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Budaun News: कॉपर हुआ महंगा, पंखे और तार के दाम बढ़े
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शहर में एक दुकान पर पंखे। संवाद
बदायूं। गर्मी बढ़ने के साथ ही कॉपर की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर बाजार में दिखाई देने लगा है। एक माह में कॉपर के दाम में करीब 200 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। पहले जहां कॉपर 1400 रुपये में मिल जाता था, अब 1600 रुपये प्रति किलो मिल रहा है। इससे बिजली के उपकरणों के साथ ही पंखों की मरम्मत पर भी असर पड़ रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी नीरज कोचर ने बताया कि तांबा महंगा होने से बिजली से जुड़े उपकरण महंगे हो गए हैं। तांबा के तार के बंडलों पर 90 से 100 रुपये तक बढ़ गए हैं। इसी कारण इलेक्ट्रिकल सामान की लागत बढ़ गई है। पहले जो पंखा 1400 रुपये में मिलता था, वह अब 1600 रुपये तक बिक रहा है।
अधिकांश लोग सस्ता होने की वजह से लोकल पंखों को खरीदते थे, लेकिन वह भी अब 150 से 200 रुपये तक महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही पंखा कूलर, सबमर्सिबल मोटर को ठीक करवाना महंगा हो गया है। इसमें 100 रुपये से 200 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमतों में उतार- चढ़ाव, कच्चे माल की बढ़ती लागत और मांग में इजाफा, बढ़ोतरी के प्रमुख कारण हैं।
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इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी नीरज कोचर ने बताया कि तांबा महंगा होने से बिजली से जुड़े उपकरण महंगे हो गए हैं। तांबा के तार के बंडलों पर 90 से 100 रुपये तक बढ़ गए हैं। इसी कारण इलेक्ट्रिकल सामान की लागत बढ़ गई है। पहले जो पंखा 1400 रुपये में मिलता था, वह अब 1600 रुपये तक बिक रहा है।
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अधिकांश लोग सस्ता होने की वजह से लोकल पंखों को खरीदते थे, लेकिन वह भी अब 150 से 200 रुपये तक महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही पंखा कूलर, सबमर्सिबल मोटर को ठीक करवाना महंगा हो गया है। इसमें 100 रुपये से 200 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमतों में उतार- चढ़ाव, कच्चे माल की बढ़ती लागत और मांग में इजाफा, बढ़ोतरी के प्रमुख कारण हैं।
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