फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Committees will run Jan Aushadhi Kendra, two got approval

Budaun News: जन औषधि केंद्र चलाएंगी समितियां, दो को मिली मंजूरी

Tue, 24 Oct 2023 12:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Tue, 24 Oct 2023 12:34 AM IST
विज्ञापन
Committees will run Jan Aushadhi Kendra, two got approval
नेकपुर में ​स्थित जन औष​धि केंद्र। संवाद
बदायूं। जिले में सहकारी समितियों द्वारा अब जनऔषधि केंद्र संचालित किए जाएंगे। प्रशासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सहकारी संघ ने शासन को पांच समितियों के नाम भेजे थे, वहां से दो समितियों को स्वीकृति मिल गई है। अब विभाग ने आगे की प्रक्रिया के लिए लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया है।
विज्ञापन

शासन की ओर से समितियाें की आर्थिक दशा सुधारने और समितियों पर लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। सहकारिता से समृद्धि की थीम पर हो रहे काम के तहत अब सरकारी समितियों को बहुउद्देशीय समिति वी पैक्स नाम दिया गया है। समितियां अभी तक कृषि संबंधी कार्य कर रही थीं पर अब ये खाद बीज की बिक्री तक ही सीमित नहीं रहेंगी।
विज्ञापन

इनके द्वारा ग्रामीणों को सस्ती दर पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साधन सहकारी समितियों पर जन औषधि केंद्र खोले जाने के लिए सहकारिता विभाग ने बिनावर, दहगवां, कटिया अलीगंज, जहांगीराबाद और म्याऊं समिति का चयन कर शासन को नाम भेजे थे, जिनमें से शासन ने दो समितियों को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत जहांगीराबाद और कटिया अलीगंज में जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

शासन से परमिशन मिलने के बाद में विभाग ने अगली प्रक्रिया के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है। जैसे ही लाइसेंस मिलने की कार्रवाई पूरी होती है, उसके बाद में दवाइयां मंगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

समय से दवाएं नहीं मिलने के कारण बंद हो गए थे केंद्र : जन औषधि केंद्रों के माध्यम से लोगों को सस्ती दवाएं दिलाने की योजना जिले में फेल हो गई। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में खोले गए केंद्र दवा के अभाव में धीरे-धीरे बंद हो गए। हालांकि प्राइवेट स्तर पर एक केंद्र शहर में संचालित है लेकिन यहां पर भी दवाओं का अकाल रहता है। जिस फर्म के द्वारा इन्हें संचालित किया जाना था, उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी जन औषधि केंद्र खोले जाने की तैयारी की थी, लेकिन इसी बीच महिला अस्पताल उसके बाद में जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र दवाएं समय पर नहीं मिलने के कारण बंद हो गए। ऐसे में दोनों केंद्र करीब तीन साल से बंद पड़े हैं। नेकपुर में एक जन औषधि केंद्र संचालित है लेकिन वहां पर भी सारी दवाएं नहीं मिलतीं।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक महेंद्र सिंह ने बताया कि जिले से पांच समितियों के नाम चयन कर शासन को भेजे गए थे। इनमें से दो पर शासन ने अपनी सहमति जता दी है। इसके तहत लाइसेंस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि बाकी तीनों समितियों को भी जल्द शासन स्तर से सहमति मिल जाएगी।



प्रभारी जिला औषधि निरीक्षक बबिता रानी ने बताया कि प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को कोई भी व्यक्ति खोल सकता है। उसके लिए लाइसेंस पाने के लिए कुछ पात्रता है जिसमें पर्याप्त जगह होना, संबंधित व्यक्ति के पास डिप्लोमा या डिग्री होना शामिल हैं। सरकारी अस्पताल में जन औषधि केंद्र क्यों बंद हो गए थे। इसके बारे में जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed