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दस मिनट में जांच... फिर छोड़ दिए जाते हैं सैंपल लेकर, खोजने जाती है दूसरी टीम 21-43-11
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बदायूं। कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। एक ओर विभागीय अधिकारी रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से दस मिनट में कोरोना जांच कराने का दावा कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर दिल्ली से लौट रहे यात्रियों को सिर्फ सैंपल लेकर छोड़ दिया जाता है। कुछ मिनट बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तब तक पता वे काफी दूर निकल जाते हैं। वह कितनों के संपर्क में आते हैं। इससे विभाग पूरी तरह अंजान रहता है।
हाल में दिल्ली में कोरोना का खतरा बढ़ा है। इससे दिल्ली से सटे इलाकों में अलर्ट घोषित है। सरकार के आदेश पर सहसवान, उझानी और बस स्टैंड पर कोरोना की जांच कराई जा रही है। ये टीमें खासकर दिल्ली से लौटने वाले यात्रियों के सैंपल ले रहीं हैं लेकिन यात्रियों को सैंपल लेकर तुरंत छोड़ दिया जाता है। फिर चाहे यात्री कोरोना पॉजिटिव हो या निगेटिव, उसे एंटीजन रिपोर्ट आने तक नहीं रोका जाता। जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट दस मिनट में हो जाता है।
अगर देखा जात तो दिल्ली से लौटने वाला भी यात्री व्यक्ति रिक्शा नहीं पकड़ पाता। तब तक उसकी रिपोर्ट सामने होती है। फिर भी उसे रोका नहीं जाता। वह कोरोना संक्रमण लेकर घर पहुंचते हैं। तब उसे फोन किया जाता है। दूसरी टीम उसे क्वांरटीन कराती है।
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जिले की सीमा पर नहीं लगी टीम
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि दिल्ली-बदायूं मार्ग पर जिले की सीमा पर कोरोना जांच कराई जाएगी। इस बात को एक सप्ताह हो गया है लेकिन अभी तक टीम नहीं लगाई गई है। सहसवान, उझानी और बस स्टैंड के अलावा बीच में कई जगह यात्री उतर रहे हैं। उसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
...मैंने लॉकडाउन में नहीं लगाया मास्क, अब क्या लगाऊंगी
-सोमवार दोपहर बस स्टैंड पर एक परिवार ऐसा पहुंचा, जिसमें महिला मास्क नहीं लगाए थी, उसका पति रुमाल बांधे था। उनके बच्चे भी मास्क नहीं पहने थे। चिकित्सक ने महिला से कहा कि आपका मास्क कहां है। कोरोना की जांच कराइए। उसने जांच कराने से साफ मना कर दिया। चिकित्सक ने मास्क पर जोर दिया तो उसका जवाब आया कि उसने लॉकडाउन में मास्क नहीं लगाया तो अब क्या लगायेगी।
जिले में पांच टीमें कोरोना जांच कर रही हैं। एक टीम सहसवान, एक उझानी और एक बस स्टैंड पर लगी है। दो एमएमयू जांच कर रहीं हैं लेकिन सीमा पर कोई टीम नहीं लगी है। यही टीमें जांच कर रहीं हैं। जो लोग दिल्ली से लौट रहे हैं, उनका सैंपल ले लिया जाता है। अगर वे पॉजिटिव आते हैं तो उन्हें क्वांरटीन कराया जाता है।
डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ
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हाल में दिल्ली में कोरोना का खतरा बढ़ा है। इससे दिल्ली से सटे इलाकों में अलर्ट घोषित है। सरकार के आदेश पर सहसवान, उझानी और बस स्टैंड पर कोरोना की जांच कराई जा रही है। ये टीमें खासकर दिल्ली से लौटने वाले यात्रियों के सैंपल ले रहीं हैं लेकिन यात्रियों को सैंपल लेकर तुरंत छोड़ दिया जाता है। फिर चाहे यात्री कोरोना पॉजिटिव हो या निगेटिव, उसे एंटीजन रिपोर्ट आने तक नहीं रोका जाता। जबकि रैपिड एंटीजन टेस्ट दस मिनट में हो जाता है।
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अगर देखा जात तो दिल्ली से लौटने वाला भी यात्री व्यक्ति रिक्शा नहीं पकड़ पाता। तब तक उसकी रिपोर्ट सामने होती है। फिर भी उसे रोका नहीं जाता। वह कोरोना संक्रमण लेकर घर पहुंचते हैं। तब उसे फोन किया जाता है। दूसरी टीम उसे क्वांरटीन कराती है।
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जिले की सीमा पर नहीं लगी टीम
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि दिल्ली-बदायूं मार्ग पर जिले की सीमा पर कोरोना जांच कराई जाएगी। इस बात को एक सप्ताह हो गया है लेकिन अभी तक टीम नहीं लगाई गई है। सहसवान, उझानी और बस स्टैंड के अलावा बीच में कई जगह यात्री उतर रहे हैं। उसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
...मैंने लॉकडाउन में नहीं लगाया मास्क, अब क्या लगाऊंगी
-सोमवार दोपहर बस स्टैंड पर एक परिवार ऐसा पहुंचा, जिसमें महिला मास्क नहीं लगाए थी, उसका पति रुमाल बांधे था। उनके बच्चे भी मास्क नहीं पहने थे। चिकित्सक ने महिला से कहा कि आपका मास्क कहां है। कोरोना की जांच कराइए। उसने जांच कराने से साफ मना कर दिया। चिकित्सक ने मास्क पर जोर दिया तो उसका जवाब आया कि उसने लॉकडाउन में मास्क नहीं लगाया तो अब क्या लगायेगी।
जिले में पांच टीमें कोरोना जांच कर रही हैं। एक टीम सहसवान, एक उझानी और एक बस स्टैंड पर लगी है। दो एमएमयू जांच कर रहीं हैं लेकिन सीमा पर कोई टीम नहीं लगी है। यही टीमें जांच कर रहीं हैं। जो लोग दिल्ली से लौट रहे हैं, उनका सैंपल ले लिया जाता है। अगर वे पॉजिटिव आते हैं तो उन्हें क्वांरटीन कराया जाता है।
डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ