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सीओ ने वृध्द की अर्थी को कंधा देकर कायम की मिसाल
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बिल्सी। कलियुगी पुत्रों ने अपने पिता की अर्थी को कंधा नहीं दिया तो सीओ अनिरुद्ध सिंह ने खुद अर्थी उठाकर हिंदू रीति-रिवाज से उनका कछला घाट पर अंतिम संस्कार करवाया। सीओ की इस दरियादिली की खूब प्रशंसा हो रही है।
नगर के मोहल्ला संख्या छह में ईंट भट्टे की लेबर को बनी कोठरी में वृद्ध दंपती रहकर अपना जीवन गुजार रहे थे। उनके बेटों ने उन्हें घर में रहने के लिए जगह नहीं दी थी। दोनों आसपड़ोस के लोगों द्वारा दिए जा रहे खाने से अपना पेट भर कर जीवन गुजार रहे थे। 24 जून को इस प्रकरण की जानकारी बिल्सी सीओ अनिरुद्ध सिंह को मिली तो वह पुलिस के साथ पहुंचे और बुजुर्ग दंपती को कोठरी से बाहर निकलवाया। पहले उन्हें सीएचसी भेजा। दोनों वृद्धों के शरीर पर घाव होने से कीड़े तक पड़ चुके थे, इसके चलते उन लोगों को काफी परेशानी हो रही थी।
पुलिस ने मानवीय चेहरा दिखाते हुए बुजुर्ग दंपती का इलाज कराया। उसके बाद बांस बरौलिया स्थित वृद्धा आश्रम पहुंचा दिया। यहां उनकी पट्टी की जा रही थी और देखभाल की जा रही थी। शुक्रवार शाम वृद्ध रामनाथ की मौत हो गई। सीओ अनिरुद्ध सिंह ने वृद्ध रामनाथ की अर्थी को कंधा देकर कछला घाट रवाना किया। जहां पर उझानी कोतवाल विशाल प्रताप और पुलिस ने उनका हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करवाया। बताते है कि बुजुर्ग दंपती के दो पुत्र हैं। इसमें एक साधु बनकर उझानी में रहता है तथा दूसरा पुत्र बिल्सी में ही रहता है। बुजुर्ग दंपती बिशारतगंज बरेली जिले के रहने वाले थे जोकई वर्षों से बिल्सी में रहकर पुजारी का काम करते थे। शरीर कमजोर हुआ तो उनके बेटों ने भी उनका साथ छोड़ दिया और घर में रहने को जगह नहीं दी।
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नगर के मोहल्ला संख्या छह में ईंट भट्टे की लेबर को बनी कोठरी में वृद्ध दंपती रहकर अपना जीवन गुजार रहे थे। उनके बेटों ने उन्हें घर में रहने के लिए जगह नहीं दी थी। दोनों आसपड़ोस के लोगों द्वारा दिए जा रहे खाने से अपना पेट भर कर जीवन गुजार रहे थे। 24 जून को इस प्रकरण की जानकारी बिल्सी सीओ अनिरुद्ध सिंह को मिली तो वह पुलिस के साथ पहुंचे और बुजुर्ग दंपती को कोठरी से बाहर निकलवाया। पहले उन्हें सीएचसी भेजा। दोनों वृद्धों के शरीर पर घाव होने से कीड़े तक पड़ चुके थे, इसके चलते उन लोगों को काफी परेशानी हो रही थी।
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पुलिस ने मानवीय चेहरा दिखाते हुए बुजुर्ग दंपती का इलाज कराया। उसके बाद बांस बरौलिया स्थित वृद्धा आश्रम पहुंचा दिया। यहां उनकी पट्टी की जा रही थी और देखभाल की जा रही थी। शुक्रवार शाम वृद्ध रामनाथ की मौत हो गई। सीओ अनिरुद्ध सिंह ने वृद्ध रामनाथ की अर्थी को कंधा देकर कछला घाट रवाना किया। जहां पर उझानी कोतवाल विशाल प्रताप और पुलिस ने उनका हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करवाया। बताते है कि बुजुर्ग दंपती के दो पुत्र हैं। इसमें एक साधु बनकर उझानी में रहता है तथा दूसरा पुत्र बिल्सी में ही रहता है। बुजुर्ग दंपती बिशारतगंज बरेली जिले के रहने वाले थे जोकई वर्षों से बिल्सी में रहकर पुजारी का काम करते थे। शरीर कमजोर हुआ तो उनके बेटों ने भी उनका साथ छोड़ दिया और घर में रहने को जगह नहीं दी।
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