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मामला दुष्कर्म का, दहेज एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर लगाई चार्जशीट
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बदायूं। शहर कोतवाली पुलिस की एक और कारगुजारी सामने आई है। शहर की एक युवती ने खुद को अविवाहित होने का दावा किया है। आरोप है कि जिस युवक ने उसके साथ फेसबुक पर दोस्ती कर दुष्कर्म किया पुलिस ने उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज कर हाथ झाड़ लिए। और तो और बिना छानबीन किए, बयान दर्ज किए मात्र दस दिन में चार्जशीट भी लगा दी। उसने कोतवाली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची युवती ने बताया कि जनवरी 2020 में वह नाबालिग थी। उस दौरान एक मोहल्ला निवासी युवक से उसकी फेसबुक पर दोस्ती हुई। वह ज्यादा समझदार नहीं थी। इससे उक्त युवक उसे बहला फुसलाकर ले गया। बदायूं और दिल्ली के कई स्थानों पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसे गर्भ निरोधक दवाइयां खिलाई गईं। उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया।
आरोप है कि इस संबंध में उसने शहर कोतवाली पुलिस से शिकायत की। तीन दिन उसे कार्रवाई के नाम पर बुलाया जाता रहा। इस दौरान उससे कुछ सादा कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। उसकी ओर से आरोपी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया गया। उसे न तो बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया और न ही पुलिस उसके घर आई। इसमें सबसे हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने दो अक्तूबर 2021 को एफआईआर दर्ज की थी और दस दिन बाद 12 अक्तूबर को चार्जशीट भी लगा दी।
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विवेचक ने एक बार भी उसके बयान दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई। पीड़िता ने कोतवाली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अपने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
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कोई भी एफआईआर वादी की तहरीर पर दर्ज होती है। इसमें भी ऐसा ही हुआ होगा। अब सच्चाई क्या है, इसकी जांच कराने के बाद ही पता चलेगा। फिर भी मामले की जानकारी करेंगे। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी
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बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची युवती ने बताया कि जनवरी 2020 में वह नाबालिग थी। उस दौरान एक मोहल्ला निवासी युवक से उसकी फेसबुक पर दोस्ती हुई। वह ज्यादा समझदार नहीं थी। इससे उक्त युवक उसे बहला फुसलाकर ले गया। बदायूं और दिल्ली के कई स्थानों पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसे गर्भ निरोधक दवाइयां खिलाई गईं। उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया।
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आरोप है कि इस संबंध में उसने शहर कोतवाली पुलिस से शिकायत की। तीन दिन उसे कार्रवाई के नाम पर बुलाया जाता रहा। इस दौरान उससे कुछ सादा कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। उसकी ओर से आरोपी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर लिया गया। उसे न तो बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया और न ही पुलिस उसके घर आई। इसमें सबसे हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने दो अक्तूबर 2021 को एफआईआर दर्ज की थी और दस दिन बाद 12 अक्तूबर को चार्जशीट भी लगा दी।
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विवेचक ने एक बार भी उसके बयान दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई। पीड़िता ने कोतवाली पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अपने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
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कोई भी एफआईआर वादी की तहरीर पर दर्ज होती है। इसमें भी ऐसा ही हुआ होगा। अब सच्चाई क्या है, इसकी जांच कराने के बाद ही पता चलेगा। फिर भी मामले की जानकारी करेंगे। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीन सिंह चौहान, एसपी सिटी