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...तो बिसौली के ठेकेदार ने अपलोड किए थे फर्जी टेंडर!
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उझानी (बदायूं)। गवर्नमेंट ई-मार्केट पोर्टल (जैम पोर्टल) पर उझानी नगर पालिका परिषद की आईडी से फर्जी टेंडर अपलोड किए जाने के मामले में एक ठेकेदार का नाम सामने आने लगा है। वह बिसौली का निवासी बताया गया है। पालिकाओं समेत विभागीय स्तर पर उसकी पैठ के चलते उसे पहले भी सप्लाई से जुड़े ठेके मिलते रहे हैं। उझानी पालिका को भी उसने सप्लाई का सामान मुहैया कराया था। इसमें कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता भी होने से इंकार नहीं किया जा रहा है।
उझानी नगर पालिका परिषद की मेल आईडी से जैम पोर्टल पर फर्जी टेंडर अपलोड किए जाने का मामला छह दिसंबर का था। बड़े ही शातिराना अंदाज में दो सौ लाइटों और एक टियर टेंपो की खरीद के लिए जो टेंडर अपलोड किया गया था, उसे लेकर पालिका प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पालिका की ओर से ऐसा कोई टेंडर निकाला नहीं गया था। अभी हालांकि जांच शुरू नहीं हुई है लेकिन सूत्रों की मानें तो पालिका से जुड़े ठेकेदार और विभागीय कार्यों के जानकारों की नजर में टेंडर अपलोड करने वाला ठेकेदार आ गया है। वह बिसौली का निवासी बताया गया है। उझानी ही नहीं बल्कि उसने पहले भी कई पालिकाओं और नगर पंचायतों को सप्लाई का सामान मुहैया कराया है। उसके पास पालिका की मेल आईडी कैसे पहुंची, यह भी जांच के बाद साफ हो जाएगा। अगर वह फर्जीवाड़े में शामिल निकला तो विभागीय स्तर पर ठेकों में घुसपैठ रखने वाले कुछ और चेहरे भी सामने आ सकते हैं।
यह था फर्जीवाड़े का मामला
छह दिसंबर को नगर पालिका परिषद उझानी की मेल आईडी से जैम पोर्टल पर दो सौ लाइटों और टियर टैंपो की खरीद के लिए जो टेंडर अपलोड किए गए, उसकी भनक लगते ही ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने टेंडर निरस्त कर दिए थे। विभागीय अफसरों को हकीकत से अवगत कराने के बाद ईओ ने पालिका की मेल आईडी का पासवर्ड चेंज करवा लिया था। इस पूरे प्रकरण से जुड़े हर पहलू को अफसर भी गंभीरता से ले रहे हैं। बताया जाता है कि इसमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो अंदर के ही हैं।
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उझानी नगर पालिका परिषद की मेल आईडी से जैम पोर्टल पर फर्जी टेंडर अपलोड किए जाने का मामला छह दिसंबर का था। बड़े ही शातिराना अंदाज में दो सौ लाइटों और एक टियर टेंपो की खरीद के लिए जो टेंडर अपलोड किया गया था, उसे लेकर पालिका प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पालिका की ओर से ऐसा कोई टेंडर निकाला नहीं गया था। अभी हालांकि जांच शुरू नहीं हुई है लेकिन सूत्रों की मानें तो पालिका से जुड़े ठेकेदार और विभागीय कार्यों के जानकारों की नजर में टेंडर अपलोड करने वाला ठेकेदार आ गया है। वह बिसौली का निवासी बताया गया है। उझानी ही नहीं बल्कि उसने पहले भी कई पालिकाओं और नगर पंचायतों को सप्लाई का सामान मुहैया कराया है। उसके पास पालिका की मेल आईडी कैसे पहुंची, यह भी जांच के बाद साफ हो जाएगा। अगर वह फर्जीवाड़े में शामिल निकला तो विभागीय स्तर पर ठेकों में घुसपैठ रखने वाले कुछ और चेहरे भी सामने आ सकते हैं।
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यह था फर्जीवाड़े का मामला
छह दिसंबर को नगर पालिका परिषद उझानी की मेल आईडी से जैम पोर्टल पर दो सौ लाइटों और टियर टैंपो की खरीद के लिए जो टेंडर अपलोड किए गए, उसकी भनक लगते ही ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय ने टेंडर निरस्त कर दिए थे। विभागीय अफसरों को हकीकत से अवगत कराने के बाद ईओ ने पालिका की मेल आईडी का पासवर्ड चेंज करवा लिया था। इस पूरे प्रकरण से जुड़े हर पहलू को अफसर भी गंभीरता से ले रहे हैं। बताया जाता है कि इसमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो अंदर के ही हैं।
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