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जीएसटी को लेकर व्यापारियों में उलझन
बदायूं।
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:06 AM IST
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GST
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जीएसटी लागू होने से पहले कपड़ों पर भारी छूट
जीएसटी लागू होने से पहले शहर के कपड़ा शोरूम पर 30 फीसदी की छूट चल रही है तो कहीं 50 फीसदी छूट पर माल बेचा जा रहा है। असल में, जीएसटी लागू होने में भी सिर्फ दो दिन बाकी हैं, ऐसे में, एक जुलाई से बेचे जाने वाले सामान पर जीएसटी लगेगा, इसलिए व्यापारी मार्केट में पुराना उपलब्ध सामान जल्द से जल्द बेच देना चाहते हैं। सिविल लाइंस, छह सड़का स्थित कई शोरूम पर 30 से 50 फीसदी छूट के बैनर लगाकर ग्राहकों को लुभाया जा रहा है। वी मार्ट में भी कपड़ों पर 30 फीसदी छूट दी जा रही है।
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सराफ बोले- जीएसटी लागू होने का नहीं पड़ेगा असर
बदायूं। जीएसटी लागू होने में भले ही दो दिन बचे हैं लेकिन सराफा व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लागू होने से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनका साफ कहना था कि सराफा व्यापारी कभी टैक्स का विरोध नहीं करता। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स ग्राहक को देना पड़ेगा। व्यापारी हमेशा की तरह सिर्फ इनकम टैक्स नियमित रूप से देगा, जो हमेशा से देता आया है।
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जीएसटी का समर्थन करते हैं। सरकार की मंशा के अनुसार पूरे देश में जीएसटी लागू होने से टैक्स चोरी होना बंद हो जाएगी और जो व्यापारी इसे अनदेखा करेंगे, उसे दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। 75 लाख से कम इनकम वालों को रजिस्ट्रेशन में छूट मिलेगी और ज्यादा वाले को हर साल रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा।
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-सूर्यप्रकाश गुप्ता, अध्यक्ष- सराफा एसोसिएशन
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सराफा ने कभी किसी टैक्स और एक्साइज का विरोध नहीं किया, न ही करेगा लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद बेवजह के खर्चे बढ़ जाएंगे। व्यापारी जीएसटी का विरोध नहीं कर रहा बल्कि उसके कछ नियमों के खिलाफ है। इंस्पेक्टर राज खत्म होना चाहिए। इंस्पेक्टर राज के चलते कई बार व्यापारी लुट जाता है।
-अश्वनि रस्तोगी, सराफा व्यापारी
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पिछले कुछ दिनों से सलेक्टेड आइटम पर 30 फीसदी तक डिस्काउंट दिया जा रहा है जो फिलहाल जारी है। एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद छोटे कपड़ा व्यापारियों पर इसका काफी असर देखने को मिल सकता है। जीएसटी लागू होने पर मार्केट में पारदर्शिता आएगी। ब्लैक मार्केटिंग खत्म हो जाएगी।
-अजय कुमार रस्तोगी, मैनेजर, वी-मार्ट
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व्यापारी नेता बोले- जीएसटी में दर्जनों खामियां
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष नवनीत सिंह का कहना है कि जीएसटी में दर्जनों खामियां है। एक जुलाई को जीएसटी लागू हो जाएगी और छोटे व्यापारियों को इसकी जानकारी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे उनके कारोबार पर फर्क पड़ेगा। अधूरी तैयारी के बीच सरकार एक जुलाई से पहले ही जीएसटी लागू कर रही है, जिससे व्यापारी असमंजस में है। जीएसटी से इंस्पेक्टर राज और बिना पर्चे का कारोबार बढ़ेगा। जीएसटी प्रणाली सरल और पारदर्शी होनी चाहिए। वहीं, ऑटो स्पेयर पार्टस के बड़े कारोबारी पंकज ने बताया कि जीएसटी लागू करने से पहले सरकार को इसके बारे में पूरी जानकारी दे देना चाहिए थी। अधूरी जानकारी के बीच जनता असमंजस में है। छोटे व्यापारियों को सरकार की इस मंशा से परेशानी का सामना करना पड़ेगा। एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद काफी हद तक सभी के व्यापार पर असर पड़ेगा। एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात हो जाएंगे। समय रहते अगर जीएसटी के नियमों में बदलाव नहीं हुआ तो दिक्कत बढ़ जाएगी। इसका खामियाजा आम जनता के साथ-साथ व्यापारी को भी भुगतना पड़ेगा।
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जीएसटी लागू होने से पहले शहर के कपड़ा शोरूम पर 30 फीसदी की छूट चल रही है तो कहीं 50 फीसदी छूट पर माल बेचा जा रहा है। असल में, जीएसटी लागू होने में भी सिर्फ दो दिन बाकी हैं, ऐसे में, एक जुलाई से बेचे जाने वाले सामान पर जीएसटी लगेगा, इसलिए व्यापारी मार्केट में पुराना उपलब्ध सामान जल्द से जल्द बेच देना चाहते हैं। सिविल लाइंस, छह सड़का स्थित कई शोरूम पर 30 से 50 फीसदी छूट के बैनर लगाकर ग्राहकों को लुभाया जा रहा है। वी मार्ट में भी कपड़ों पर 30 फीसदी छूट दी जा रही है।
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सराफ बोले- जीएसटी लागू होने का नहीं पड़ेगा असर
बदायूं। जीएसटी लागू होने में भले ही दो दिन बचे हैं लेकिन सराफा व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लागू होने से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनका साफ कहना था कि सराफा व्यापारी कभी टैक्स का विरोध नहीं करता। जीएसटी लागू होने के बाद टैक्स ग्राहक को देना पड़ेगा। व्यापारी हमेशा की तरह सिर्फ इनकम टैक्स नियमित रूप से देगा, जो हमेशा से देता आया है।
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जीएसटी का समर्थन करते हैं। सरकार की मंशा के अनुसार पूरे देश में जीएसटी लागू होने से टैक्स चोरी होना बंद हो जाएगी और जो व्यापारी इसे अनदेखा करेंगे, उसे दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। 75 लाख से कम इनकम वालों को रजिस्ट्रेशन में छूट मिलेगी और ज्यादा वाले को हर साल रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा।
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-सूर्यप्रकाश गुप्ता, अध्यक्ष- सराफा एसोसिएशन
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सराफा ने कभी किसी टैक्स और एक्साइज का विरोध नहीं किया, न ही करेगा लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद बेवजह के खर्चे बढ़ जाएंगे। व्यापारी जीएसटी का विरोध नहीं कर रहा बल्कि उसके कछ नियमों के खिलाफ है। इंस्पेक्टर राज खत्म होना चाहिए। इंस्पेक्टर राज के चलते कई बार व्यापारी लुट जाता है।
-अश्वनि रस्तोगी, सराफा व्यापारी
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पिछले कुछ दिनों से सलेक्टेड आइटम पर 30 फीसदी तक डिस्काउंट दिया जा रहा है जो फिलहाल जारी है। एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद छोटे कपड़ा व्यापारियों पर इसका काफी असर देखने को मिल सकता है। जीएसटी लागू होने पर मार्केट में पारदर्शिता आएगी। ब्लैक मार्केटिंग खत्म हो जाएगी।
-अजय कुमार रस्तोगी, मैनेजर, वी-मार्ट
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व्यापारी नेता बोले- जीएसटी में दर्जनों खामियां
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष नवनीत सिंह का कहना है कि जीएसटी में दर्जनों खामियां है। एक जुलाई को जीएसटी लागू हो जाएगी और छोटे व्यापारियों को इसकी जानकारी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे उनके कारोबार पर फर्क पड़ेगा। अधूरी तैयारी के बीच सरकार एक जुलाई से पहले ही जीएसटी लागू कर रही है, जिससे व्यापारी असमंजस में है। जीएसटी से इंस्पेक्टर राज और बिना पर्चे का कारोबार बढ़ेगा। जीएसटी प्रणाली सरल और पारदर्शी होनी चाहिए। वहीं, ऑटो स्पेयर पार्टस के बड़े कारोबारी पंकज ने बताया कि जीएसटी लागू करने से पहले सरकार को इसके बारे में पूरी जानकारी दे देना चाहिए थी। अधूरी जानकारी के बीच जनता असमंजस में है। छोटे व्यापारियों को सरकार की इस मंशा से परेशानी का सामना करना पड़ेगा। एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद काफी हद तक सभी के व्यापार पर असर पड़ेगा। एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात हो जाएंगे। समय रहते अगर जीएसटी के नियमों में बदलाव नहीं हुआ तो दिक्कत बढ़ जाएगी। इसका खामियाजा आम जनता के साथ-साथ व्यापारी को भी भुगतना पड़ेगा।