तो पहले से तैयार था प्लान: बालिका गृह से भागने वाली किशोरियों को पता था कब और कैसे है जाना, यहां मिली लोकेशन
जांच में सामने आया है कि किशोरियों के लापता होने के दौरान सभी कर्मचारी गहरी नींद में सो रहे थे। जब सुबह उठे तब उन्हें मामले की जानकारी हुई थी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस को सूचना दी गई।
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बदायूं के नेकपुर मोहल्ले के बालगृह (बालिका) से लापता दोनों किशोरियों के संबंध में पुलिस व डीएम की कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया बालगृह के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है। इधर देर रात उनकी लोकेशन मथुरा में मिलने की बात सामने आई है, एसपी सिटी अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया टीम रवाना हो गई है।
सामने आया है कि किशोरियों के लापता होने के दौरान सभी कर्मचारी गहरी नींद में सो रहे थे। जब सुबह उठे तब उन्हें मामले की जानकारी हुई थी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस को सूचना दी गई। माना जा रहा है कि इसमें कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। शहर के नेकपुर मोहल्ले में स्थित बालगृृह, बालिका से बृहस्पतिवार रात से दो किशोरियां लापता हैं। उनमें एक 13 साल और दूसरी 16 साल की है। छोटी शहर और बड़ी किशोरी कादरचौक थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। उन्हें न्यायालय के आदेश पर बालगृह में रखा गया था। जांच सिविल लाइंस थाना पुलिस और प्रशासनिक जांच डीआरओ महीपाल सिंह, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा कर रहीं हैं।
थाना पुलिस शुक्रवार से ही दोनों किशोरियों की तलाश में लगी है। बालगृह के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा चुके हैं लेकिन उनसे अब तक कुछ पता नहीं चला है। अंदर लगे कैमरों में केवल दोनों किशोरियां शौचालय की ओर जाती दिखाई दे रही हैं। दोनों किशोरियां बाहर कैसे निकली, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है। शनिवार को डीआरओ ने बालगृह पहुंच कर मामले की जांच की। उन्होंने कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। सभी अपने को बचाते नजर आए।
किशोरियों की तलाश में कई जगह दबिश
बाल गृह से लापता दोनों किशोरियों की तलाश में पुलिस लगी हुई है। उनकी तलाश में शुक्रवार रात से लेकर शनिवार शाम तक कई जगह दबिश दी गई। पुलिस उनके घरों पर भी गई। लड़कियां जिन लड़कों के साथ गईं थीं। पुलिस उनके यहां भी गई थी लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
...तो पहले से बना लिया गया था प्लान
दोनों किशोरियों के लापता होने के संबंध में यह माना जा रहा है कि यह प्लान पहले से बनाया गया था। किशोरियों को अच्छी तरह पता था कि उन्हें कब और कैसे बाहर जाना है। उन्हें यह भी पता था कि यहां से निकलने के बाद कहां जाना है। इसके अलावा कुछ इसके पीछे साजिश की बात भी कर रहे हैं। अब क्या ठीक है यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच शुरू कर दी गई है। बालगृह पहुंचकर कुछ जानकारियां जुटाई हैं। कर्मचारियों से भी बात की है। अभी यह पता नहीं चला है कि किशोरियां बाहर कैसे आईं। -महीपाल सिंह, डीआरओ