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इस्लामनगर को संभल से जोड़ने की कवायद अभी बेनतीजा
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इस्लामनगर (बदायूं)। कस्बे में पिछले 57 दिन से क्रमिक अनशन जारी है। अनशनकारियों की मांग है कि इस्लामनगर ब्लॉक को बदायूं से अलग कर बहजोई (संभल जिले के मुख्यालय) से जोड़ा जाए। संभलके जनप्रतिनिधि भी उनकी मांग शासन तक पहुंचा चुके हैं। मगर अभी तक उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।
जन अमन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से कस्बे के कैलाश कुमार मिश्रा व कुछ अन्य लोग 57 दिनों से क्रमिक अनशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस्लामनगर से बदायूं जिला मुख्यालय की दूरी साठ किमी है। जबकि संभल जिले के बहजोई मुख्यालय की दूरी केवल 11 किमी है। इसलिए इस्लामनगर ब्लॉक को संभल में शामिल कर दिया जाए। इसके लिए अनशनकारियों ने संभल के गुन्नौर विधायक अजीत कुमार यादव व एमएलसी हरि सिंह ढिल्लो को भी ज्ञापन दिया था। गुन्नौर विधायक तो इस मामले में मुख्यमंत्री से भी मिले थे। धरना देने वालों के मुताबिक मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी अपर मुख्य सचिव ग्राम विकास आरएन सिंह ने नियमानुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया भी है, लेकिन स्पष्ट कुछ नहीं कहा है।
अनशनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बदायूं जाकर अनशन की जानकारी दी और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिए पर आज तक किसी अधिकारी या सत्ताधारी पार्टी के नेता ने मौके पर जाकर अनशनकारियों से बात नहीं की है। इससे आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी है, हालांकि कस्बे के ही तमाम लोग बदायूं से ही जुड़ा रहना चाहते हैं।
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धरना आयोजक बोले: नतीजा न निकलने तक बैठेंगे
धरना व क्रमिक अनशन के मुख्य आयोजक कैलाश कुमार मिश्र जन अमन वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह बताते हैं कि क्रमिक अनशन से तभी हटेंगे जब तक ब्लॉक क्षेत्र के संभल में शामिल होने की घोषणा नहीं हो जाती है। वह किसी राजनैतिक दल से नहीं जुड़े हैं और न ही कोई राजनैतिक स्वार्थ है। इसी क्षेत्र के निवासी हैं तो लोगों की समस्याएं देखकर ही यह प्रण लिया है।- कैलाश कुमार मिश्र, मुख्य अनशनकारी
इस्लामनगर से संभल जिला मुख्यालय की दूरी करीब दस किलोमीटर है, जबकि बदायूं की दूरी 60 किलोमीटर है। इस्लामनगर के संभल से जोड़े जाने पर सभी को लाभ होगा। - आलोक पाराशरी, एडवोकेट
इस्लामनगर के लोगों का व्यापारिक दृष्टि से भी चंदौसी और संभल से जुड़ाव है। बेहतर होगा कि इस्लामनगर को संभल जिले के बहजोई मुख्यालय से संबद्घ कर दिया जाए। - शरद कृष्ण गुप्ता, व्यापारी
इस्लामनगर के किसान अपनी उपज बेचने के लिए संभल, चंदौसी, बहजोई की मंडियों में ही जाते हैं। बदायूं की दूरी 60 किमी से ज्यादा है। इस्लामनगर के लिए संभल ज्यादा मुफीद हैं। - ग्रीश कुमार, किसान
सबसे ज्यादा समस्या मेंथा व्यवसाय से जुड़े लोगों को होती है। चंदौसी प्रमुख मंडी है जहां मेंथा व अनय उत्पाद की खरीद होती है। अगर संभल जिला बन जाएगा तो चंदौसी और बहजोई से आवागमन के साधन भी बेहतर हो जाएंगे। - शिवेंद्र पांडेय, व्यापारी
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जन अमन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से कस्बे के कैलाश कुमार मिश्रा व कुछ अन्य लोग 57 दिनों से क्रमिक अनशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस्लामनगर से बदायूं जिला मुख्यालय की दूरी साठ किमी है। जबकि संभल जिले के बहजोई मुख्यालय की दूरी केवल 11 किमी है। इसलिए इस्लामनगर ब्लॉक को संभल में शामिल कर दिया जाए। इसके लिए अनशनकारियों ने संभल के गुन्नौर विधायक अजीत कुमार यादव व एमएलसी हरि सिंह ढिल्लो को भी ज्ञापन दिया था। गुन्नौर विधायक तो इस मामले में मुख्यमंत्री से भी मिले थे। धरना देने वालों के मुताबिक मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी अपर मुख्य सचिव ग्राम विकास आरएन सिंह ने नियमानुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया भी है, लेकिन स्पष्ट कुछ नहीं कहा है।
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अनशनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बदायूं जाकर अनशन की जानकारी दी और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिए पर आज तक किसी अधिकारी या सत्ताधारी पार्टी के नेता ने मौके पर जाकर अनशनकारियों से बात नहीं की है। इससे आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी है, हालांकि कस्बे के ही तमाम लोग बदायूं से ही जुड़ा रहना चाहते हैं।
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धरना आयोजक बोले: नतीजा न निकलने तक बैठेंगे
धरना व क्रमिक अनशन के मुख्य आयोजक कैलाश कुमार मिश्र जन अमन वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह बताते हैं कि क्रमिक अनशन से तभी हटेंगे जब तक ब्लॉक क्षेत्र के संभल में शामिल होने की घोषणा नहीं हो जाती है। वह किसी राजनैतिक दल से नहीं जुड़े हैं और न ही कोई राजनैतिक स्वार्थ है। इसी क्षेत्र के निवासी हैं तो लोगों की समस्याएं देखकर ही यह प्रण लिया है।- कैलाश कुमार मिश्र, मुख्य अनशनकारी
इस्लामनगर से संभल जिला मुख्यालय की दूरी करीब दस किलोमीटर है, जबकि बदायूं की दूरी 60 किलोमीटर है। इस्लामनगर के संभल से जोड़े जाने पर सभी को लाभ होगा। - आलोक पाराशरी, एडवोकेट
इस्लामनगर के लोगों का व्यापारिक दृष्टि से भी चंदौसी और संभल से जुड़ाव है। बेहतर होगा कि इस्लामनगर को संभल जिले के बहजोई मुख्यालय से संबद्घ कर दिया जाए। - शरद कृष्ण गुप्ता, व्यापारी
इस्लामनगर के किसान अपनी उपज बेचने के लिए संभल, चंदौसी, बहजोई की मंडियों में ही जाते हैं। बदायूं की दूरी 60 किमी से ज्यादा है। इस्लामनगर के लिए संभल ज्यादा मुफीद हैं। - ग्रीश कुमार, किसान
सबसे ज्यादा समस्या मेंथा व्यवसाय से जुड़े लोगों को होती है। चंदौसी प्रमुख मंडी है जहां मेंथा व अनय उत्पाद की खरीद होती है। अगर संभल जिला बन जाएगा तो चंदौसी और बहजोई से आवागमन के साधन भी बेहतर हो जाएंगे। - शिवेंद्र पांडेय, व्यापारी