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अलापुर प्रकरणः अब आत्महत्या के लिए उकसाने वाले तीनों आरोपियों की पुलिस को तलाश
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सुमित फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। अलापुर थाने के सामने आत्महत्या के मामले में फंसे तीनों सगे भाई फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। मामले में परिवार की तहरीर के आधार पर बुधवार देर रात हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी, जिसे भीड़ के बयान व अन्य बिंदुओं पर जांच के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में बदल दिया गया। खुद एसएसपी ने पूरे मामले का पर्यवेक्षण किया तो सार्वजनिक स्थल पर भरी दोपहर हुई घटना का सच सामने आ गया।
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब पौने दो बजे सुमित ने थाने के सामने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। दोपहर में इस सार्वजनिक स्थल पर रोज की तरह करीब दो सौ लोगों की मौजूदगी थी। चाट, फल विक्रेता से लेकर ई-रिक्शा, टेंपो वाले व जनता के लोग थे। सबने देखा कि सुमित ने किस तरह तमंचा निकालकर खुद को गोली मारी पर उस माहौल में तमाम लोग सहम गए। अधिकतर दुकानदार दुकानें बंद करके भाग गए। गोली मारने के बाद तमंचा व चार कारतूस भी मौके पर मिले। किसी हत्यारे ने ऐसा किया होता तो वहां तमंचा और कारतूस मिलने की संभावना कम रहती।
एसएसपी के मुताबिक चूंकि घटना के बाद परिवार काफी परेशान था और हत्या का सीधा आरोप लगा रहा था तो कानून व्यवस्था की स्थिति देखते हुए दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट लिख ली गई। हालांकि स्थानीय लोगों के बयान व दूसरे सभी विधिक तरीकों से जांच के आदेश भी दिए गए। इसी वजह से सभी चाट, पकौड़ी, फल विक्रेता, दुकानदार और वाहनों के ड्राइवरों समेत करीब सौ लोगों के बयान दर्ज किए गए। इन सभी ने आत्महत्या की बात बताई। एसएसपी ने बताया कि जांच में लेनदेन का मामला सामने आया है। रुपये मांगने के दौरान दो पक्षों में विवाद हुआ था। सूचना पर यूपी 112 पुलिस पहुंची थी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई थी। सुमित बाद में आया और थाने के गेट पर खुद को गोली मार ली। परिवार की तहरीर पर व्यापारी मदनलाल के बेटों रोबिन गुप्ता, गौरव गुप्ता और पिंटू के खिलाफ बुधवार देर रात हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई। अब हकीकत के मुताबिक कार्रवाई की है।
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सुमित ने गोली मारकर आत्महत्या की थी। ये थाने के सामने मौजूद भीड़ ने देखा था। तहरीर आई थी तो उसके मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मामला आत्महत्या का ही निकला। लोगों के बयान व सभी पहलुओं पर जांच में यह साबित हो गया। हालांकि आत्महत्या को उकसाने जैसी बात स्पष्ट होने पर दोषियों के खिलाफ हत्या की धारा को संबंधित धारा 306 में बदल दिया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े थे परिजन, पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
अलापुर (बदायूं)। हत्यारोपी सुमित के परिजन बृहस्पतिवार सुबह आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए। उन्होंने सुमित के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो अंत्येष्टि हो सकी।
थाना पुलिस ने बुधवार शाम सुमित के शव का पोस्टमार्टम करा दिया था। परिवारवाले शव को अपने घर ले गए। बृहस्पतिवार सुबह वह फिर हत्या का आरोप लगाकर अंतिम संस्कार से इनकार करने लगे। उनका कहना था कि उन्हें नहीं पता कि कितने रुपयों की बात थी। व्यापारी की सुमित से ही बात होती थी। आरोप लगाया कि बुधवार दोपहर रोबिन गुप्ता, गौरव गुप्ता और पिंटू ने सुमित को अपनी दुकान पर बुलाकर उसकी हत्या कर दी।
बृहस्पतिवार को परिवार वाले आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। खलबली मची तो थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने परिवार को बताया कि नामजद फरार हो गए हैं। उन्होंने शक के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने पकड़े गए एक नामजद आरोपी को वीडियो कॉल से थाने में बैठे हुए भी दिखाया।
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अलापुर थाने के बाहर सुनसान, दुकान बंद करके भागा व्यापारी
बृहस्पतिवार को अलापुर थाने के सामने का इलाका सुनसान पड़ा रहा। इस रोड पर कोई दुकान नहीं खुली। वहीं व्यापारी भी अपनी दुकान खोलने नहीं आया। बताया जा रहा है कि व्यापारी मदनलाल गुप्ता भी अपनी दुकान बंद करके कहीं चला गया है।
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मौके पर पीएसी तैनात
अलापुर थाने के सामने बुधवार को जिस जगह सुमित ने गोली मारकर जान दी थी, वहां पीएसी को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ पुलिस कर्मियों को भी लगाया गया है। थाना पुलिस नजर बनाए हुए है।
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परिवार बोला- पुलिस जल्दी पकड़े आरोपियों को
सुमित के भाई दिलीप ने कहा कि उसके भाई ने आत्महत्या नहीं की। उसकी हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। उन्होंने रिपोर्ट लिखा दी है। पुलिस को नियमानुसार कार्रवाई करके दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए।
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मुंह पर अंगोछा बांधकर थाने के सामने पहुंचा था सुमित
बदायूं। सराफा व्यापारी का हत्यारोपी सुमित अलापुर थाने के सामने अंगोछे से अपना चेहरा ढककर पहुंचा था। उसके हाथ में एक बैग था, जिसमें एक तमंचा, चार कारतूस और दो मोबाइल रखे थे। इन बिंदुओं को विवेचना में शामिल किया जा रहा है।
सुमित गुप्ता हजरतपुर के राकेश गुप्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। उसने भाड़े के हत्यारे भेजकर राकेश की हत्या कराई थी।
इस मामले में जिस समय रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था तब सुमित ने बदायूं में होने की बात कही थी। जबकि उसका भाई दिलीप और सौरभ थाने में बैठे थे। सूत्र बताते हैं कि उन्हें छुड़ाने और रुपये लौटाने के संबंध में उसकी व्यापारी मदनलाल गुप्ता से मोबाइल पर बात हुई थी। तब उसने बताया कि वह सखानू आ गया है। कस्बे में पहुंचकर उनके रुपये दे देगा। वह एक युवक के साथ बाइक पर अलापुर पहुंचा था। उसने कोठी नाम के एक सरकारी भवन पर व्यापारी को बुलाया था लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया। तब सुमित बोला कि वह खुद ही दुकान आ रहा है। जब सुमित उसकी दुकान पर पहुंचा। तब उसका चेहरा अंगोछे से ढका था। उसके हाथ में बैग था। उसकी व्यापारी से कुछ नोकझोंक हुई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान वह दुकान से हटकर सड़क पर आया और तमंचा निकालकर खुद को गोली मार ली। उसके चार कारतूस साथ रखने और चेहरा ढककर जाने पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। संवाद
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एसएसपी डॉ. ओपी सिंह के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब पौने दो बजे सुमित ने थाने के सामने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। दोपहर में इस सार्वजनिक स्थल पर रोज की तरह करीब दो सौ लोगों की मौजूदगी थी। चाट, फल विक्रेता से लेकर ई-रिक्शा, टेंपो वाले व जनता के लोग थे। सबने देखा कि सुमित ने किस तरह तमंचा निकालकर खुद को गोली मारी पर उस माहौल में तमाम लोग सहम गए। अधिकतर दुकानदार दुकानें बंद करके भाग गए। गोली मारने के बाद तमंचा व चार कारतूस भी मौके पर मिले। किसी हत्यारे ने ऐसा किया होता तो वहां तमंचा और कारतूस मिलने की संभावना कम रहती।
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एसएसपी के मुताबिक चूंकि घटना के बाद परिवार काफी परेशान था और हत्या का सीधा आरोप लगा रहा था तो कानून व्यवस्था की स्थिति देखते हुए दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट लिख ली गई। हालांकि स्थानीय लोगों के बयान व दूसरे सभी विधिक तरीकों से जांच के आदेश भी दिए गए। इसी वजह से सभी चाट, पकौड़ी, फल विक्रेता, दुकानदार और वाहनों के ड्राइवरों समेत करीब सौ लोगों के बयान दर्ज किए गए। इन सभी ने आत्महत्या की बात बताई। एसएसपी ने बताया कि जांच में लेनदेन का मामला सामने आया है। रुपये मांगने के दौरान दो पक्षों में विवाद हुआ था। सूचना पर यूपी 112 पुलिस पहुंची थी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई थी। सुमित बाद में आया और थाने के गेट पर खुद को गोली मार ली। परिवार की तहरीर पर व्यापारी मदनलाल के बेटों रोबिन गुप्ता, गौरव गुप्ता और पिंटू के खिलाफ बुधवार देर रात हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई। अब हकीकत के मुताबिक कार्रवाई की है।
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सुमित ने गोली मारकर आत्महत्या की थी। ये थाने के सामने मौजूद भीड़ ने देखा था। तहरीर आई थी तो उसके मुताबिक रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मामला आत्महत्या का ही निकला। लोगों के बयान व सभी पहलुओं पर जांच में यह साबित हो गया। हालांकि आत्महत्या को उकसाने जैसी बात स्पष्ट होने पर दोषियों के खिलाफ हत्या की धारा को संबंधित धारा 306 में बदल दिया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
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आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े थे परिजन, पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
अलापुर (बदायूं)। हत्यारोपी सुमित के परिजन बृहस्पतिवार सुबह आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए। उन्होंने सुमित के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो अंत्येष्टि हो सकी।
थाना पुलिस ने बुधवार शाम सुमित के शव का पोस्टमार्टम करा दिया था। परिवारवाले शव को अपने घर ले गए। बृहस्पतिवार सुबह वह फिर हत्या का आरोप लगाकर अंतिम संस्कार से इनकार करने लगे। उनका कहना था कि उन्हें नहीं पता कि कितने रुपयों की बात थी। व्यापारी की सुमित से ही बात होती थी। आरोप लगाया कि बुधवार दोपहर रोबिन गुप्ता, गौरव गुप्ता और पिंटू ने सुमित को अपनी दुकान पर बुलाकर उसकी हत्या कर दी।
बृहस्पतिवार को परिवार वाले आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़ गए। खलबली मची तो थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने परिवार को बताया कि नामजद फरार हो गए हैं। उन्होंने शक के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने पकड़े गए एक नामजद आरोपी को वीडियो कॉल से थाने में बैठे हुए भी दिखाया।
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अलापुर थाने के बाहर सुनसान, दुकान बंद करके भागा व्यापारी
बृहस्पतिवार को अलापुर थाने के सामने का इलाका सुनसान पड़ा रहा। इस रोड पर कोई दुकान नहीं खुली। वहीं व्यापारी भी अपनी दुकान खोलने नहीं आया। बताया जा रहा है कि व्यापारी मदनलाल गुप्ता भी अपनी दुकान बंद करके कहीं चला गया है।
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मौके पर पीएसी तैनात
अलापुर थाने के सामने बुधवार को जिस जगह सुमित ने गोली मारकर जान दी थी, वहां पीएसी को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ पुलिस कर्मियों को भी लगाया गया है। थाना पुलिस नजर बनाए हुए है।
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परिवार बोला- पुलिस जल्दी पकड़े आरोपियों को
सुमित के भाई दिलीप ने कहा कि उसके भाई ने आत्महत्या नहीं की। उसकी हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। उन्होंने रिपोर्ट लिखा दी है। पुलिस को नियमानुसार कार्रवाई करके दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए।
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मुंह पर अंगोछा बांधकर थाने के सामने पहुंचा था सुमित
बदायूं। सराफा व्यापारी का हत्यारोपी सुमित अलापुर थाने के सामने अंगोछे से अपना चेहरा ढककर पहुंचा था। उसके हाथ में एक बैग था, जिसमें एक तमंचा, चार कारतूस और दो मोबाइल रखे थे। इन बिंदुओं को विवेचना में शामिल किया जा रहा है।
सुमित गुप्ता हजरतपुर के राकेश गुप्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। उसने भाड़े के हत्यारे भेजकर राकेश की हत्या कराई थी।
इस मामले में जिस समय रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था तब सुमित ने बदायूं में होने की बात कही थी। जबकि उसका भाई दिलीप और सौरभ थाने में बैठे थे। सूत्र बताते हैं कि उन्हें छुड़ाने और रुपये लौटाने के संबंध में उसकी व्यापारी मदनलाल गुप्ता से मोबाइल पर बात हुई थी। तब उसने बताया कि वह सखानू आ गया है। कस्बे में पहुंचकर उनके रुपये दे देगा। वह एक युवक के साथ बाइक पर अलापुर पहुंचा था। उसने कोठी नाम के एक सरकारी भवन पर व्यापारी को बुलाया था लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया। तब सुमित बोला कि वह खुद ही दुकान आ रहा है। जब सुमित उसकी दुकान पर पहुंचा। तब उसका चेहरा अंगोछे से ढका था। उसके हाथ में बैग था। उसकी व्यापारी से कुछ नोकझोंक हुई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान वह दुकान से हटकर सड़क पर आया और तमंचा निकालकर खुद को गोली मार ली। उसके चार कारतूस साथ रखने और चेहरा ढककर जाने पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। संवाद