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युवक को यातना देने का मामलाः राजनेताओं की शरण में पहुंचे आरोपी, परिवार वालों पर बना रहे फैसले का दबाव
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ककराला। ककराला के युवक पर थर्ड डिग्री इस्तेमाल करने वाले पुलिस कर्मी राजनेताओं की शरण में पहुंच गए हैं और युवक के परिवार वालों पर फैसले का दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस मामले में नामजद आरोपी पुलिस कर्मियों ने शनिवार दोपहर नगर पालिका कार्यालय ककराला में डेरा डाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस दौरान कार्यालय में ईओ रामसिंह भी मौजूद थे। कार्यालय से जुड़े तमाम लोगों को बता दिया गया कि यह गोपनीय मीटिंग हैं। किसी को मीटिंग हॉल में आने की इजाजत नहीं है। सूत्रों के मुताबिक इससे बाहरी लोगों को अंदर जाने नहीं दिया गया। बैठक में कुछ स्थानीय नेता भी शामिल थे। संबंधित लोगों के सहयोग से युवक के परिवार वालों से बात करने की कोशिश की गई। उन पर फैसले का दबाव बनाया गया। हालांकि परिवार वाले बात करने को तैयार नहीं है। इससे आरोपी पुलिस कर्मी शाम तक नगर पालिका के कार्यालय में बैठे रहे।
बताया जा रहा है कि आरोपी पुलिस कर्मियों ने पालिका प्रशासन के सहयोग से भी परिवार वालों से बात करने की कोशिश की, लेकिन यह बेकार रही। हालांकि इस बैठक के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि यह नगर पालिका की अतिक्रमण हटाने को लेकर सामान्य बैठक थी।
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जन सूचना सेल में ट्रांसफर कर दिया गया था दरोगा
इस मामले में नामजद दरोगा सत्यपाल सिंह एसएसपी कार्यालय में स्थित जन सूचना सेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। हालांकि जब उसका ट्रांसफर किया गया था, तब तक परिवार वालों ने उसके खिलाफ शिकायत नहीं की थी। यह ट्रांसफर केवल सामान्य था। उसके बदले जन सूचना सेल में तैनात दरोगा मायाराम को ककराला पुलिस चौकी का इंचार्ज बना दिया गया। तब से मायाराम ही चौकी इंचार्ज हैं।
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इस मामले में नामजद आरोपी पुलिस कर्मियों ने शनिवार दोपहर नगर पालिका कार्यालय ककराला में डेरा डाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस दौरान कार्यालय में ईओ रामसिंह भी मौजूद थे। कार्यालय से जुड़े तमाम लोगों को बता दिया गया कि यह गोपनीय मीटिंग हैं। किसी को मीटिंग हॉल में आने की इजाजत नहीं है। सूत्रों के मुताबिक इससे बाहरी लोगों को अंदर जाने नहीं दिया गया। बैठक में कुछ स्थानीय नेता भी शामिल थे। संबंधित लोगों के सहयोग से युवक के परिवार वालों से बात करने की कोशिश की गई। उन पर फैसले का दबाव बनाया गया। हालांकि परिवार वाले बात करने को तैयार नहीं है। इससे आरोपी पुलिस कर्मी शाम तक नगर पालिका के कार्यालय में बैठे रहे।
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बताया जा रहा है कि आरोपी पुलिस कर्मियों ने पालिका प्रशासन के सहयोग से भी परिवार वालों से बात करने की कोशिश की, लेकिन यह बेकार रही। हालांकि इस बैठक के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि यह नगर पालिका की अतिक्रमण हटाने को लेकर सामान्य बैठक थी।
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जन सूचना सेल में ट्रांसफर कर दिया गया था दरोगा
इस मामले में नामजद दरोगा सत्यपाल सिंह एसएसपी कार्यालय में स्थित जन सूचना सेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। हालांकि जब उसका ट्रांसफर किया गया था, तब तक परिवार वालों ने उसके खिलाफ शिकायत नहीं की थी। यह ट्रांसफर केवल सामान्य था। उसके बदले जन सूचना सेल में तैनात दरोगा मायाराम को ककराला पुलिस चौकी का इंचार्ज बना दिया गया। तब से मायाराम ही चौकी इंचार्ज हैं।