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Budaun News: हवा-हवाई साबित हुए सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दावे
Tue, 02 Jul 2024 05:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 02 Jul 2024 05:53 AM IST
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गांधी ग्राउंड से सुभाष चौक को जाने वाली टूटी पड़ी सड़क। संवाद
बदायूं। बारिश से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश हवा-हवाई साबित हो गया है। नगर पालिका परिषद के अधिकारी पूरे साल कार्ययोजना बनाने में व्यस्त रहे और अब जब बारिश आ गई तो भी यह योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रही। इसी के चलते राहगीरों को गड्ढायुक्त सड़कों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
शहर के टिकटगंज से पुरानी चुंगी, शहबाजपुर से टिकटगंज, गांधी ग्राउंड के शिव मंदिर से पनबाड़ी होते हुए सुभाष चौक, इंदिरा चौक से रेलवे स्टेशन, रेलवे स्टेशन से माल गोदाम व लावेला चौक से भामाशाह चौराहे को जाने वाली सड़क के अधिकतर हिस्से टूटे पड़े हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। अब जब बारिश की वजह से जलभराव हो रहा है तो राहगीरों को हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
इन छह सड़कों की स्थिति सबसे खराब
- टिकटगंज से पुरानी चुंगी तक पांच साल से 300 मीटर सड़क टूटी पड़ी है।
- शहबाजपुर से टिकटगंज तक-आठ साल से 400 मीटर सड़क गड्ढायुक्त है।
- गांधी ग्राउंड से सुभाष चौक तक सात साल से 300 मीटर सड़क पर गड्ढे परेशान कर रहे हैं।
- इंदिरा चौक से रेलवे स्टेशन रोड पर दो साल से 500 मीटर सड़क गड्ढायुक्त है।
- रेलवे स्टेशन से माल गोदाम तक दो साल से 600 मीटर सड़क टूटी पड़ी है।
- लावेला चौक से भामाशाह चौराहे तक तीन साल से 500 मीटर गड्ढायुक्त है।
महाराणा प्रताप चौक से परशुराम चौक वाली सड़क फिर टूटी
-शहर के महाराणा प्रताप चौक से परशुराम चौक जाने वाली सड़क कचहरी के सामने कई माह से टूटी पड़ी है।तीन माह पहले सड़क को सही किया गया था लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। ऐसे में सड़क फिर से टूट गई।
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सड़कें बनी नहीं हैं। लोगों को दिक्कत होती है पर जिम्मेदार क्यों नहीं चेत रहे। यहीं सवाल है हम सबका। रात में अंधेरा होता है तब सड़क के गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं।
-कल्लू मौर्य, दुकानदार, पनवड़िया
सड़क टूटी होती है तो वाहन असंतुलित हो जाते हैं। सड़क तो कई साल से टूटी है। इसके बाद टूटी कई सड़कें बन गईं पर पता नहीं क्यों इसका नंबर नहीं आया।
-नरेश कुमार, दुकानदार, शहबाजपुर
गड्ढों में जब बरसात का पानी भर जाता है तब हादसे का खतरा रहता है। मेरे सामने ही कुछ लोग गिरते-गिरते बचे। सड़क सुरक्षा के दावे करने वाले अफसर बताएं कहां सुरक्षा के मानकों का पालन हो रहा है।
विशाल भारद्वाज, दुकानदार, टिकटगंज
-मेरे हिसाब से अधिकतर सड़कें ठीक हैं। अगर शहर में कोई सड़क टूटी हैं, उनको ठीक कराने के लिए मौके की स्थिति देखने के बाद कार्ययोजना बनाई जाएगी। बारिश के बाद सड़कों पर काम होगा। अगर कहीं खतरे भरे गड्ढे हैं तो उन्हें बारिश से पहले ठीक करा देंगे। ताकि कोई हादसा न होने पाए। अरुण कुमार, कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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शहर के टिकटगंज से पुरानी चुंगी, शहबाजपुर से टिकटगंज, गांधी ग्राउंड के शिव मंदिर से पनबाड़ी होते हुए सुभाष चौक, इंदिरा चौक से रेलवे स्टेशन, रेलवे स्टेशन से माल गोदाम व लावेला चौक से भामाशाह चौराहे को जाने वाली सड़क के अधिकतर हिस्से टूटे पड़े हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। अब जब बारिश की वजह से जलभराव हो रहा है तो राहगीरों को हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
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इन छह सड़कों की स्थिति सबसे खराब
- टिकटगंज से पुरानी चुंगी तक पांच साल से 300 मीटर सड़क टूटी पड़ी है।
- शहबाजपुर से टिकटगंज तक-आठ साल से 400 मीटर सड़क गड्ढायुक्त है।
- गांधी ग्राउंड से सुभाष चौक तक सात साल से 300 मीटर सड़क पर गड्ढे परेशान कर रहे हैं।
- इंदिरा चौक से रेलवे स्टेशन रोड पर दो साल से 500 मीटर सड़क गड्ढायुक्त है।
- रेलवे स्टेशन से माल गोदाम तक दो साल से 600 मीटर सड़क टूटी पड़ी है।
- लावेला चौक से भामाशाह चौराहे तक तीन साल से 500 मीटर गड्ढायुक्त है।
महाराणा प्रताप चौक से परशुराम चौक वाली सड़क फिर टूटी
-शहर के महाराणा प्रताप चौक से परशुराम चौक जाने वाली सड़क कचहरी के सामने कई माह से टूटी पड़ी है।तीन माह पहले सड़क को सही किया गया था लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। ऐसे में सड़क फिर से टूट गई।
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सड़कें बनी नहीं हैं। लोगों को दिक्कत होती है पर जिम्मेदार क्यों नहीं चेत रहे। यहीं सवाल है हम सबका। रात में अंधेरा होता है तब सड़क के गड्ढे जानलेवा साबित हो सकते हैं।
-कल्लू मौर्य, दुकानदार, पनवड़िया
सड़क टूटी होती है तो वाहन असंतुलित हो जाते हैं। सड़क तो कई साल से टूटी है। इसके बाद टूटी कई सड़कें बन गईं पर पता नहीं क्यों इसका नंबर नहीं आया।
-नरेश कुमार, दुकानदार, शहबाजपुर
गड्ढों में जब बरसात का पानी भर जाता है तब हादसे का खतरा रहता है। मेरे सामने ही कुछ लोग गिरते-गिरते बचे। सड़क सुरक्षा के दावे करने वाले अफसर बताएं कहां सुरक्षा के मानकों का पालन हो रहा है।
विशाल भारद्वाज, दुकानदार, टिकटगंज
-मेरे हिसाब से अधिकतर सड़कें ठीक हैं। अगर शहर में कोई सड़क टूटी हैं, उनको ठीक कराने के लिए मौके की स्थिति देखने के बाद कार्ययोजना बनाई जाएगी। बारिश के बाद सड़कों पर काम होगा। अगर कहीं खतरे भरे गड्ढे हैं तो उन्हें बारिश से पहले ठीक करा देंगे। ताकि कोई हादसा न होने पाए। अरुण कुमार, कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद

गांधी ग्राउंड से सुभाष चौक को जाने वाली टूटी पड़ी सड़क। संवाद

गांधी ग्राउंड से सुभाष चौक को जाने वाली टूटी पड़ी सड़क। संवाद