{"_id":"5e778b868ebc3e78b90f9656","slug":"crime-badaun-news-bly400468894","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी की हत्या करने वाले वकील को जेल भेजा, बंदूक का लाइसेंस होगा निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी की हत्या करने वाले वकील को जेल भेजा, बंदूक का लाइसेंस होगा निरस्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। पत्नी की हत्या के आरोपी वकील चंद्रपाल उर्फ मन्नू को पूछताछ के बाद रविवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। वकील का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी गई।
उझानी कस्बे के अहीरटोला मोहल्ला निवासी वकील चंद्रपाल उर्फ मन्नू ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से शनिवार सुबह पत्नी आरती की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरती का कसूर केवल इतना था कि उसने चाय में चीनी कम डाली थी। वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी वकील को मौके पर ही लाइसेंसी बंदूक समेत गरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान चंद्रपाल ने पुलिस को बताया कि चाय की शिकायत करने पर आरती ने जब कोई उत्तर नहीं दिया तो उसे गुस्सा आ गया था। गुस्से में उसने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से दो गोलियां चलाई, जो आरती को लग गईं।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने बताया कि वकील शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है। रविवार दोपहर चंद्रपाल का मेडिकल चेकअप कराया गया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे कोर्ट के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसके विपरीत, पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर शाम ही आरती के शव का कछला गंगाघाट ले जाया गया। जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में परिवार के लोगों के अलावा रिश्तेदार भी शामिल हुए। पिता पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरती व चंद्रपाल के दोनों बच्चे काव्या और विराट को शनिवार शाम को ही अपनी मौसी के घर चले गए। इसके लिए बच्चों के नाना और मामा की रजामंदी भी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
उझानी कस्बे के अहीरटोला मोहल्ला निवासी वकील चंद्रपाल उर्फ मन्नू ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से शनिवार सुबह पत्नी आरती की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरती का कसूर केवल इतना था कि उसने चाय में चीनी कम डाली थी। वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी वकील को मौके पर ही लाइसेंसी बंदूक समेत गरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान चंद्रपाल ने पुलिस को बताया कि चाय की शिकायत करने पर आरती ने जब कोई उत्तर नहीं दिया तो उसे गुस्सा आ गया था। गुस्से में उसने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से दो गोलियां चलाई, जो आरती को लग गईं।
विज्ञापन
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने बताया कि वकील शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है। रविवार दोपहर चंद्रपाल का मेडिकल चेकअप कराया गया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे कोर्ट के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसके विपरीत, पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर शाम ही आरती के शव का कछला गंगाघाट ले जाया गया। जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में परिवार के लोगों के अलावा रिश्तेदार भी शामिल हुए। पिता पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आरती व चंद्रपाल के दोनों बच्चे काव्या और विराट को शनिवार शाम को ही अपनी मौसी के घर चले गए। इसके लिए बच्चों के नाना और मामा की रजामंदी भी रही।
विज्ञापन