करीब घंटाभर की मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को तो शांत कर दिया लेकिन इसे लेकर दोनों पक्षों में तनाव का माहौल बन गया है।
निर्माणाधीन स्थल पर हंगामे का मामला शाम करीब पांच बजे का है। नझियाई मोहल्ला निवासी कश्यप समाज के लोगों की भीड़ जिस समय मौके पर पहुंची, तब निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे लोग भी मौजूद थे। भीड़ ने निर्माण कार्य को रोकने की चेतावनी भी दी। काम रुकता नहीं देख भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने एक-एक करके तीनों दीवारों का अधिकतर हिस्सा ढहा दिया। मेन मार्केट की तरफ लगे लोहे के गेट को भी गिरा दिया गया। तोड़फोड़ और हंगामे के दौरान भीड़ में शामिल लोगों और दूसरे पक्ष के व्यक्तियों के बीच हाथापाई भी हुई। हालांकि निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे व्यक्तियों ने एक व्यक्ति का मालिकाना हक बताते हुए भीड़ को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन पूर्व पालिका सदस्य चंद्रपाल कश्यप ने भूखंड को कश्यप समाज का दसवां संस्कार स्थल होने का दावा किया। सूचना के बाद पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस कर्मियों और पूर्व पालिका सदस्य के बीच नोकझोंक हो गई। भीड़ को समझाकर मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। बता दें कि मंगलवार सुबह और तीन दिन पहले भी निर्माण कार्य को ढहाया गया था लेकिन बाद में निर्माण ने फिर रफ्तार पकड़ ली थी।
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आंवला सांसद ने दिलाया कार्रवाई का भरोसा
उझानी। निर्माण कार्य रुकवाने के लिए कश्यप समाज के कई लोग मंगलवार सुबह आंवला से भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप से मिले। पूर्व पालिका सदस्य चंद्रपाल कश्यप समेत लोगों ने उनसे कार्रवाई की गुहार भी लगाई। चंद्रपाल ने बताया कि सांसद ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए अफसरों से बात की थी। इसके बाद भी निर्माण कार्य चलता रहा। इधर, कश्यप समाज के लोगों ने एक नेता की भूमिका पर भी सवाल उठाया है।
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वर्जन
दोनों पक्ष के लोगों से बात करके उनसे भूमि के कागज मांगे गए हैं। भूमि का मालिक कौन है, इसका फैसला राजस्व विभाग के अफसर करेंगे। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कार्रवाई को कोतवाली में तहरीर भी नहीं दी गई है।
- रामऔतार, एसएसआई
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निर्माणाधीन स्थल पर हंगामे का मामला शाम करीब पांच बजे का है। नझियाई मोहल्ला निवासी कश्यप समाज के लोगों की भीड़ जिस समय मौके पर पहुंची, तब निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे लोग भी मौजूद थे। भीड़ ने निर्माण कार्य को रोकने की चेतावनी भी दी। काम रुकता नहीं देख भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने एक-एक करके तीनों दीवारों का अधिकतर हिस्सा ढहा दिया। मेन मार्केट की तरफ लगे लोहे के गेट को भी गिरा दिया गया। तोड़फोड़ और हंगामे के दौरान भीड़ में शामिल लोगों और दूसरे पक्ष के व्यक्तियों के बीच हाथापाई भी हुई। हालांकि निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे व्यक्तियों ने एक व्यक्ति का मालिकाना हक बताते हुए भीड़ को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन पूर्व पालिका सदस्य चंद्रपाल कश्यप ने भूखंड को कश्यप समाज का दसवां संस्कार स्थल होने का दावा किया। सूचना के बाद पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस कर्मियों और पूर्व पालिका सदस्य के बीच नोकझोंक हो गई। भीड़ को समझाकर मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। बता दें कि मंगलवार सुबह और तीन दिन पहले भी निर्माण कार्य को ढहाया गया था लेकिन बाद में निर्माण ने फिर रफ्तार पकड़ ली थी।
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आंवला सांसद ने दिलाया कार्रवाई का भरोसा
उझानी। निर्माण कार्य रुकवाने के लिए कश्यप समाज के कई लोग मंगलवार सुबह आंवला से भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप से मिले। पूर्व पालिका सदस्य चंद्रपाल कश्यप समेत लोगों ने उनसे कार्रवाई की गुहार भी लगाई। चंद्रपाल ने बताया कि सांसद ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए अफसरों से बात की थी। इसके बाद भी निर्माण कार्य चलता रहा। इधर, कश्यप समाज के लोगों ने एक नेता की भूमिका पर भी सवाल उठाया है।
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दोनों पक्ष के लोगों से बात करके उनसे भूमि के कागज मांगे गए हैं। भूमि का मालिक कौन है, इसका फैसला राजस्व विभाग के अफसर करेंगे। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कार्रवाई को कोतवाली में तहरीर भी नहीं दी गई है।
- रामऔतार, एसएसआई