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जांच के फेर में पड़े रिटायर्ड लेखपाल के तीन लाख रुपये
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उझानी (बदायूं)। मेन मार्केट में चार दिन पहले रिटायर्ड लेखपाल कुंवर सेन की बाइक से तीन लाख रुपये की टप्पेबाजी के मामले में पुलिस की जांच अभी किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है। घटना वाले दिन रोजाना ही कोतवाली के चक्कर काट रहे पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई। उसकी मानें तो पुलिस ने प्रत्येक दिन यह कहकर टरका दिया कि जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज होगी।
रिटायर्ड लेखपाल मोहल्ला गौतमपुरी निवासी कुंवरसेन शनिवार को सीओ सत्येंद्र कुमार सिंह से मिले। कोतवाल विनोद कुमार चाहर से भी रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने को लेकर बात की। कुंवरसेन ने बताया कि घटना वाले दिन ही उसने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर सौंप दी थी लेकिन अगले दिन उसे फिर कोतवाली बुलाकर नए सिरे से तहरीर लिखवाकर ले ली गई। शुक्रवार को भी उसने कार्रवाई की गुहार लगाई। बावजूद इसके चौथे दिन भी मामला पुलिस रिकार्ड में नहीं पहुंच पाया है।
बता दें कि 15 अक्तूबर को सेवानिवृत लेखपाल से पुराने टॉकीज के सामने तीन लाख रुपये की टप्पेबाजी कर ली गई थी। रुपये उसने घटना वाले दिन ही बदायूं में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से निकाले थे। रिटायर्ड लेखपाल का कहना है कि पहले दिन तो पुलिस ने तेजी दिखाई लेकिन बाद में तहकीकात को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उधर, पुलिस को तहकीकात में कुछ ऐसे क्लू मिले हैं, जिससे माना जा रहा है कि रिटायर्ड लेखपाल को बैंक में ही एक युवक वॉच कर रहा था। उसने घटना को उझानी में पुराने टॉकीज के पास अंजाम दिया या फिर रास्ते में हाथ साफ कर लिया गया, इसी की जांच में मामला उलझता जा रहा है। कोतवाल का कहना है कि रिटायर्ड लेखपाल की शिकायत से जुड़े हर पहलू पर गौर किया जा रहा है।
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रिटायर्ड लेखपाल मोहल्ला गौतमपुरी निवासी कुंवरसेन शनिवार को सीओ सत्येंद्र कुमार सिंह से मिले। कोतवाल विनोद कुमार चाहर से भी रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने को लेकर बात की। कुंवरसेन ने बताया कि घटना वाले दिन ही उसने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर सौंप दी थी लेकिन अगले दिन उसे फिर कोतवाली बुलाकर नए सिरे से तहरीर लिखवाकर ले ली गई। शुक्रवार को भी उसने कार्रवाई की गुहार लगाई। बावजूद इसके चौथे दिन भी मामला पुलिस रिकार्ड में नहीं पहुंच पाया है।
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बता दें कि 15 अक्तूबर को सेवानिवृत लेखपाल से पुराने टॉकीज के सामने तीन लाख रुपये की टप्पेबाजी कर ली गई थी। रुपये उसने घटना वाले दिन ही बदायूं में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से निकाले थे। रिटायर्ड लेखपाल का कहना है कि पहले दिन तो पुलिस ने तेजी दिखाई लेकिन बाद में तहकीकात को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उधर, पुलिस को तहकीकात में कुछ ऐसे क्लू मिले हैं, जिससे माना जा रहा है कि रिटायर्ड लेखपाल को बैंक में ही एक युवक वॉच कर रहा था। उसने घटना को उझानी में पुराने टॉकीज के पास अंजाम दिया या फिर रास्ते में हाथ साफ कर लिया गया, इसी की जांच में मामला उलझता जा रहा है। कोतवाल का कहना है कि रिटायर्ड लेखपाल की शिकायत से जुड़े हर पहलू पर गौर किया जा रहा है।
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