हाईवे किनारे दौड़ रहे पांच युवकों को बेकाबू कार ने रौंदा, तीन की मौत

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2020 01:46 AM IST
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बदायूं। रविवार तड़के मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक बड़ा हादसा हो गया। सुबह हाईवे पर सेना भर्ती के लिए दौड़ लगा रहे पांच युवकों को एक तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया, जिसमें तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर घायल हो गए, इनमें से एक युवक को बरेली रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद गुस्साए परिवार वालों ने लकड़ी और ईंट पत्थर डालकर हाईवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया।
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हादसा रविवार सुबह करीब पौने छह बजे हुआ। वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव कुनार निवासी योगेंद्र (22) पुत्र धूम सिंह, सचिन (20) पुत्र ख्योराज, जुगन सागर (21) पुत्र सोहनलाल, राहुल (22) पुत्र हेमराज और देव (18) पुत्र रामवीर मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर दौड़ लगाते हुए वजीरगंज की ओर से घर लौट रहे थे। वह गांव के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आई तेज रफ्तार कार ने पांचों को रौंद दिया, जिसमें योगेंद्र, सचिन और जुगन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राहुल और देव गंभीर घायल हो गए। हादसे की सूचना पर तमाम गांववाले इकट्ठा हो गए और उन्होंने हाईवे पर लकड़ियां और ईंट पत्थर डालकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसएसपी संकल्प शर्मा और एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा मौके पर पहुंचे और गुस्साई भीड़ को सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। पुलिस ने कार चालक और उसके साथी हो हिरासत में ले लिया है। पीड़ित परिवारों की तरफ से तहरीर न मिलने पर अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
हादसे के बावजूद नहीं खोया होश, बचा ली कार सवारों की जान
सिलहरी (बदायूं)। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जिस कार से हादसा हुआ, वह हाईवे पर बेकाबू होकर उल्टी दिशा में दौड़ रही थी और पांचों युवक सड़क के किनारे अपनी दिशा में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि पल भर में पांचों युवक को रौंदती हुई सड़क किनारे झाड़ियों में जाकर घुस गई। चूंकि हादसा सुबह करीब साढ़े छह बजे हुआ था इसलिए सड़क पर भीड़भाड़ कम थी। हादसे के बाद कुछ लोग वहां पहुंचे तब तक तीन युवकों की मौत हो चुकी थी। जबकि चालक और उसका साथी कार में फंसे हुए थे। इससे पहले की गांववालों की भीड़ मौके पर जमा होती उन्होंने स्थिति को भांपते हुए दोनों कार सवारों को ले जाकर पास में एक मंदिर के कमरे में बंद कर दिया और तब ही उन्हें बाहर निकाला गया जब पुलिस वहां पहुंच चुकी थी। यही वजह रही कि दोनों कार सवार भीड़ के गुस्से का शिकार होने से बच गए।
पांचों युवक सुबह पांच बजे घर से दौड़ने निकले थे। वह दौड़ते हुए हाईवे पर पहुंचे और वजीरगंज की ओर दौड़ते हुए चले गए। उधर से लौटते हुुए उन्हें करीब आधा पौन घंटा गुजर गया था। पांचों युवक पौने छह बजे दौड़ते हुए अपने गांव के सामने पहुंचे थे। तभी लखनऊ से लौट रही तेज रफ्तार कार ने गलत दिशा में दौड़ते हुए पांचों को अपनी चपेट में ले लिया। पांचों युवकों को रौंदने के बाद कार झाड़ियों में घुस गई। हादसा जब हुआ उस समय घटनास्थल पर कुछ लोग ही मौजूद थे। गांव से भी दो-चार लोग पहुंच गए थे। उन्होंने कार चालक और उसके साथी को हाईवे किनारे मंदिर के कमरे में बंद कर दिया। जब हादसे के बारे में गांव सूचना पहुंची तो लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। युवकों की लाशें देखकर वह सुधबुध खो बैठे थे। वह हाईवे पर लकड़ी, ईंट पत्थर डाल रहे थे। लोगों को चालक और उसके साथी के बारे में नहीं बताया गया था। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले गई।
गहरे दोस्त थे सचिन और जुगन सागर
- सड़क हादसे में शिकार हुए सचिन और जुगन सागर की दोस्ती का अपने गांव में नाम था। वह एक साथ पढ़े-लिखे। एक साथ रहते थे और एक ही साथ काम करते थे। उनका अधिकतर समय भी एक साथ बीतता था। दोनों दोस्त नेहरू मेमोरियल शिव नारायन दास डिग्री कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र थे। वह कॉलेज भी एक साथ जाते थे। सचिन चार भाइयों में सबसे छोटा था और जुगन सात भाइयों में छठे नंबर का था।
परिवार की जिम्मेदारी भी संभाल रहा था योगेश
- योगेश दो भाइयों में बड़ा था। वह नेहरू मेमोरियल शिव नारायन दास डिग्री कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र था। उसके पिता खेतीबाड़ी करते हैं। इससे योगेश भी अपने पिता के साथ खेती में हाथ बटाता था। वह परिवार की जिम्मेदारी भी संभाल रहा था। उसका छोटा भाई हरीश है। सड़क हादसे में उसकी मौत से परिवार वालों पर पहाड़ टूट पड़ा है।
एक साथ जलीं तीन चिताएं तो नम हो गई हर आंख
- सड़क हादसे में शिकार हुए तीनों युवकों का शाम पांच बजे गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंत्येष्टि में गांववालों की भारी भीड़ शामिल हुई, जिसमें हर किसी की आंख नम थी। किसी को उम्मीद नहीं थी कि जो युवक तीनों सुबह दौड़ने निकले थे। वे अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। गांववालों के गम और गुस्से की नजाकत को समझते हुए पुलिस ने भी तत्परता दिखाई। हादसे के बाद पुलिस ने तुरंत कार और उसमें सवार दोनों लोगों को हिरासत में लिया गया। उसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। पुलिस सुबह दस बजे से पोस्टमार्टम कराने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। तब कहीं 12 बजे तक पोस्टमार्टम हो सके। पुलिस ने शव वाहन मंगवाकर तीनों शव गांव पहुंचाए।
वर्जन
- मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार ने पांच युवकों को टक्कर मारी थी, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई। दो युवक घायल हैं। कार और उसमें सवार दो लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। परिवार वालों की तहरीर पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। - संकल्प शर्मा, एसएसपी
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