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आसरा आवास में भोजन गुणवत्ता में सुधार, गंदगी बरकरार, पीपीई किट पहनकर घुसे कर्मचारी, कूड़ा उठाया और बाहर आ गए
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बदायूं। कोविड हॉस्पिटल आसरा आवास में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता में तो सुधार हुआ है लेकिन सफाई व्यवस्था जैसी की तैसी है। सोमवार दोपहर बाद एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया आसरा आवास पहुंचीं थीं। उन्होंने सफाई कर्मचारी को पीपीई किट पहनाकर कमरों में भेजा लेकिन वे एडीएम प्रशासन को भी गच्चा दे गए। कर्मचारियों ने कमरों में रखे कूड़ेदान से कूड़ा उठाया और बाहर आ गए। उन्होंने न तो झाडू लगाई और न ही शौचालय-बाथरूम की सफाई की।
आसरा आवास में क्वांरटीन कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने रविवार को शिकायत की थी कि उनके कमरों के शौचालय और बाथरूम में महीनों से सफाई नहीं हुई है। कमरों में लंबे समय से झाडू नहीं लगी है। ऐसा लगता है कि सफाई कर्मचारी यहां कमरों में, बाथरूम और शौचालय में नहीं घुसते हैं। वह सिर्फ आसरा आवास के गेट पर सफाई करने के लिए लगाए गए हैं। हकीकत ये है कि सफाई कर्मचारी अंदर कमरों में जाते ही नहीं है, इससे गंदगी ज्योंकि त्यों पड़ी है। शौचालय और बाथरूम की हालत बद से बदतर है। इतना जरूर है कि मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इस मामले को डीएम कुमार प्रशांत ने गंभीरता से लिया था। उनके आदेश पर सोमवार दोपहर बाद एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया आसरा आवास पहुंची। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट पहनाकर कमरों में सफाई करने के लिए भेजा लेकिन कर्मचारी सिर्फ कूड़ा उठाकर बाहर निकल आए। न तो उन्होंने बाथरूम की सफाई की और न ही शौचालय में सफाई की। उन्होंने कमरों में झाडू तक नहीं लगाई। इससे कोरोना पॉजिटिव मरीजों में रोष व्याप्त है।
लाइट के इंतजाम नहीं, बहुत कम चलता है जेनरेटर
आसरा आवास में व्यवस्थाओं के नाम पर जनरेटर तो लगा दिया गया है लेकिन वह जरूरत के समय सफेद हाथी प्रतीत हो रहा है। कहीं पंखे नहीं चल रहे हैं तो कहीं लाइट खराब है। सप्लाई व्यवस्था बदहाल है, जिससे यहां ड्यूटी करने वाले कर्मचारी तक परेशान हैं। समय पर जेनरेटर नहीं चल रहा है। इससे मरीजों को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।
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आसरा आवास में साफ सफाई कराने की जिम्मेदारी वहां ड्यूटी पर लगाए गए चिकित्सकों की है। फिर भी हमने एडीएम प्रशासन को भेजा था। अगर फिर भी सफाई नहीं हुई है तो हम इसे दिखवाते हैं। बिल्कुल सफाई कराई जाएगी। नहीं तो कार्रवाई होगी।
कुमार प्रशांत, डीएम
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आसरा आवास में क्वांरटीन कोरोना पॉजिटिव मरीजों ने रविवार को शिकायत की थी कि उनके कमरों के शौचालय और बाथरूम में महीनों से सफाई नहीं हुई है। कमरों में लंबे समय से झाडू नहीं लगी है। ऐसा लगता है कि सफाई कर्मचारी यहां कमरों में, बाथरूम और शौचालय में नहीं घुसते हैं। वह सिर्फ आसरा आवास के गेट पर सफाई करने के लिए लगाए गए हैं। हकीकत ये है कि सफाई कर्मचारी अंदर कमरों में जाते ही नहीं है, इससे गंदगी ज्योंकि त्यों पड़ी है। शौचालय और बाथरूम की हालत बद से बदतर है। इतना जरूर है कि मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इस मामले को डीएम कुमार प्रशांत ने गंभीरता से लिया था। उनके आदेश पर सोमवार दोपहर बाद एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया आसरा आवास पहुंची। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को पीपीई किट पहनाकर कमरों में सफाई करने के लिए भेजा लेकिन कर्मचारी सिर्फ कूड़ा उठाकर बाहर निकल आए। न तो उन्होंने बाथरूम की सफाई की और न ही शौचालय में सफाई की। उन्होंने कमरों में झाडू तक नहीं लगाई। इससे कोरोना पॉजिटिव मरीजों में रोष व्याप्त है।
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लाइट के इंतजाम नहीं, बहुत कम चलता है जेनरेटर
आसरा आवास में व्यवस्थाओं के नाम पर जनरेटर तो लगा दिया गया है लेकिन वह जरूरत के समय सफेद हाथी प्रतीत हो रहा है। कहीं पंखे नहीं चल रहे हैं तो कहीं लाइट खराब है। सप्लाई व्यवस्था बदहाल है, जिससे यहां ड्यूटी करने वाले कर्मचारी तक परेशान हैं। समय पर जेनरेटर नहीं चल रहा है। इससे मरीजों को बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।
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आसरा आवास में साफ सफाई कराने की जिम्मेदारी वहां ड्यूटी पर लगाए गए चिकित्सकों की है। फिर भी हमने एडीएम प्रशासन को भेजा था। अगर फिर भी सफाई नहीं हुई है तो हम इसे दिखवाते हैं। बिल्कुल सफाई कराई जाएगी। नहीं तो कार्रवाई होगी।
कुमार प्रशांत, डीएम