{"_id":"5d76a1ef8ebc3e015f56607a","slug":"court-badaun-news-bly3755905186","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपसी विवाद में पड़ोसी के मासूम बेटे की हत्या में एक को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपसी विवाद में पड़ोसी के मासूम बेटे की हत्या में एक को आजीवन कारावास
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बदायूं। आपसी विवाद में बीच में आए पड़ोस के एक सात साल के बच्चे की गोली मारकर हत्या कर दिए जाने की सनसनीखेज घटना में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र ने एक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, जबकि चार आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। आरोपी पर 12 हजार का जुर्माना भी डाला गया है।
थाना मूसाझाग के गांव काजीखेड़ा निवासी अलबेले पुत्र हाकिम सिंह ने 24 जनवरी 2018 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसका सात वर्षीय पुत्र अर्पित घर के बाहर सड़क पर खेल रहा था। पड़ोस के जवाहर पुत्र द्वारिका और उसके चार पुत्र काशीराम, साधू, शीलेंद्र और लज्जाराम आपस में लड़ रहे थे। तभी पुराने आपसी विवाद के चलते सभी ने एकराय होकर ललकारते हुए अर्पित को मार डालने को कहा। तभी लज्जाराम ने तमंचे से अर्पित पर गोली चला दी। गोली लगते ही अर्पित की मौके पर मौत हो गई। अलबेले ने जवाहर और उसके चारों पुत्रों के खिलाफ अर्पित की हत्या किए जाने में नामजद कराया। पुलिस ने सभी पांच के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद अर्पित की हत्या में लज्जाराम पुत्र जवाहर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, काशीराम, साधू, शीलेंद्र और जवाहर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। लज्जाराम पर 12 हजार का आर्थिक दंड भी डाला गया है।
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थाना मूसाझाग के गांव काजीखेड़ा निवासी अलबेले पुत्र हाकिम सिंह ने 24 जनवरी 2018 को रिपोर्ट लिखाई थी कि उसका सात वर्षीय पुत्र अर्पित घर के बाहर सड़क पर खेल रहा था। पड़ोस के जवाहर पुत्र द्वारिका और उसके चार पुत्र काशीराम, साधू, शीलेंद्र और लज्जाराम आपस में लड़ रहे थे। तभी पुराने आपसी विवाद के चलते सभी ने एकराय होकर ललकारते हुए अर्पित को मार डालने को कहा। तभी लज्जाराम ने तमंचे से अर्पित पर गोली चला दी। गोली लगते ही अर्पित की मौके पर मौत हो गई। अलबेले ने जवाहर और उसके चारों पुत्रों के खिलाफ अर्पित की हत्या किए जाने में नामजद कराया। पुलिस ने सभी पांच के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद अर्पित की हत्या में लज्जाराम पुत्र जवाहर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, काशीराम, साधू, शीलेंद्र और जवाहर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। लज्जाराम पर 12 हजार का आर्थिक दंड भी डाला गया है।
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