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दो घंटे उपद्रवियों के हवाले रहा गांव
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:03 AM IST
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बिल्सी। बेहटा गोसाईं गांव बुधवार रात करीब दो घंटे उपद्रवियों के हवाले रहा। मौके पर मौजूद पुलिस वाले दूर खड़े देखते रहे और उपद्रवी ईंट-पत्थर और गोलियां चलाते रहे। अंधेरा नहीं होता तो उपद्रव और देर तक होता।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का जुलूस जिस टेंपो स्टैंड से शुरू होता है उसके आसपास दूसरे समुदाय के लोग रहते हैं। बवाल शुरू होने पर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने आला अफसरों को सूचना नहीं दी। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अफसरों को बताने के बजाय खुद संभालने की कोशिश करते रहे। मगर तब तक उपद्रवी बेकाबू हो चुके थे। पथराव कर रहे लोगों ने पुलिस कर्मियों और उनके वाहनों को भी निशाना बनाया। खुद को बचाने के लिए पुलिस वाले दूर खड़े रहे। करीब दो घंटे तक गांव में अराजकता का माहौल रहा। घरों की छत और इधर-उधर गलियों में मौजूद लोग पुलिस के ईंट-पत्थर और गोलियां चला रहे थे। उपद्रव इतना बढ़ गया कि अफसरों के समझाने पर भी लोग नहीं आ रहे थे। करीब दो घंटे बाद रात आठ बजे अंधेरा होने पर लोग खुद ही शांत हुए।
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लोगों की नब्ज टटोलने में फेल हुई पुलिस
बेहटा गुसाई गांव में दोनों समुदायों की आबादी में 60 और 40 प्रतिशत का अनुपात होगा। इससे त्योहारों पर अक्सर दोनों समुदायों के बीच विवाद होता रहता है। बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का जुलूस दूसरे समुदाय की बस्ती से होकर गुजरना था। बावजूद इसके जुलूस को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का जुलूस जिस टेंपो स्टैंड से शुरू होता है उसके आसपास दूसरे समुदाय के लोग रहते हैं। बवाल शुरू होने पर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने आला अफसरों को सूचना नहीं दी। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अफसरों को बताने के बजाय खुद संभालने की कोशिश करते रहे। मगर तब तक उपद्रवी बेकाबू हो चुके थे। पथराव कर रहे लोगों ने पुलिस कर्मियों और उनके वाहनों को भी निशाना बनाया। खुद को बचाने के लिए पुलिस वाले दूर खड़े रहे। करीब दो घंटे तक गांव में अराजकता का माहौल रहा। घरों की छत और इधर-उधर गलियों में मौजूद लोग पुलिस के ईंट-पत्थर और गोलियां चला रहे थे। उपद्रव इतना बढ़ गया कि अफसरों के समझाने पर भी लोग नहीं आ रहे थे। करीब दो घंटे बाद रात आठ बजे अंधेरा होने पर लोग खुद ही शांत हुए।
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लोगों की नब्ज टटोलने में फेल हुई पुलिस
बेहटा गुसाई गांव में दोनों समुदायों की आबादी में 60 और 40 प्रतिशत का अनुपात होगा। इससे त्योहारों पर अक्सर दोनों समुदायों के बीच विवाद होता रहता है। बुधवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का जुलूस दूसरे समुदाय की बस्ती से होकर गुजरना था। बावजूद इसके जुलूस को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे।
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