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पीडब्ल्यूडी ठेकेदार की कार का शीशा तोड़कर साढ़े तीन लाख रुपये चोरी
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इसी कार से शीशा तोड़कर चोरी हुए थे रुपये। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। सिविल लाइंस इलाके में पीडब्ल्यूडी कार्यालय के सामने खड़ी ठेकेदार की कार का शीशा तोड़कर बदमाश साढ़े तीन लाख रुपये चोरी करके भाग गए। कार्यालय का काम निपटाकर ठेकेदार जब लौटे तो कार का शीशा टूटा देख सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। ठेकेदार की ओर से मामले की तहरीर दी गई है।
सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव मलिकपुर बिचौला निवासी नरेश कुमार पीडब्ल्यूडी ठेकेदार हैं। उनका परिवार बदायूं के नेकपुर मोहल्ले में रहता है। नरेश कुमार के मुताबिक बुधवार दोपहर उन्होंने अपने साथी ठेकेदार गिरीश यादव से 3.45 लाख रुपये मांगे थे। गिरीश ने उनसे कहा था कि वह बैंक ऑफ बड़ौदा की नेकपुर ब्रांच पर पहुंचें। वहीं से रुपये निकालकर उन्हें दे देंगे। उन्होंने सवा 11 बजे बैंक से रुपये निकाले। नरेश ने बेटे अखिलेश को कार लेकर रुपये लेने भेज दिया। गिरीश यादव ने उनके बेटे के हाथ में रुपये देना सुरक्षित नहीं समझा तो उन्होंने नरेश कुमार को बुला लिया और रुपये उन्हें दे दिया। नरेश ने रुपये कार में रखे और बेटे के साथ वहां से चले आए। इसके बाद कुछ दूर स्थित पीडब्ल्यूडी के सामने सड़क किनारे कार खड़ी कर दी और दोनों पिता-पुत्र पीडब्ल्यूडी कार्यालय के अंदर चले गए। कुछ देर बाद लौटे तो कार का शीशा टूटा हुआ था। कार के अंदर रखे रुपये भी गायब थे। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। जिस पर एसआई सत्य सिंह यादव मौके पर पहुंच गए। एसआई ने आसपास के लोगों से जानकारी ली, लेकिन चोरों का कुछ पता नहीं चला। बताते हैं कि इस दौरान पीडब्ल्यूडी के सामने होटल पर कई लोग बैठे चाय पीते रहे, लेकिन किसी को शीशा टूटने या रुपये चोरी होने की भनक तक नहीं लगी। बाद में इंस्पेक्टर सुधाकर पांडेय भी पहुंचे। राजकीय ठेकेदार ने अज्ञात चोरों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
..तो बैंक से पीछे लगे थे चोर
कार में रुपये रखे होने के बारे में या तो ठेकेदार या उनका बेटा जानता था या फिर जिन्होंने अपने खाते से रुपये निकालकर उन्हें दिए थे। वो जानते थे कि कार में रुपये रखा है। इससे लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि चोर बैंक से पीछे लगे होंगे। उन्होंने बैंक में अखिलेश को रुपये गिनते हुए देखा होगा। उसके बाद कार के पीछे लग गए होंगे। जैसे ही उन्होंने कार को अकेला देखा कि उसका शीशा तोड़कर रुपये चोरी करके ले गए।
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एक कार से शीशा तोड़कर रुपये चोरी हुए हैं। सूचना पर पुलिस को मौके पर भेजा गया। हम खुद मौके पर गए। मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। उसके बाद ही कुछ पता चल पाएगा। - सुधाकर पांडेय
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सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव मलिकपुर बिचौला निवासी नरेश कुमार पीडब्ल्यूडी ठेकेदार हैं। उनका परिवार बदायूं के नेकपुर मोहल्ले में रहता है। नरेश कुमार के मुताबिक बुधवार दोपहर उन्होंने अपने साथी ठेकेदार गिरीश यादव से 3.45 लाख रुपये मांगे थे। गिरीश ने उनसे कहा था कि वह बैंक ऑफ बड़ौदा की नेकपुर ब्रांच पर पहुंचें। वहीं से रुपये निकालकर उन्हें दे देंगे। उन्होंने सवा 11 बजे बैंक से रुपये निकाले। नरेश ने बेटे अखिलेश को कार लेकर रुपये लेने भेज दिया। गिरीश यादव ने उनके बेटे के हाथ में रुपये देना सुरक्षित नहीं समझा तो उन्होंने नरेश कुमार को बुला लिया और रुपये उन्हें दे दिया। नरेश ने रुपये कार में रखे और बेटे के साथ वहां से चले आए। इसके बाद कुछ दूर स्थित पीडब्ल्यूडी के सामने सड़क किनारे कार खड़ी कर दी और दोनों पिता-पुत्र पीडब्ल्यूडी कार्यालय के अंदर चले गए। कुछ देर बाद लौटे तो कार का शीशा टूटा हुआ था। कार के अंदर रखे रुपये भी गायब थे। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। जिस पर एसआई सत्य सिंह यादव मौके पर पहुंच गए। एसआई ने आसपास के लोगों से जानकारी ली, लेकिन चोरों का कुछ पता नहीं चला। बताते हैं कि इस दौरान पीडब्ल्यूडी के सामने होटल पर कई लोग बैठे चाय पीते रहे, लेकिन किसी को शीशा टूटने या रुपये चोरी होने की भनक तक नहीं लगी। बाद में इंस्पेक्टर सुधाकर पांडेय भी पहुंचे। राजकीय ठेकेदार ने अज्ञात चोरों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
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..तो बैंक से पीछे लगे थे चोर
कार में रुपये रखे होने के बारे में या तो ठेकेदार या उनका बेटा जानता था या फिर जिन्होंने अपने खाते से रुपये निकालकर उन्हें दिए थे। वो जानते थे कि कार में रुपये रखा है। इससे लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि चोर बैंक से पीछे लगे होंगे। उन्होंने बैंक में अखिलेश को रुपये गिनते हुए देखा होगा। उसके बाद कार के पीछे लग गए होंगे। जैसे ही उन्होंने कार को अकेला देखा कि उसका शीशा तोड़कर रुपये चोरी करके ले गए।
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एक कार से शीशा तोड़कर रुपये चोरी हुए हैं। सूचना पर पुलिस को मौके पर भेजा गया। हम खुद मौके पर गए। मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। उसके बाद ही कुछ पता चल पाएगा। - सुधाकर पांडेय