{"_id":"5d7cdbe78ebc3e014e27f7b8","slug":"crime-badaun-news-bly3761098123","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म की शिकार किशोरी के नवजात बच्चे का शव कब्र से गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म की शिकार किशोरी के नवजात बच्चे का शव कब्र से गायब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। दुष्कर्म की शिकार गर्भवती किशोरी से आठ दिन पहले जन्मे मृत बच्चे के पिता के बारे में हकीकत का पता लगाने के लिए कोर्ट के आदेश पर पुलिस शनिवार को मजिस्ट्रेट को साथ लेकर उस स्थान पर पहुंच गई, जहां कब्र खोदकर उसके शव को दफन किया गया था। पुलिस ने किशोरी के भाई से कब्र खुदवाई तो उसमें शव नहीं मिला। शव किसी साजिश के तहत गायब कर दिया गया या फिर गड्ढे से उसे जानवर खींच ले गए, यह तो जांच के बाद ही पता लगेगा लेकिन मौके से पुलिस ने डॉक्टरों की टीम की मौजूदगी में नवजात के साइज के कपड़ों के कुछ टुकड़े जरूर बरामद कर लिए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की किशोरी ने जून महीना में पड़ोस के विक्रम मौर्य के खिलाफ दुष्कर्म की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि विक्रम उसे डरा धमका कर अपनी हवस का शिकार बना लेता था। जिस समय रिपोर्ट लिखाई गई तब किशोरी ने खुद को गर्भवती बताया था। पुलिस ने विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। छह सितंबर को किशोरी को उसकी मां ने प्रसव के लिए बदायूं के महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया था। घरवालों ने नवजात के शव को गांव के पास ही भैंसोर नदी किनारे गड्ढा खोदकर दफन कर दिया था। इसकी भनक जब आरोपी के परिजनों को लगी तो विक्रम की ओर से उसके अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी कि नवजात विक्रम का अंश नहीं है।
इसके बाद कोर्ट ने शव बरामद कर डीएनए कराने का आदेश दिया था। शनिवार को तहसीलदार सदर रामनारायन सिंह की मौजूदगी में सीओ विनय कुमार द्विवेदी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित के भाई की निशानदेही पर कब्र खुदवा ली, लेकिन कब्र में शव नहीं निकला। पास में मौजूद दो कब्रों को भी खंगाला गया लेकिन उनके अंदर भी कुछ नहीं था। अलबत्ता, पुलिस को पहले वाली कब्र के पास कपड़ों के टुकड़े मिले। पीड़िता के भाई ने कपड़े उसी बच्चे के बताए तो मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में डॉक्टरों की टीम ने उसे सील कर लिया। इधर, सीओ का कहना है कि शव को जानवर भी खींच कर ले जा सकते हैं। पसोपेश के बीच उन्होंने इसी बात की आशंका जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की किशोरी ने जून महीना में पड़ोस के विक्रम मौर्य के खिलाफ दुष्कर्म की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि विक्रम उसे डरा धमका कर अपनी हवस का शिकार बना लेता था। जिस समय रिपोर्ट लिखाई गई तब किशोरी ने खुद को गर्भवती बताया था। पुलिस ने विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। छह सितंबर को किशोरी को उसकी मां ने प्रसव के लिए बदायूं के महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया था। घरवालों ने नवजात के शव को गांव के पास ही भैंसोर नदी किनारे गड्ढा खोदकर दफन कर दिया था। इसकी भनक जब आरोपी के परिजनों को लगी तो विक्रम की ओर से उसके अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी कि नवजात विक्रम का अंश नहीं है।
विज्ञापन
इसके बाद कोर्ट ने शव बरामद कर डीएनए कराने का आदेश दिया था। शनिवार को तहसीलदार सदर रामनारायन सिंह की मौजूदगी में सीओ विनय कुमार द्विवेदी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित के भाई की निशानदेही पर कब्र खुदवा ली, लेकिन कब्र में शव नहीं निकला। पास में मौजूद दो कब्रों को भी खंगाला गया लेकिन उनके अंदर भी कुछ नहीं था। अलबत्ता, पुलिस को पहले वाली कब्र के पास कपड़ों के टुकड़े मिले। पीड़िता के भाई ने कपड़े उसी बच्चे के बताए तो मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में डॉक्टरों की टीम ने उसे सील कर लिया। इधर, सीओ का कहना है कि शव को जानवर भी खींच कर ले जा सकते हैं। पसोपेश के बीच उन्होंने इसी बात की आशंका जताई।
विज्ञापन