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धीमी गति से बन रही सड़क, डीएम ने जताई नाराजगी
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बदायूं के सैंजनी में निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट के निर्माण कार्य का जायजा लेती डीएम। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। सैंजनी गांव के पास एचपीसीएल द्वारा इथेनॉल प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इसकी चहारदीवारी का काम पूरा हो चुका है। प्लांट तक जाने आने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसकी निर्माण गति धीमी पाए जाने पर डीएम ने खासी नाराजगी जताई।
मंगलवार को डीएम दीपा रंजन ने एसडीएम राम शिरोमणि, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन अमर सिंह के साथ दातागंज के गांव सैजनी के निकट निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट के निर्माण कार्य का जायजा लिया।
प्राज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड ने डीएम को बताया कि लगभग सौ करोड़ रुपये की लागत से इथेनॉल प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। यहां पराली और गाय के गोबर से कंप्रेस बायोगैस (सीबीजी) बनाई जाएगी। इसका उपयोग ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में किया जाएगा। इस टेक्नोलॉजी का यह देश का पहला प्लांट है। इथेनॉल प्लांट लगने से किसानों को सबसे बड़ा फायदा होगा। किसानों के धान के पुआल को कंपनी अच्छे दामों में खरीदेगी। तेल व गैस की अग्रणी कंपनी एचपीसीएल आसपास के गांवों का विकास कराएगी। स्थानीय युवकों को यहां रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। दुनिया में सीमित पेट्रो पदार्थों की वजह से आत्मनिर्भरता लाने के लिए सरकार इन दिनों इथेनॉल के प्लांट खोलने पर ज्यादा जोर दे रही है। बदायूं का प्रोजेक्ट भी इसी कवायद का हिस्सा है। डीएम ने निर्देश दिए कि काफी समय से पहुंच मार्ग स्वीकृत किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसका काम लंबित है। इसे तेजी से किया जाए।
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मंगलवार को डीएम दीपा रंजन ने एसडीएम राम शिरोमणि, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन अमर सिंह के साथ दातागंज के गांव सैजनी के निकट निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट के निर्माण कार्य का जायजा लिया।
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प्राज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड ने डीएम को बताया कि लगभग सौ करोड़ रुपये की लागत से इथेनॉल प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। यहां पराली और गाय के गोबर से कंप्रेस बायोगैस (सीबीजी) बनाई जाएगी। इसका उपयोग ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में किया जाएगा। इस टेक्नोलॉजी का यह देश का पहला प्लांट है। इथेनॉल प्लांट लगने से किसानों को सबसे बड़ा फायदा होगा। किसानों के धान के पुआल को कंपनी अच्छे दामों में खरीदेगी। तेल व गैस की अग्रणी कंपनी एचपीसीएल आसपास के गांवों का विकास कराएगी। स्थानीय युवकों को यहां रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। दुनिया में सीमित पेट्रो पदार्थों की वजह से आत्मनिर्भरता लाने के लिए सरकार इन दिनों इथेनॉल के प्लांट खोलने पर ज्यादा जोर दे रही है। बदायूं का प्रोजेक्ट भी इसी कवायद का हिस्सा है। डीएम ने निर्देश दिए कि काफी समय से पहुंच मार्ग स्वीकृत किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसका काम लंबित है। इसे तेजी से किया जाए।
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