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Budaun News: पागल कुत्ते के काटने से गाय की मौत, दूध पीने और खीर खाने वाले 98 लोगों में दहशत
Sat, 10 Oct 2026 01:54 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 10 Oct 2026 01:54 AM IST
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दहगवां सीएचसी पर रेबीज की वैक्सीन लगवाने को लगी भीड़। संवाद
जरीफनगर (बदायूं)। ग्राम धर्मपुर टप्पा वैश में पागल कुत्ते के काटने के बाद शुक्रवार को गाय की मौत होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। मामला इसलिए और गंभीर हो गया है, क्योंकि रेबीज से मरने वाली गाय के मालिक विनोद के एक ही परिवार के 18 लोगों ने दूध पिया था। साथ उन्हीं के परिवार में बुधवार को कनागत की दावत में गांव के 80 लोगों ने उसी गाय के दूध से बनी खीर खाई थी। दहशत के बीच दूध पीने वाले 18 लोगाें ने दहगवां सीएचसी पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है।
धर्मपुर टप्पा बैश निवासी विनोद कुमार ने थाना जरीफनगर प्रभारी को तहरीर दी है। तहरीर में बताया है कि 20 सितंबर को उसकी गाय को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। उपचार के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया गया, इस दौरान उन्होंने अपने सहयोगी को भेज दिया। आरोप है कि उसने उपचार के नाम पर 500 रुपये लेकर एक इंजेक्शन लगा दिया।
इधर, शुक्रवार सुबह गाय की मौत हो गई। इसके बाद विनोद का परिवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से दहगवां अस्पताल पहुंचा और 18 लोगों ने रेबीज की वैक्सीन लगवाई। आरोप है कि उचित उपचार न मिलने के कारण गाय की हालत बिगड़ती गई, बाद में उसकी मृत्यु हो गई। परिजन का कहना है कि उसका दूध पूरे परिवार ने पिया था। पीड़ित परिवार ने थाना जरीफनगर में संबंधित पशु चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। परिजन गाय का पोस्टमार्टम कराने के लिए जोर दे रहे हैं, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
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इधर, सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह का कहना है कि जरीफनगर थाने को तहरीर मिली है, मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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दूध में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं : डॉ. अभिजीत
आईवीआरआई रेफरल पॉलिक्लीनिक इंचार्ज डॉ. अभिजीत पावड़े ने बताया कि कुत्ते के काटने से गाय संक्रमित हो सकती है, लेकिन उसका दूध संक्रमित नहीं होता है। चिकित्सा विज्ञान में चल रहे तमाम शोधों में भी दूध में रेबीज वायरस पहुंचने की कोई पुष्टि नहीं है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
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18 लोगों की सूची सौंपी, 80 लगे हैं लाइन में
परिजन ने तहरीर के साथ उन 18 लोगों की सूची भी सौंपी है, जिन्होंने दूध पीने व वैक्सीन लगवाई है। इसमें सीपाली 60 वर्ष, तमन्ना 14 वर्ष, रामा 60 वर्ष, शकुंतला 50 वर्ष, विनोद 45, लवती 42 सहित बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा वे गांव के 80 लोग दहशत में है, जिन्होंने इसी गाय के दूध से बनी खीर कनागत की दावत में खाई थी। ये सब भी रेबीज वैक्सीन लगवाने की बात कह रहे हैं।
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उझानी के पिपरौल में हुआ था ऐसा ही मामला, 200-250 लोगों ने लगवाई थी वैक्सीन
पिछले वर्ष ऐसा ही मामला उझानी थाना क्षेत्र के पिपरौल गांव में सामने आया था। तेरहवीं संस्कार में जिन लोगों ने भोजन किया था, उसमें एक भैंस के दूध से दही का इस्तेमाल किया गया था, जिसे पागल कुत्ते ने काट लिया था और उसकी मौत हो गई थी, उस समय भी ऐसा ही खौफ लोगों के मन में बैठ गया था। इसके बाद खौफ के साए में 200-250 लोगों ने उझानी, बदायूं, सोरो व कासगंज में एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाई थी।
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धर्मपुर टप्पा बैश निवासी विनोद कुमार ने थाना जरीफनगर प्रभारी को तहरीर दी है। तहरीर में बताया है कि 20 सितंबर को उसकी गाय को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। उपचार के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया गया, इस दौरान उन्होंने अपने सहयोगी को भेज दिया। आरोप है कि उसने उपचार के नाम पर 500 रुपये लेकर एक इंजेक्शन लगा दिया।
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इधर, शुक्रवार सुबह गाय की मौत हो गई। इसके बाद विनोद का परिवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से दहगवां अस्पताल पहुंचा और 18 लोगों ने रेबीज की वैक्सीन लगवाई। आरोप है कि उचित उपचार न मिलने के कारण गाय की हालत बिगड़ती गई, बाद में उसकी मृत्यु हो गई। परिजन का कहना है कि उसका दूध पूरे परिवार ने पिया था। पीड़ित परिवार ने थाना जरीफनगर में संबंधित पशु चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। परिजन गाय का पोस्टमार्टम कराने के लिए जोर दे रहे हैं, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
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इधर, सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह का कहना है कि जरीफनगर थाने को तहरीर मिली है, मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दूध में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं : डॉ. अभिजीत
आईवीआरआई रेफरल पॉलिक्लीनिक इंचार्ज डॉ. अभिजीत पावड़े ने बताया कि कुत्ते के काटने से गाय संक्रमित हो सकती है, लेकिन उसका दूध संक्रमित नहीं होता है। चिकित्सा विज्ञान में चल रहे तमाम शोधों में भी दूध में रेबीज वायरस पहुंचने की कोई पुष्टि नहीं है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
18 लोगों की सूची सौंपी, 80 लगे हैं लाइन में
परिजन ने तहरीर के साथ उन 18 लोगों की सूची भी सौंपी है, जिन्होंने दूध पीने व वैक्सीन लगवाई है। इसमें सीपाली 60 वर्ष, तमन्ना 14 वर्ष, रामा 60 वर्ष, शकुंतला 50 वर्ष, विनोद 45, लवती 42 सहित बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा वे गांव के 80 लोग दहशत में है, जिन्होंने इसी गाय के दूध से बनी खीर कनागत की दावत में खाई थी। ये सब भी रेबीज वैक्सीन लगवाने की बात कह रहे हैं।
उझानी के पिपरौल में हुआ था ऐसा ही मामला, 200-250 लोगों ने लगवाई थी वैक्सीन
पिछले वर्ष ऐसा ही मामला उझानी थाना क्षेत्र के पिपरौल गांव में सामने आया था। तेरहवीं संस्कार में जिन लोगों ने भोजन किया था, उसमें एक भैंस के दूध से दही का इस्तेमाल किया गया था, जिसे पागल कुत्ते ने काट लिया था और उसकी मौत हो गई थी, उस समय भी ऐसा ही खौफ लोगों के मन में बैठ गया था। इसके बाद खौफ के साए में 200-250 लोगों ने उझानी, बदायूं, सोरो व कासगंज में एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवाई थी।

दहगवां सीएचसी पर रेबीज की वैक्सीन लगवाने को लगी भीड़। संवाद