{"_id":"5d97955f8ebc3e01802ead81","slug":"crime-badaun-news-bly378836758","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ झोलाछाप पर रिपोर्ट, बड़े फिर बचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ झोलाछाप पर रिपोर्ट, बड़े फिर बचे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुंवरगांव। झोलाछाप के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई शुक्रवार को भी जारी रही। सीएमओ की ओर से कुंवरगांव थाने में शुक्रवार को आठ झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अन्य थानों की तरह यहां भी बड़े झोलाछाप बच निकले। हालांकि, एक भी पैथालॉजी लैब के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
झोलाछाप पर हो रही कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। करीब एक सप्ताह पहले बिनावर सीएचसी की ओर से आठ झोलाछाप की सूची तैयार की गई थी। अब इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि, क्षेत्र में झोलाछाप की संख्या सैकड़ों में है। बड़े झोलाछाप पर कार्रवाई हो ही नहीं रही है। जिन झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उनमें कुंवरगांव के ताहिर क्लीनिक, मोनू क्लीनिक, उत्तम क्लीनिक, नबी क्लीनिक, नेहा क्लीनिक, जर्राह क्लीनिक और रफीक क्लीनिक के नाम से अवैध रूप से चिकित्सा पेशा करने वालों के नाम शामिल हैं।
दहगवां। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मंदीप गुप्ता के नेतृत्व में झोलाछाप के खिलाफ छापे मारे। इस दौरान झोलाछाप क्लीनिक बंद करके भाग गए। नाधा में एक क्लीनिक खुला मिला। यहां डॉक्टर के पास डिग्री आयुर्वेद की थी, जबकि वह इलाज एलोपैथिक कर रहे थे। हालांकि, अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
विज्ञापन
नामजद झोलाछाप में सजायाफ्ता का भी नाम
मूसाझाग। झोलाछाप पर हो रही कार्रवाई में रोज नई चीजें निकलकर सामने आ रही हैं। नया मामला सजायाफ्ता कैदी की झोलाछाप में नामजदगी का है। मूसाझाग गांव रुखड़ा खोला निवासी कन्हैया लाल पुत्र दयाराम को चार माह पहले कोर्ट ने सजा सुनाई थी। वह जेल में है। इसके बावजूद झोलाछाप में उसकी नामजदगी करा दी गई। एसओ ललित भाटी का कहना है कि सीएमओ ऑफिस में मिली सूची के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
झोलाछाप पर हो रही कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। करीब एक सप्ताह पहले बिनावर सीएचसी की ओर से आठ झोलाछाप की सूची तैयार की गई थी। अब इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। हालांकि, क्षेत्र में झोलाछाप की संख्या सैकड़ों में है। बड़े झोलाछाप पर कार्रवाई हो ही नहीं रही है। जिन झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उनमें कुंवरगांव के ताहिर क्लीनिक, मोनू क्लीनिक, उत्तम क्लीनिक, नबी क्लीनिक, नेहा क्लीनिक, जर्राह क्लीनिक और रफीक क्लीनिक के नाम से अवैध रूप से चिकित्सा पेशा करने वालों के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
दहगवां। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मंदीप गुप्ता के नेतृत्व में झोलाछाप के खिलाफ छापे मारे। इस दौरान झोलाछाप क्लीनिक बंद करके भाग गए। नाधा में एक क्लीनिक खुला मिला। यहां डॉक्टर के पास डिग्री आयुर्वेद की थी, जबकि वह इलाज एलोपैथिक कर रहे थे। हालांकि, अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
विज्ञापन
नामजद झोलाछाप में सजायाफ्ता का भी नाम
मूसाझाग। झोलाछाप पर हो रही कार्रवाई में रोज नई चीजें निकलकर सामने आ रही हैं। नया मामला सजायाफ्ता कैदी की झोलाछाप में नामजदगी का है। मूसाझाग गांव रुखड़ा खोला निवासी कन्हैया लाल पुत्र दयाराम को चार माह पहले कोर्ट ने सजा सुनाई थी। वह जेल में है। इसके बावजूद झोलाछाप में उसकी नामजदगी करा दी गई। एसओ ललित भाटी का कहना है कि सीएमओ ऑफिस में मिली सूची के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।