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ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं अगोल गांव के लोग
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अगोल गांव की प्रमुख सड़क जो कई सालों से टूटी हुई है। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बिल्सी (बदायूं)। बिल्सी से सटा अगोल गांव ऊबड़खाबड़ रास्तों की वजह से विकास से अछूता है। गांववालों ने अपना यह दर्द साझा किया। बोले-विधायक जी एक बार भी आ जाते तो वह उन्हें अपनी समस्याएं गिनाते।
खैर इस बार भी विधानसभा चुनाव में उतरे सभी प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी जी जान से जुटे हैं। इसके विपरीत मतदाता पूरी तरह से खामोश हैं। वह अपने गांव की समस्याओं को लेकर कहीं न कही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से नाराज हैं। क्योंकि चुनाव के दौरान वह जनता को हर समस्या का निराकरण का भरोसा देते हैं। चुनाव जीतने के बाद उनकी ओर मुड़कर तक नहीं देखते। अगोल में आज भी लोग टूटी सड़क और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव की अधिकतर सड़कें आज भी टूटी हुईं हैं। इसकी वजह से गांव के लोगों को आने-जाने में खासी परेशानी होती है।
अधिकारियों से सड़क बनवाने के लिए कई बार मांग की गई लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। गांव के होली चौक की मुख्य सड़क करीब 20 वर्ष पहले ग्राम प्रधान ने बनवाई थी। यह वर्तमान में पूरी तरह से टूटकर नष्ट हो चुकी है। मामूली बरसात होने पर इस सड़क से लोगों का निकलना बंद हो जाता है। साथ ही गांव में दू षित जलभराव से यहां संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी रहती है। इसको लेकर गांव के लोग काफी चिंतित हैं। संवाद
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गांव वालों ने कहा
अगोल के लोगों को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता काफी कचोटती है। गांव की प्रमुख सड़क लंबे समय से निर्माण न होने के कारण काफी जर्जर हो गई है। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
- ताराचंद्र शाक्य
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बिल्सी नगर के मोहल्ला तीन से गांव जाने वाले संपर्क मार्ग की लोक निर्माण विभाग ने लंबे समय से मरम्मत नहीं कराई है। सड़क में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। इसकी वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
- सगन गाजी
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गांव अगोल के अलावा इसके तीन मजरे भी हैं। उनकी सड़कों की दशा भी काफी खराब है। गांव की समस्या किसको बताई जाए। विधायक पिछले पांच साल में एक बार भी नहीं पहुंचे। गांव का विकास नहीं हो पा रहा है।
- खेमकरन शाक्य
-
क्षेत्रीय नेता गांव में केवल वोट मांगने आते हैं। जब कोई समस्या होती है तो वे आसानी से नहीं मिल पाते है। इसके कारण गांव की समस्या का निराकरण नहीं हो पाता है। इस चुनाव में भी प्रत्याशियों से इस बारे में मांग की जाएगी।
- भानुप्रताप
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खैर इस बार भी विधानसभा चुनाव में उतरे सभी प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी जी जान से जुटे हैं। इसके विपरीत मतदाता पूरी तरह से खामोश हैं। वह अपने गांव की समस्याओं को लेकर कहीं न कही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से नाराज हैं। क्योंकि चुनाव के दौरान वह जनता को हर समस्या का निराकरण का भरोसा देते हैं। चुनाव जीतने के बाद उनकी ओर मुड़कर तक नहीं देखते। अगोल में आज भी लोग टूटी सड़क और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव की अधिकतर सड़कें आज भी टूटी हुईं हैं। इसकी वजह से गांव के लोगों को आने-जाने में खासी परेशानी होती है।
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अधिकारियों से सड़क बनवाने के लिए कई बार मांग की गई लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। गांव के होली चौक की मुख्य सड़क करीब 20 वर्ष पहले ग्राम प्रधान ने बनवाई थी। यह वर्तमान में पूरी तरह से टूटकर नष्ट हो चुकी है। मामूली बरसात होने पर इस सड़क से लोगों का निकलना बंद हो जाता है। साथ ही गांव में दू षित जलभराव से यहां संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी रहती है। इसको लेकर गांव के लोग काफी चिंतित हैं। संवाद
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गांव वालों ने कहा
अगोल के लोगों को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता काफी कचोटती है। गांव की प्रमुख सड़क लंबे समय से निर्माण न होने के कारण काफी जर्जर हो गई है। इससे लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
- ताराचंद्र शाक्य
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बिल्सी नगर के मोहल्ला तीन से गांव जाने वाले संपर्क मार्ग की लोक निर्माण विभाग ने लंबे समय से मरम्मत नहीं कराई है। सड़क में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। इसकी वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
- सगन गाजी
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गांव अगोल के अलावा इसके तीन मजरे भी हैं। उनकी सड़कों की दशा भी काफी खराब है। गांव की समस्या किसको बताई जाए। विधायक पिछले पांच साल में एक बार भी नहीं पहुंचे। गांव का विकास नहीं हो पा रहा है।
- खेमकरन शाक्य
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क्षेत्रीय नेता गांव में केवल वोट मांगने आते हैं। जब कोई समस्या होती है तो वे आसानी से नहीं मिल पाते है। इसके कारण गांव की समस्या का निराकरण नहीं हो पाता है। इस चुनाव में भी प्रत्याशियों से इस बारे में मांग की जाएगी।
- भानुप्रताप