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हिरासत में यातना देने पर चौकी प्रभारी, चार सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज
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आरोपी चौकी इंचार्ज सत्यपाल सिंह। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। अलापुर थाने की ककराला पुलिस चौकी में युवक को हिरासत में लेकर रात भर यातना देने के आरोप में तत्कालीन चौकी प्रभारी व चार सिपाहियों समेत सात के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
मामला दो मई का है। ककराला कस्बे के वार्ड नंबर 12 निवासी नजमा पत्नी यूनिस शाह ने आरोप लगाया कि ककराला चौकी पुलिस कर्मियों ने उसके बेटे रेहान को गो तस्करी के शक में पकड़ा था। उसे पुलिस चौकी पर रात भर रखा गया। उसके साथ मारपीट की गई। उसे बिजली का करंट तक लगाया गया। इतना ही नहीं उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा भी डाला गया। उससे पांच हजार रुपये मांगे गए। दूसरे दिन सुबह उसकी हालत बिगड़ते देखकर पुलिस कर्मियों ने रेहान को चौकी से भगा दिया। उसे धमकी दी कि अगर किसी से शिकायत भी की तो उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज करा दिए जाएंगे और उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया जाएगा। थर्ड डिग्री के इस्तेमाल से युवक की हालत बिगड़ गई थी। इससे परिवार वाले चुपचाप उसका इलाज करा रहे थे।
पांच दिन पहले परिवार वाले उसे जिला अस्पताल ले गए। तब पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी हुई, जिस पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने जांच सीओ दातागंज प्रेम कुमार थापा को सौंप दी, वहीं परिवार वाले युवक को दिल्ली ले गए। इस समय उसका एक निजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
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सीओ प्रेम कुमार थापा ने शुक्रवार रात इस मामले में एसएसपी को जांच रिपोर्ट सौंपी, जिस पर उन्होंने तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए।
देर रात रेहान की मां नजमा की तहरीर पर तत्कालीन चौकी प्रभारी सत्यपाल सिंह, सिपाही नरेंद्र सिंह, शेखर चावला, सोनू, और विपिन के अलावा दो अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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यह अलापुर थाने की ककराला पुलिस चौकी का मामला है। महिला की तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने तत्कालीन चौकी इंचार्ज और चार सिपाहियों समेत सात पर मारपीट व प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने का आरोप लगाया है। सीओ दातागंज से इसकी जांच कराई गई थी। इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की गई है।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
रात भर दीं यातनाएं, सुबह सौ का नोट देकर बोले....जा करा ले इलाज
बदायूं। ककराला चौकी पुलिस की यातनाओं से रेहान और उसके परिवार वाले इतना डर गए थे कि उनकी अधिकारियों के सामने बोलने तक की हिम्मत न हुई। 26 दिन तक वह चुपचाप उसका इलाज कराते रहे। जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और उसके शरीर को झटके लगने लगे, तब कहीं परिवार वालों ने अपना मुंह खोला और एसएसपी से शिकायत की। परिवार वालों ने बताया कि पकड़ने के बाद उस दिन रात भर रेहान को यातनाएं देने के बाद सुबह पुलिस कर्मियों ने उसे सौ का नोट दिया था, और बोले थे जा अपना इलाज करा ले।
ककराला कस्बे के वार्ड नंबर 12 निवासी रेहान को चौकी पुलिस ने तब पकड़ा था, जब वह दो मई को नजदीकी कॉलोनी में अपनी मजदूरी के रुपये लेने जा रहा था। रास्ते में उसे सिपाही नरेंद्र सिंह और शेखर चावला मिले थे। वे उसे पकड़कर ककराला पुलिस चौकी ले गए। इससे दो दिन पहले चौकी पुलिस ने गैंगस्टर अमजद को पकड़ा था। उस दौरान अमजद ने भागने की कोशिश की थी। उसके छत से कूदने पर उसको चोट भी आई थी। इससे चौकी पुलिस अमजद और उसके सहयोगियों से चिढ़ गई थी। चौकी पुलिस ने रेहान पर भी अमजद का सहयोग करने का आरोप लगाया था। हालांकि परिवार वालों के मुताबिक उसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी लेकिन पुलिस ने अमजद की वजह से रेहान पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि वह पुलिस चौकी में ही बेहोश होकर गिर गया।
परिवार वालों के मुताबिक पुलिस कर्मियों ने हर तरह की यातना दी। अगले दिन सुबह उसकी हालत बिगड़ते देखकर पुलिस वालों ने उसे सौ का एक नोट देकर भगा दिया। किसी तरह युवक अपने घर पहुंचा। तब से उसका कई अस्पतालों में इलाज चला। 26 दिन तक परिवार वालों ने कोई शिकायत नहीं की। 29 मई को जब परिवार वाले युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तब उन्होंने अपना बयान दिया। इसके दूसरे दिन एसएसपी से शिकायत की गई। तब कहीं एसएसपी ने पूरे मामले की जांच कराई। शुक्रवार रात रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर कराई गई। परिवार वालों का कहना है कि रेहान की हालत ज्यादा खराब है। उसके शरीर को झटके से लग रहे हैं। उसका प्राइवेट पार्ट पर सूजन आ गई है।
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इंस्पेक्टर को चाचा बताता है सिपाही नरेंद्र, करता है अवैध वसूली
स्थानीय लोगों के मुताबिक ककराला पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही नरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह को अपना चाचा बताता है। पूरे ककराला में यह खबर है कि सिपाही इंस्पेक्टर का भतीजा है। इससे चौकी इंचार्ज भी उसके कार्यों में दखल नहीं करता। बताते हैं कि सिपाही काफी समय से चौकी पर तैनात है। इसके बावजूद उसका तबादला नहीं हुआ।
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मामला दो मई का है। ककराला कस्बे के वार्ड नंबर 12 निवासी नजमा पत्नी यूनिस शाह ने आरोप लगाया कि ककराला चौकी पुलिस कर्मियों ने उसके बेटे रेहान को गो तस्करी के शक में पकड़ा था। उसे पुलिस चौकी पर रात भर रखा गया। उसके साथ मारपीट की गई। उसे बिजली का करंट तक लगाया गया। इतना ही नहीं उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा भी डाला गया। उससे पांच हजार रुपये मांगे गए। दूसरे दिन सुबह उसकी हालत बिगड़ते देखकर पुलिस कर्मियों ने रेहान को चौकी से भगा दिया। उसे धमकी दी कि अगर किसी से शिकायत भी की तो उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज करा दिए जाएंगे और उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया जाएगा। थर्ड डिग्री के इस्तेमाल से युवक की हालत बिगड़ गई थी। इससे परिवार वाले चुपचाप उसका इलाज करा रहे थे।
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पांच दिन पहले परिवार वाले उसे जिला अस्पताल ले गए। तब पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी हुई, जिस पर एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने जांच सीओ दातागंज प्रेम कुमार थापा को सौंप दी, वहीं परिवार वाले युवक को दिल्ली ले गए। इस समय उसका एक निजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
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सीओ प्रेम कुमार थापा ने शुक्रवार रात इस मामले में एसएसपी को जांच रिपोर्ट सौंपी, जिस पर उन्होंने तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए।
देर रात रेहान की मां नजमा की तहरीर पर तत्कालीन चौकी प्रभारी सत्यपाल सिंह, सिपाही नरेंद्र सिंह, शेखर चावला, सोनू, और विपिन के अलावा दो अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
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यह अलापुर थाने की ककराला पुलिस चौकी का मामला है। महिला की तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने तत्कालीन चौकी इंचार्ज और चार सिपाहियों समेत सात पर मारपीट व प्राइवेट पार्ट में डंडा डालने का आरोप लगाया है। सीओ दातागंज से इसकी जांच कराई गई थी। इस मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की गई है।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
रात भर दीं यातनाएं, सुबह सौ का नोट देकर बोले....जा करा ले इलाज
बदायूं। ककराला चौकी पुलिस की यातनाओं से रेहान और उसके परिवार वाले इतना डर गए थे कि उनकी अधिकारियों के सामने बोलने तक की हिम्मत न हुई। 26 दिन तक वह चुपचाप उसका इलाज कराते रहे। जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई और उसके शरीर को झटके लगने लगे, तब कहीं परिवार वालों ने अपना मुंह खोला और एसएसपी से शिकायत की। परिवार वालों ने बताया कि पकड़ने के बाद उस दिन रात भर रेहान को यातनाएं देने के बाद सुबह पुलिस कर्मियों ने उसे सौ का नोट दिया था, और बोले थे जा अपना इलाज करा ले।
ककराला कस्बे के वार्ड नंबर 12 निवासी रेहान को चौकी पुलिस ने तब पकड़ा था, जब वह दो मई को नजदीकी कॉलोनी में अपनी मजदूरी के रुपये लेने जा रहा था। रास्ते में उसे सिपाही नरेंद्र सिंह और शेखर चावला मिले थे। वे उसे पकड़कर ककराला पुलिस चौकी ले गए। इससे दो दिन पहले चौकी पुलिस ने गैंगस्टर अमजद को पकड़ा था। उस दौरान अमजद ने भागने की कोशिश की थी। उसके छत से कूदने पर उसको चोट भी आई थी। इससे चौकी पुलिस अमजद और उसके सहयोगियों से चिढ़ गई थी। चौकी पुलिस ने रेहान पर भी अमजद का सहयोग करने का आरोप लगाया था। हालांकि परिवार वालों के मुताबिक उसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी लेकिन पुलिस ने अमजद की वजह से रेहान पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि वह पुलिस चौकी में ही बेहोश होकर गिर गया।
परिवार वालों के मुताबिक पुलिस कर्मियों ने हर तरह की यातना दी। अगले दिन सुबह उसकी हालत बिगड़ते देखकर पुलिस वालों ने उसे सौ का एक नोट देकर भगा दिया। किसी तरह युवक अपने घर पहुंचा। तब से उसका कई अस्पतालों में इलाज चला। 26 दिन तक परिवार वालों ने कोई शिकायत नहीं की। 29 मई को जब परिवार वाले युवक को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, तब उन्होंने अपना बयान दिया। इसके दूसरे दिन एसएसपी से शिकायत की गई। तब कहीं एसएसपी ने पूरे मामले की जांच कराई। शुक्रवार रात रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर कराई गई। परिवार वालों का कहना है कि रेहान की हालत ज्यादा खराब है। उसके शरीर को झटके से लग रहे हैं। उसका प्राइवेट पार्ट पर सूजन आ गई है।
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इंस्पेक्टर को चाचा बताता है सिपाही नरेंद्र, करता है अवैध वसूली
स्थानीय लोगों के मुताबिक ककराला पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही नरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह को अपना चाचा बताता है। पूरे ककराला में यह खबर है कि सिपाही इंस्पेक्टर का भतीजा है। इससे चौकी इंचार्ज भी उसके कार्यों में दखल नहीं करता। बताते हैं कि सिपाही काफी समय से चौकी पर तैनात है। इसके बावजूद उसका तबादला नहीं हुआ।