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झोलाछाप के क्लीनिक में जच्चा-बच्चा की मौत, हंगामा
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बिनावर (बदायूं)। बिनावर कस्बे में थाने के पीछे चल रहे एक महिला झोलाछाप के क्लीनिक पर बुधवार देर शाम डिलीवरी के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई जिससे परिवार वालों ने हंगामा कर दिया। शोर शराबा सुनकर लोगों भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने दोनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
सिविल लाइंस क्षेत्र के ग्राम आलमपुर निवासी शहंशाह बुधवार सुबह नौ बजे अपनी पत्नी सहरुन (30) को लेकर महिला झोलाछाप के क्लीनिक पर पहुंचे थे। उस समय उनके साथ परिवार की महिलाएं भी थीं। बताते हैं कि महिला झोलाछाप शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में दाई का काम करती थी। उसने शहर से काम छोड़कर कस्बे में बिनावर कस्बे में थाने के पीछे अपना क्लीनिक खोल लिया है। तब से वह यहीं अपना क्लीनिक चला रही है। आरोप है कि महिला सुबह से प्रसूता को इंजेक्शन देती रही। लगातार उसकी हालत भी बिगड़ती गई। परिवार वालों ने कहा भी था कि वह जिला महिला अस्पताल ले जा रहे हैं लेकिन महिला झोलाछाप ने उसे जाने नहीं दिया। उन्हें आश्वासन देती रही कि वह सब कुछ ठीक कर देगी। शाम करीब छह बजे प्रसूता की डिलीवरी हुई तो उसको बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ। इसके चंद मिनट गुजरे होंगे कि प्रसूता ने भी दम तोड़ दिया। ये देखकर झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर भाग गई। तो वहीं परिवार वालों ने हंगामा कर दिया। उनकी सूचना पर गांव से अन्य लोग भी पहुंच गए। बाद में थाना पुलिस भी आ गई। पुलिस ने प्रसूता और उसके बच्चे का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कराई गई है। महिला झोलाछाप बिनावर कस्बा की रहने वाली बताई जा रही है।
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सिविल लाइंस क्षेत्र के ग्राम आलमपुर निवासी शहंशाह बुधवार सुबह नौ बजे अपनी पत्नी सहरुन (30) को लेकर महिला झोलाछाप के क्लीनिक पर पहुंचे थे। उस समय उनके साथ परिवार की महिलाएं भी थीं। बताते हैं कि महिला झोलाछाप शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में दाई का काम करती थी। उसने शहर से काम छोड़कर कस्बे में बिनावर कस्बे में थाने के पीछे अपना क्लीनिक खोल लिया है। तब से वह यहीं अपना क्लीनिक चला रही है। आरोप है कि महिला सुबह से प्रसूता को इंजेक्शन देती रही। लगातार उसकी हालत भी बिगड़ती गई। परिवार वालों ने कहा भी था कि वह जिला महिला अस्पताल ले जा रहे हैं लेकिन महिला झोलाछाप ने उसे जाने नहीं दिया। उन्हें आश्वासन देती रही कि वह सब कुछ ठीक कर देगी। शाम करीब छह बजे प्रसूता की डिलीवरी हुई तो उसको बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ। इसके चंद मिनट गुजरे होंगे कि प्रसूता ने भी दम तोड़ दिया। ये देखकर झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर भाग गई। तो वहीं परिवार वालों ने हंगामा कर दिया। उनकी सूचना पर गांव से अन्य लोग भी पहुंच गए। बाद में थाना पुलिस भी आ गई। पुलिस ने प्रसूता और उसके बच्चे का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कराई गई है। महिला झोलाछाप बिनावर कस्बा की रहने वाली बताई जा रही है।
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