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दूसरा टीका न लगवाने वाले कर्मचारियों का डाटा तलब, आज होगा वैक्सीनेशन
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बदायूं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद भी कोरोना का दूसरा टीका न लगवाने वाले कर्मचारियों का सीडीओ निशा अनंत और एसएसपी संकल्प शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग से डाटा तलब किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जिले में 125 स्थानों पर टीकाकरण किया जाएगा। इस दौरान दूसरा टीका लगवाने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिले में ऐसे 15 हजार से ज्यादा लोग हैं जिन्होंने पहला टीका लगवाने के बाद दूसरा टीका लगवाया ही नहीं है।
कोरोना टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था। पहले चरण में सरकारी और निजी स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया। दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगाया गया था। अब तक जिले में 1.96 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। 1.66 लोगों को दूसरा टीका भी लगाया जा चुका है। बाकी 30 हजार लोगों में 15 हजार ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने समय से दूसरा टीका नहीं लगवाया है। कोवैक्सीन के पहले टीके के बाद 28 से 42 और कोविशील्ड में 42 से 56 दिन में दूसरा टीका लगवाना जरूरी होता है। दूसरा टीका न लगवाने पर वैक्सीनेशन निष्प्रभावी रहता है।
अमर उजाला ने रविवार के अंक में 15 हजार लोगों के दूसरा टीका न लगवाने संबंधी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसका अधिकारियों ने संज्ञान लिया। सीडीओ निशा अनंत, एसएसपी संकल्प शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग से दूसरा टीका न लगवाने वाले फ्रंट लाइन वर्कर्स का ब्योरा तलब किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह ब्योरा उपलब्ध करा दिया गया है। अब इन लोगों को सोमवार को जिले में 125 स्थानों पर दूसरा टीका लगाने के लिए टीकाकरण का आयोजन किया जाएगा।
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निजी अस्पतालों को अब सीधे खरीदनी होगी कोरोना वैक्सीन
बदायूं। निजी अस्पतालों को अब कोरोना वैक्सीन स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। बल्कि इनको सीधे कंपनियों से वैक्सीन खरीदनी होगी। अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही थी। इसके बदले में निजी अस्पताल भुगतान कर रहे थे। निजी अस्पतालों में वैक्सीन की एक डोज के लिए 250 रुपये तय किए गए थे। अब शासन की ओर से गाइड लाइन में बदलाव किया गया है। निजी अस्पताल सीधे कंपनियों से वैक्सीन खरीदेंगे। अब निजी अस्पताल में वैक्सीन का एक टीका लगवाने पर अब पहले से ज्यादा रुपयों का भुगतान करना होगा। दरअसल, निजी अस्पतालों को सप्लाई की जाने वैक्सीन की कीमत अब सरकार को नहीं बल्कि कंपनियों को तय करनी है। वैक्सीन की कम से कम कीमत 1200 रुपये रखी गई है।
कोरोना का दूसरा टीका न लगवाने वाले कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों का सीडीओ और एसएसपी ने ब्योरा मांगा है। ऐसे कर्मचारियों को दूसरा टीका लगाने के लिए सोमवार को जिले में 125 स्थानों पर टीकाकरण किया जाएगा। जिले में 15 हजार से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिन्होंने पहले के बाद समय से दूसरा टीका नहीं लगवाया है। इनमें सरकारी कर्मचारियों की संख्या काफी ज्यादा है। निजी अस्पतालों को अब स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन नहीं देगा। - डॉ. मोहम्मद असलम, डीआईओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण
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कोरोना टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था। पहले चरण में सरकारी और निजी स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया। दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगाया गया था। अब तक जिले में 1.96 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। 1.66 लोगों को दूसरा टीका भी लगाया जा चुका है। बाकी 30 हजार लोगों में 15 हजार ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने समय से दूसरा टीका नहीं लगवाया है। कोवैक्सीन के पहले टीके के बाद 28 से 42 और कोविशील्ड में 42 से 56 दिन में दूसरा टीका लगवाना जरूरी होता है। दूसरा टीका न लगवाने पर वैक्सीनेशन निष्प्रभावी रहता है।
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अमर उजाला ने रविवार के अंक में 15 हजार लोगों के दूसरा टीका न लगवाने संबंधी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसका अधिकारियों ने संज्ञान लिया। सीडीओ निशा अनंत, एसएसपी संकल्प शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग से दूसरा टीका न लगवाने वाले फ्रंट लाइन वर्कर्स का ब्योरा तलब किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह ब्योरा उपलब्ध करा दिया गया है। अब इन लोगों को सोमवार को जिले में 125 स्थानों पर दूसरा टीका लगाने के लिए टीकाकरण का आयोजन किया जाएगा।
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निजी अस्पतालों को अब सीधे खरीदनी होगी कोरोना वैक्सीन
बदायूं। निजी अस्पतालों को अब कोरोना वैक्सीन स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। बल्कि इनको सीधे कंपनियों से वैक्सीन खरीदनी होगी। अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही थी। इसके बदले में निजी अस्पताल भुगतान कर रहे थे। निजी अस्पतालों में वैक्सीन की एक डोज के लिए 250 रुपये तय किए गए थे। अब शासन की ओर से गाइड लाइन में बदलाव किया गया है। निजी अस्पताल सीधे कंपनियों से वैक्सीन खरीदेंगे। अब निजी अस्पताल में वैक्सीन का एक टीका लगवाने पर अब पहले से ज्यादा रुपयों का भुगतान करना होगा। दरअसल, निजी अस्पतालों को सप्लाई की जाने वैक्सीन की कीमत अब सरकार को नहीं बल्कि कंपनियों को तय करनी है। वैक्सीन की कम से कम कीमत 1200 रुपये रखी गई है।
कोरोना का दूसरा टीका न लगवाने वाले कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों का सीडीओ और एसएसपी ने ब्योरा मांगा है। ऐसे कर्मचारियों को दूसरा टीका लगाने के लिए सोमवार को जिले में 125 स्थानों पर टीकाकरण किया जाएगा। जिले में 15 हजार से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिन्होंने पहले के बाद समय से दूसरा टीका नहीं लगवाया है। इनमें सरकारी कर्मचारियों की संख्या काफी ज्यादा है। निजी अस्पतालों को अब स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन नहीं देगा। - डॉ. मोहम्मद असलम, डीआईओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण