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दहेज हत्या में पति को 10 साल की कैद, जुर्माना
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बदायूं। दहेज हत्या के जुर्म में स्पेशल जज डकैती कोर्ट रमाशंकर सिंह ने मृतका के पति को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
थाना दातागंज के भटौली निवासी ऋषिपाल ने 27 जून 2014 को रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वादी ने घटना से छह साल पहले अपनी पुत्री आरती की शादी प्रेमशंकर पुत्र दाताराम निवासी नगरिया खुर्द थाना दातागंज जिला बदायूं के साथ की थी। आरती के ससुराल वाले पति सास-ससुर अतिरिक्त दहेज लाने को प्रताड़ित करते थे।आरती का पति प्रेम शंकर यह कहने लगा कि छोटी पुत्री की शादी में तुमने बहुत दहेज दिया है। मुझे भी एक लाख रुपये दहेज में दो। वादी ने असमर्थता जताई। 25 जून को प्रेमशंकर झगड़ा कर वादी की पुत्री आरती को अपने साथ ले गया। 27 जून 2014 को वादी ऋषिपाल को सूचना मिली कि उसकी पुत्री आरती की ससुराल वालों ने गला दबाकर हत्या कर दी है। वादी ने पति प्रेमशंकर, ससुर दाताराम, सास विद्यावती उर्फ नन्ही, देवर प्रवेश और ननद प्रीति और शिवानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने प्रेमशंकर, दाताराम और विद्यावती उर्फ नन्ही के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। वादी ने देवर प्रवेश को धारा 319 सीआरपीसी के तहत विचारण के लिए तलब कराया।
स्पेशल जज डकैती रमाशंकर सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजेश बाबू शर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने ससुर दाताराम, सास विद्यावती उर्फ नन्ही, देवर प्रवेश को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। वहीं पति प्रेमशंकर को दहेज हत्या के मामले में दोषी ठहराया। प्रेमशंकर को 10 साल की सजा सुनाई है और तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
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थाना दातागंज के भटौली निवासी ऋषिपाल ने 27 जून 2014 को रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वादी ने घटना से छह साल पहले अपनी पुत्री आरती की शादी प्रेमशंकर पुत्र दाताराम निवासी नगरिया खुर्द थाना दातागंज जिला बदायूं के साथ की थी। आरती के ससुराल वाले पति सास-ससुर अतिरिक्त दहेज लाने को प्रताड़ित करते थे।आरती का पति प्रेम शंकर यह कहने लगा कि छोटी पुत्री की शादी में तुमने बहुत दहेज दिया है। मुझे भी एक लाख रुपये दहेज में दो। वादी ने असमर्थता जताई। 25 जून को प्रेमशंकर झगड़ा कर वादी की पुत्री आरती को अपने साथ ले गया। 27 जून 2014 को वादी ऋषिपाल को सूचना मिली कि उसकी पुत्री आरती की ससुराल वालों ने गला दबाकर हत्या कर दी है। वादी ने पति प्रेमशंकर, ससुर दाताराम, सास विद्यावती उर्फ नन्ही, देवर प्रवेश और ननद प्रीति और शिवानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने प्रेमशंकर, दाताराम और विद्यावती उर्फ नन्ही के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। वादी ने देवर प्रवेश को धारा 319 सीआरपीसी के तहत विचारण के लिए तलब कराया।
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स्पेशल जज डकैती रमाशंकर सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजेश बाबू शर्मा और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने ससुर दाताराम, सास विद्यावती उर्फ नन्ही, देवर प्रवेश को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। वहीं पति प्रेमशंकर को दहेज हत्या के मामले में दोषी ठहराया। प्रेमशंकर को 10 साल की सजा सुनाई है और तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
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