फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Could not get the approval of four new mines

चार नए खनन क्षेत्रों को  नहीं मिल सकी मंजूरी

Wed, 27 Apr 2016 11:37 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Wed, 27 Apr 2016 11:37 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
अब चोरी से खनन कर बालू निकालने का धंधा तेज 
सीमावर्ती जिलों को भी भेजी जा रही है गंगा की बालू
 
 जिले में एक ही खनन क्षेत्र होने के कारण चोरी से खनन कर बालू निकाले जाने का काम तेज हो गया है। आसपास के शहरों में ही नहीं बरेली और रामपुर तक चोरी से खनन कर बालू भेजा जा रहा है। इससे राजस्व की बड़ी हानि हुई है। प्रदेश सरकार चार नए बालू खनन क्षेत्र बनाने जा रही थी, लेकिन ऐसा न होने से बालू खनन का अवैध कारोबार चरम पर पहुंच गया है। 
जिले में कछला गंगा पर ही इकलौता बालू खनन का प्वाइंट है। जिले में बालू की मांग को देखते हुए ये प्वाइंट कम था। पूरे जिले की मांग को भी ये प्वाइंट पूर्ति नहीं कर पा रहा था। इसलिए सदर और दातागंज दो तहसीलों में गंगा पर चार प्वाइंट बनाकर खनन के ठेके दिए जाने को खनन निदेशालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी न मिल पाने के कारण नए प्वाइंट खोलने की कार्यवाही जहां के तहां ठप कर दी गई है। इससे बालू की मांग फिर जहां की जहां है। जिले को इकलौता कछला प्वाइंट बालू की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। 
विज्ञापन

ऐसे हालातों में सदर के कादरचौक और दातागंज तहसील के विभिन्न स्थानों से गंगा नदी पर अवैध रूप से खनन हो रहा है। बालू की सप्लाई रात में सप्लाई होती है। इसमें माफिया पुलिस का भी किसी तरह से सहयोग ले लेते हैं। अगर, ऐसा नहीं है तो रात में पुलिस ऐसे ट्रैक्टर ट्रॉलियों को रोकती क्यों नहीं, जिनमें बालू भरकर जाती है। हालात इतने बदतर हैं कि ट्रैक्टर में बड़े ट्राला जोड़कर बालू रामपुर और बरेली तक ले जाई जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं बालू के ट्रैक्टर
बदायूं। चोरी छिपे बालू के ट्रैक्टर बालू लेकर दौड़ते हैं। इस भागमभाग में दुर्घटनाएं होती हैं। पिछले सप्ताह भी बालू भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराकर दो बाइक सवार मारे जा चुके हैं। अन्य दुर्घटनाएं भी हुई हैं। चोरी वाले ट्रैक्टर कुछ मार्गों से जल्दी निकालने के चक्कर में दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। 
कुछ स्थानों से सूखी नदियों से भी खनन 
बदायूं। जिले में आधा दर्जन से अधिक नदियां हैं। इनमें अधिकतर सूख चुकी हैं। जिले में बढ़ती बालू की मांग को देखते हुए इन सूखी नदियां से भी आसपास के लोग बालू का खनन कर अपनी जरूरत पूरी कर लेते हैं। सहसवान क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने भी आए थे। अवैध खनन का सिलसिला बढ़ रहा है। 

------
नए प्वांइटों पर अभी खनन निदेशालय को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलनी शेष है। इसमें तारीख आगे बढ़ जाने के कारण फिलहाल विराम लग गया है। रही चोरी से बालू खनन की बात तो जबतब छापामारी कर कार्रवाई की जाती है। एसडीएम स्तर और विभागीय स्तर से यह अभियान जारी है। 
- राजेश कुमार सिंह, खनन इंस्पेक्टर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed