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लापरवाही: जिले में 15 हजार लोगों ने नहीं ली कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज
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बदायूं। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच लोग सिर्फ कोरोना गाइड लाइन को लेकर ही नहीं बल्कि वैक्सीनेशन को लेकर भी लापरवाही कर रहे हैं। पहली डोज के बाद दूसरी की मियाद पूरी होने के बाद भी जिले में 15 हजार से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली है। ऐसे में वैक्सीनेशन बेअसर होने का खतरा पैदा हो गया है। जो पहली डोज दी गई है। उसका भी कोई फायदा नहीं होगा।
जिले में कोरोना टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था। पहले चरण में निजी और सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों और दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगाया गया था। अब तक चार चरण हो चुके हैं। इस दौरान कुल 1.96 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है। 1.66 लाख ऐसे लोग हैं। जिनको वैक्सीन की दो डोज दी जा चुकी हैं। शेष 30 हजार ऐसे लोग हैं। जिनको अब तक पहली डोज देने के बाद दूसरी डोज के लिए तारीख दी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि इन 30 हजार लोगों में 15 हजार से ज्यादा ऐसे लोग हैं। जिन्होंने समय पूरा होने के बाद भी वैक्सीन की दूसरी डोज ली ही नहीं है। कोवैक्सीन के मामले में पहली के बाद दूसरी डोज 28 से 42 और कोविशील्ड में दूसरी डोज 42 से 56 दिन में लेना जरूरी है।
तय समय में दूसरी डोज न होने पर वैक्सीनेशन निष्प्रभावी हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय पूरा होने वाले लोगों को कई माध्यमों से दूसरी डोज के लेने के लिए संदेश भी भेजे गए, लेकिन इन लोगों ने दूसरी डोज नहीं ली। डॉक्टरों का कहना है कि पहली के बाद दूसरी डोज समय पर न लेने से एंटीबॉडी तैयार नहीं होगी और ऐसे में संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा।
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भुगतान करके लगवाई है पहली डोज तो दूसरी लगेगी निशुल्क
काफी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने 250 रुपये का भुगतान करके निजी अस्पतालों में वैक्सीन की पहली डोज दी है। अब वह दूसरी डोज नहीं ले पा रहे। अगर ऐसे लोग सरकारी केंद्रों पर दूसरी डोल लेते हैं तो उनके लिए दूसरी डोज का कोई भुगतान नहीं करना होगा। दरअसल, सरकार ने निजी अस्पतालों में दो डोज के 500 रुपये तय किए थे। काफी संख्या में लोगों ने निजी अस्पतालों में भी पहली डोज ली थी, लेकिन अब दूसरी डोज के लिए वह निजी अस्पतालों में नहीं पहुंच रहे। इनके लिए नई गाइड लाइन में निशुल्क दूसरी डोज की व्यवस्था की गई है।
जिले में अब तक 1.96 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। इनमें 15 हजार से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिन्होंने दूसरी डोज नहीं ली है। उनका समय पूरा हो रहा है। अगर वह दूसरी डोज नहीं लेते तो शरीर में एंटीबॉडी नहीं बनेगी। वैक्सीनेशन बेकार जाएगा और संक्रमण का खतरा बना रहेगा। जरूरी है कि सभी लोग समय पर दूसरी डोज लें तभी वैक्सीनेशन पूरा होगा और संक्रमण से बचाव हो सकेगा। - डॉ. मोहम्मद असलम, डीआईओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण
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जिले में कोरोना टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था। पहले चरण में निजी और सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों और दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगाया गया था। अब तक चार चरण हो चुके हैं। इस दौरान कुल 1.96 लाख लोगों को टीका लगाया जा चुका है। 1.66 लाख ऐसे लोग हैं। जिनको वैक्सीन की दो डोज दी जा चुकी हैं। शेष 30 हजार ऐसे लोग हैं। जिनको अब तक पहली डोज देने के बाद दूसरी डोज के लिए तारीख दी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि इन 30 हजार लोगों में 15 हजार से ज्यादा ऐसे लोग हैं। जिन्होंने समय पूरा होने के बाद भी वैक्सीन की दूसरी डोज ली ही नहीं है। कोवैक्सीन के मामले में पहली के बाद दूसरी डोज 28 से 42 और कोविशील्ड में दूसरी डोज 42 से 56 दिन में लेना जरूरी है।
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तय समय में दूसरी डोज न होने पर वैक्सीनेशन निष्प्रभावी हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय पूरा होने वाले लोगों को कई माध्यमों से दूसरी डोज के लेने के लिए संदेश भी भेजे गए, लेकिन इन लोगों ने दूसरी डोज नहीं ली। डॉक्टरों का कहना है कि पहली के बाद दूसरी डोज समय पर न लेने से एंटीबॉडी तैयार नहीं होगी और ऐसे में संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा।
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भुगतान करके लगवाई है पहली डोज तो दूसरी लगेगी निशुल्क
काफी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने 250 रुपये का भुगतान करके निजी अस्पतालों में वैक्सीन की पहली डोज दी है। अब वह दूसरी डोज नहीं ले पा रहे। अगर ऐसे लोग सरकारी केंद्रों पर दूसरी डोल लेते हैं तो उनके लिए दूसरी डोज का कोई भुगतान नहीं करना होगा। दरअसल, सरकार ने निजी अस्पतालों में दो डोज के 500 रुपये तय किए थे। काफी संख्या में लोगों ने निजी अस्पतालों में भी पहली डोज ली थी, लेकिन अब दूसरी डोज के लिए वह निजी अस्पतालों में नहीं पहुंच रहे। इनके लिए नई गाइड लाइन में निशुल्क दूसरी डोज की व्यवस्था की गई है।
जिले में अब तक 1.96 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। इनमें 15 हजार से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिन्होंने दूसरी डोज नहीं ली है। उनका समय पूरा हो रहा है। अगर वह दूसरी डोज नहीं लेते तो शरीर में एंटीबॉडी नहीं बनेगी। वैक्सीनेशन बेकार जाएगा और संक्रमण का खतरा बना रहेगा। जरूरी है कि सभी लोग समय पर दूसरी डोज लें तभी वैक्सीनेशन पूरा होगा और संक्रमण से बचाव हो सकेगा। - डॉ. मोहम्मद असलम, डीआईओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण