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काोडिड कॉपियों से बोर्ड परीक्ष्ाा में नकल पर कसेगी नकेल
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Tue, 01 Dec 2015 07:48 PM IST
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बदायूं समेत पांच जिले विशेष जोन में डाले
अब सीरियल नंबर से होगा कॉपियों का आवंटन
बोर्ड द्वारा प्रदेश में नकल की सबसे अधिक घटनाओं वाले जिलों के लिए विशेष कोड वाली कॉपियों को भेजने का निर्णय लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक नकल कराने वाले जिलों में बदायूं समेत कुल पांच जिलों की सूची बनाई गई है, जिसमें बरेली, अलीगढ़, एटा, इटावा जैसे जिले शामिल हैं। बोर्ड द्वारा इन सभी जिलों में बोर्ड परीक्षाओं के लिए कॉपियों का कोड निर्धारण किया है। इस कोड के आधार पर ही कॉपियों को आवंटित किया जाएगा। उस जिले के डीआईओएस कॉपियों के आवंटन के दौरान मौजूद रहेंगे। अब देखने में आया है कि बिना कोड की कॉपियों में नकल माफिया विद्यालय प्रबंधन के साथ सांठगांठ कर अपने उद्देश्य में सफल हो जाते थे, परीक्षा के दौरान कॉपियों को दूसरी जगह लिखकर बाद में बंडल में शामिल किया जाता था। इससे प्रतिभाशाली छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता था। अब बोर्ड द्वारा कोड सिस्टम लागू करने के बाद नकल माफियाओं पर नकेल कसेगी, ऐसा शिक्षा विभाग का मानना है। अब विद्यालय में कॉपियों को सीरियल नंबर से आवंटित होने के कारण कोई भी विद्यालय नकल कराने का सिरदर्द लेना नहीं चाहेगा। कोडिड कॉपियों के सीरियल में गड़बड़ी मिलने पर बोर्ड द्वारा सीधे कॉलेज की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई होगी। साथ ही संबंधित डीआईओएस को भी जवाब देना होगा।
डीआईओएस बीना यादव ने बताया कि इस बार जिले में जो कॉपियां आएंगी, उनमें विशेष कोड होने के कारण नकल होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी। हर विद्यालय को आवंटित होने वाली कॉपियों का सीरियल नंबर डीआईओएस अपने पास रखेंगे। इसके चलते विद्यालय में गई कॉपियों में कोई गड़बड़ी नहीं हो सकेेगी। इस बार परीक्ष्ाा देने के लिए पंजीकृत छात्राों की संख्या मे 4209 छात्राों का इजाफा हुआ है। पिछले साल ये संख्या 58,225 थ्ाी , जाे बढ़कर 62,434 छात्र हाो गई है। इसके आध्ाार पर ही इस साल परीक्ष्ाा केंद्र भ्ाी बढ़ाए गए हैं, टाोटल 106 केंद्राों पर परीक्ष्ाा हाोगी, जबकि गत वर्ष पूरे जिले में कुल परीक्षा केंद्र 100 बनाए गए।
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अब सीरियल नंबर से होगा कॉपियों का आवंटन
बोर्ड द्वारा प्रदेश में नकल की सबसे अधिक घटनाओं वाले जिलों के लिए विशेष कोड वाली कॉपियों को भेजने का निर्णय लिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक नकल कराने वाले जिलों में बदायूं समेत कुल पांच जिलों की सूची बनाई गई है, जिसमें बरेली, अलीगढ़, एटा, इटावा जैसे जिले शामिल हैं। बोर्ड द्वारा इन सभी जिलों में बोर्ड परीक्षाओं के लिए कॉपियों का कोड निर्धारण किया है। इस कोड के आधार पर ही कॉपियों को आवंटित किया जाएगा। उस जिले के डीआईओएस कॉपियों के आवंटन के दौरान मौजूद रहेंगे। अब देखने में आया है कि बिना कोड की कॉपियों में नकल माफिया विद्यालय प्रबंधन के साथ सांठगांठ कर अपने उद्देश्य में सफल हो जाते थे, परीक्षा के दौरान कॉपियों को दूसरी जगह लिखकर बाद में बंडल में शामिल किया जाता था। इससे प्रतिभाशाली छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता था। अब बोर्ड द्वारा कोड सिस्टम लागू करने के बाद नकल माफियाओं पर नकेल कसेगी, ऐसा शिक्षा विभाग का मानना है। अब विद्यालय में कॉपियों को सीरियल नंबर से आवंटित होने के कारण कोई भी विद्यालय नकल कराने का सिरदर्द लेना नहीं चाहेगा। कोडिड कॉपियों के सीरियल में गड़बड़ी मिलने पर बोर्ड द्वारा सीधे कॉलेज की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई होगी। साथ ही संबंधित डीआईओएस को भी जवाब देना होगा।
डीआईओएस बीना यादव ने बताया कि इस बार जिले में जो कॉपियां आएंगी, उनमें विशेष कोड होने के कारण नकल होने की आशंका बहुत कम हो जाएगी। हर विद्यालय को आवंटित होने वाली कॉपियों का सीरियल नंबर डीआईओएस अपने पास रखेंगे। इसके चलते विद्यालय में गई कॉपियों में कोई गड़बड़ी नहीं हो सकेेगी। इस बार परीक्ष्ाा देने के लिए पंजीकृत छात्राों की संख्या मे 4209 छात्राों का इजाफा हुआ है। पिछले साल ये संख्या 58,225 थ्ाी , जाे बढ़कर 62,434 छात्र हाो गई है। इसके आध्ाार पर ही इस साल परीक्ष्ाा केंद्र भ्ाी बढ़ाए गए हैं, टाोटल 106 केंद्राों पर परीक्ष्ाा हाोगी, जबकि गत वर्ष पूरे जिले में कुल परीक्षा केंद्र 100 बनाए गए।
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