{"_id":"6001e6de8ebc3e32852b7e9d","slug":"crimc-badaun-news-bly4339067135","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी तक नहीं हो सकी महिला कोटेदार की गिरफ्तारी, दो दुकानों के स्टाक की हो रही जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी तक नहीं हो सकी महिला कोटेदार की गिरफ्तारी, दो दुकानों के स्टाक की हो रही जांच
विज्ञापन
बदायूं। अलापुर में 542 कट्टा चावल सपा नेता फहीमुद्दीन के गोदाम पर पूर्ति और राजस्व विभाग की टीम ने पकड़ा था। इसके बाद आरोपी सपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेज दिया गया हैं। कोटेदार रूमा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। बाकी दो दुकानों को पूर्ति विभाग ने सील कर दिया था, जो शुक्रवार दोपहर बाद टीम के सामने खोली गईं। अब वहां पर स्टॉक की जांच चल रही है।
सपा के जिला सचिव फहीमुद्दीन के गोदाम पर बुधवार को एक ट्रक चावल पकड़े के मामले में पूर्ति व राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार को तीसरे दिन अलापुर के दो अन्य कोटेदार की दुकानों में स्टॉक व रजिस्टर का मिलान दोपहर बाद शुरू कर दिया। सरकारी चावल पकड़े जाने के बाद में इन दुकानों को बुधवार को ही पूर्ति विभाग ने तुरंत सील कर दिया था, ताकि कोटेदार उनमें कुछ बदलाव न कर सकें। शुक्रवार को ये दुकानें तहसीलदार दातागंज धीरेंद्र कुमार, पूर्ति निरीक्षक नीरज, राजेश कुमार और पुलिस की मौजूदगी में खोली गई थी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो यहां पर भी प्रथम दृष्टया स्टॉक में गड़बड़ी नजर आ रही है। हालांकि स्टॉक का मिलान होने के बाद में पूरी जानकारी स्पष्ट हो पाएगी। इधर, कोटेदार रूमा व सपा नेता फहीमुद्दीन के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर तो बृहस्पतिवार को ही दर्ज कर ली थी, जिसके बाद सपा नेता को जेल भेज दिया गया, जबकि कोटेदार रूमा को अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
सपा नेता के भाई के नाम है एक कोटा, बाकी कोटे की दुकानों पर रहता है दबाव
बदायूं। कुछ साल पहले तक कस्बे में पांच कोटेदारों की दुकानें थीं, लेकिन सपा नेता के दबाव के चलते एक कोटेदार ने कोटा छोड़ दिया था, वहीं करीब छह माह पहले एक कोटेदार के यहां पर कुछ कमियां मिली थीं, तो ऐसे में इन कोटे की दोनों दुकानों को बाकी दुकानों पर अटैच कर दिया था। उनमेें से एक दुकान सपा नेता के सगे भाई की थी। यही से राशन के कालाबाजारी के खेल में तेजी आ गई।
विज्ञापन
कस्बे की जनसंख्या को देखते हुए पांच कोटेदारों की दुकान जिला प्रशासन की तरफ से खोलने के निर्देश दिए गए थे जो लगातार चल भी रही थी, लेकिन जैसे ही फहीमुद्दीन को सत्ताधारी नेताओं का संरक्षण मिलना शुरू हुआ, तभी से उसने कोटेदारों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। चर्चा है कि फहीमुद्दीन के दबाव में कोटेदार अशरफ अली खां ने कोटेदार के पद को करीब दो साल पहले छोड़ दिया। ऐसे में विभाग ने उसे दूसरी कोटे की दुकान से अटैच कर दिया। वहीं छह माह पहले तहसीन अहमद के यहां अनियमितताएं मिली थीं, जिसके चलते इसको निलंबित कर दिया था। ऐसे में इस दुकान को भी दूसरी दुकान से अटैच कर दिया। अब जो कोटे की तीन दुकान बची थीं, उनमें एक दुकान रागिबुद्दीन थी, जो फहीमुद्दीन का सगा भाई है। बाकी दो दुकानें राजीव कुमार और रूमा के नाम पर है। चर्चा है कि फहीमुद्दीन ही उन दुकानों का संचालन करा रहा था, जिससे उनके पास इतना चावल एकत्र हो गया था।
राशन के मामले में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें मौके पर मिले एक आरोपी फहीमुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है जबकि कोटेदार रूमा का तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ओपी गौतम, इंस्पेक्टर अलापुर
अलापुर में कोटेदार रूमा की दुकान की जांच पहले ही हो गई थी। कमी मिलने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, वहीं अन्य दो दुकानों को सील कर दिया था। शुक्रवार को टीम के सामने उन दोनों दुकानों को खोला गया। अब उनकी जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद में इसके बारे में जानकारी दे पाऊंगा। - रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन
सपा के जिला सचिव फहीमुद्दीन के गोदाम पर बुधवार को एक ट्रक चावल पकड़े के मामले में पूर्ति व राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार को तीसरे दिन अलापुर के दो अन्य कोटेदार की दुकानों में स्टॉक व रजिस्टर का मिलान दोपहर बाद शुरू कर दिया। सरकारी चावल पकड़े जाने के बाद में इन दुकानों को बुधवार को ही पूर्ति विभाग ने तुरंत सील कर दिया था, ताकि कोटेदार उनमें कुछ बदलाव न कर सकें। शुक्रवार को ये दुकानें तहसीलदार दातागंज धीरेंद्र कुमार, पूर्ति निरीक्षक नीरज, राजेश कुमार और पुलिस की मौजूदगी में खोली गई थी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो यहां पर भी प्रथम दृष्टया स्टॉक में गड़बड़ी नजर आ रही है। हालांकि स्टॉक का मिलान होने के बाद में पूरी जानकारी स्पष्ट हो पाएगी। इधर, कोटेदार रूमा व सपा नेता फहीमुद्दीन के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर तो बृहस्पतिवार को ही दर्ज कर ली थी, जिसके बाद सपा नेता को जेल भेज दिया गया, जबकि कोटेदार रूमा को अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
विज्ञापन
सपा नेता के भाई के नाम है एक कोटा, बाकी कोटे की दुकानों पर रहता है दबाव
बदायूं। कुछ साल पहले तक कस्बे में पांच कोटेदारों की दुकानें थीं, लेकिन सपा नेता के दबाव के चलते एक कोटेदार ने कोटा छोड़ दिया था, वहीं करीब छह माह पहले एक कोटेदार के यहां पर कुछ कमियां मिली थीं, तो ऐसे में इन कोटे की दोनों दुकानों को बाकी दुकानों पर अटैच कर दिया था। उनमेें से एक दुकान सपा नेता के सगे भाई की थी। यही से राशन के कालाबाजारी के खेल में तेजी आ गई।
विज्ञापन
कस्बे की जनसंख्या को देखते हुए पांच कोटेदारों की दुकान जिला प्रशासन की तरफ से खोलने के निर्देश दिए गए थे जो लगातार चल भी रही थी, लेकिन जैसे ही फहीमुद्दीन को सत्ताधारी नेताओं का संरक्षण मिलना शुरू हुआ, तभी से उसने कोटेदारों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। चर्चा है कि फहीमुद्दीन के दबाव में कोटेदार अशरफ अली खां ने कोटेदार के पद को करीब दो साल पहले छोड़ दिया। ऐसे में विभाग ने उसे दूसरी कोटे की दुकान से अटैच कर दिया। वहीं छह माह पहले तहसीन अहमद के यहां अनियमितताएं मिली थीं, जिसके चलते इसको निलंबित कर दिया था। ऐसे में इस दुकान को भी दूसरी दुकान से अटैच कर दिया। अब जो कोटे की तीन दुकान बची थीं, उनमें एक दुकान रागिबुद्दीन थी, जो फहीमुद्दीन का सगा भाई है। बाकी दो दुकानें राजीव कुमार और रूमा के नाम पर है। चर्चा है कि फहीमुद्दीन ही उन दुकानों का संचालन करा रहा था, जिससे उनके पास इतना चावल एकत्र हो गया था।
राशन के मामले में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें मौके पर मिले एक आरोपी फहीमुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है जबकि कोटेदार रूमा का तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ओपी गौतम, इंस्पेक्टर अलापुर
अलापुर में कोटेदार रूमा की दुकान की जांच पहले ही हो गई थी। कमी मिलने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, वहीं अन्य दो दुकानों को सील कर दिया था। शुक्रवार को टीम के सामने उन दोनों दुकानों को खोला गया। अब उनकी जांच चल रही है, जांच पूरी होने के बाद में इसके बारे में जानकारी दे पाऊंगा। - रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी