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Budaun News: एसडीएम सदर व मंडी सचिव अलापुर को अदालत का नोटिस
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बदायूं। एसडीएम सदर व अलापुर के मंडी सचिव को स्थायी लोक अदालत ने नोटिस जारी किया है। मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव फरीदपुर निवासी नेहा ने एक नवंबर 2025 को वाद दायर किया। इस मामले में अदालत ने 26 नवंबर को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद वाद का निस्तारण किया जाएगा।
नेहा ने बताया कि उसके पति ओमेंद्र कुमार व देवर अभिनव फसल में पानी लगाने 20 मार्च 2025 काे खेत पर गए थे। पानी लगाते समय पति का पैर सांप के ऊपर पड़ गया था। सांप ने पति के पैर में डस लिया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने थाने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई।
बताया कि पति परिवार के मुखिया थे। परिवार का पालन पोषण खेती कर रहे थे। उसने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन मंडी समिति बदायूं में सभी दस्तावेज लगाकर किया। इसके बाद मंडी समिति की टीम ने जांच की और कहा कि आप इस आवेदन को ऑनलाइन करा दो।
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मंडी समिति के कर्मचारियों से पता लगा कि बिना पोस्टमॉर्टम के कोई क्लेम मंडी समिति से नहीं दिया जाएगा। आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद उसने अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद स्थायी लोक अदालत का सहारा लिया। वादनी ने बीमा राशि के साथ ही 10 हजार रुपये अधिवक्ता खर्चा व एक लाख रुपये की मानसिक क्षतिपूर्ति भी दिलाने की मांग की है। वाद दायर हाेने के बाद अदालत ने नोटिस जारी कर 26 नवंबर को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।
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नेहा ने बताया कि उसके पति ओमेंद्र कुमार व देवर अभिनव फसल में पानी लगाने 20 मार्च 2025 काे खेत पर गए थे। पानी लगाते समय पति का पैर सांप के ऊपर पड़ गया था। सांप ने पति के पैर में डस लिया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने थाने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई।
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बताया कि पति परिवार के मुखिया थे। परिवार का पालन पोषण खेती कर रहे थे। उसने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन मंडी समिति बदायूं में सभी दस्तावेज लगाकर किया। इसके बाद मंडी समिति की टीम ने जांच की और कहा कि आप इस आवेदन को ऑनलाइन करा दो।
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मंडी समिति के कर्मचारियों से पता लगा कि बिना पोस्टमॉर्टम के कोई क्लेम मंडी समिति से नहीं दिया जाएगा। आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद उसने अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद स्थायी लोक अदालत का सहारा लिया। वादनी ने बीमा राशि के साथ ही 10 हजार रुपये अधिवक्ता खर्चा व एक लाख रुपये की मानसिक क्षतिपूर्ति भी दिलाने की मांग की है। वाद दायर हाेने के बाद अदालत ने नोटिस जारी कर 26 नवंबर को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।