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भाजपा नेता की वीडियो बनाई तो कार्यकर्ता तिलमिलाए, सिपाही से डिलीट कराई वीडियो
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बदायूं। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम धनूपुरा में एक सिपाही से अभद्रता का मामला सामने आया है। हालांकि इस मामले में पुलिस या कोई अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि कुछ बोलने के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक सिपाही का मोबाइल छीन लिया और उसके द्वारा बनाई जा रही वीडियो डिलीट करा दी।
मामला धनूपुरा गांव का है। बुधवार को यहां कुछ भाजपा नेता पहुंचे थे। वह एक समुदाय के लोगों को कुछ बता रहे थे। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंची थी। बताते हैं कि यह वही गांव है। जहां कुछ दिन पहले दो समुदाय के बीच विवाद हुआ था। मारपीट में तीन-चार लोगों को गंभीर चोटें आईं। इस मामले में तीन लोगों को जेल भी भेजा गया। तब से ये गांव संवेदनशील हो गया है। पुलिस और पीएसी तैनात है। बुधवार को जिस समय एक जनप्रतिनिधि समेत कुछ भाजपा नेता लोगों के सामने बोल रहे थे। उसी समय एक सिपाही उनके बयानों की वीडियो बना रहा था। जब इस बारे में जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ताओं को पता चला तो उन्होंने सिपाही का तुरंत मोबाइल छीन लिया और बनाई गई वीडियो डिलीट करा दी। कोतवाली पुलिस के मुताबिक उस वीडियो में भड़काऊ या गलत बात नहीं थी, लेकिन कार्यकर्ताओं को गलत फहमी हुई तो उन्होंने वीडियो डिलीट करा दी। चर्चा है कि ये मामला उच्चाधिकारियों तक पहुुंच गया है।
-किसी कार्यक्रम या घटनास्थल पर अपनी सुरक्षा के लिए वीडियो बनानी पड़ती है। ये जरूरी भी है, लेकिन धनूपुरा गांव में ऐसा कुछ नहीं था। उन्हें वीडियो बनाना अच्छा नहीं लगा। इससे वीडियो डिलीट करा दी थी।
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पंकज लवानिया, इंस्पेक्टर बिसौली
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मामला धनूपुरा गांव का है। बुधवार को यहां कुछ भाजपा नेता पहुंचे थे। वह एक समुदाय के लोगों को कुछ बता रहे थे। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंची थी। बताते हैं कि यह वही गांव है। जहां कुछ दिन पहले दो समुदाय के बीच विवाद हुआ था। मारपीट में तीन-चार लोगों को गंभीर चोटें आईं। इस मामले में तीन लोगों को जेल भी भेजा गया। तब से ये गांव संवेदनशील हो गया है। पुलिस और पीएसी तैनात है। बुधवार को जिस समय एक जनप्रतिनिधि समेत कुछ भाजपा नेता लोगों के सामने बोल रहे थे। उसी समय एक सिपाही उनके बयानों की वीडियो बना रहा था। जब इस बारे में जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ताओं को पता चला तो उन्होंने सिपाही का तुरंत मोबाइल छीन लिया और बनाई गई वीडियो डिलीट करा दी। कोतवाली पुलिस के मुताबिक उस वीडियो में भड़काऊ या गलत बात नहीं थी, लेकिन कार्यकर्ताओं को गलत फहमी हुई तो उन्होंने वीडियो डिलीट करा दी। चर्चा है कि ये मामला उच्चाधिकारियों तक पहुुंच गया है।
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-किसी कार्यक्रम या घटनास्थल पर अपनी सुरक्षा के लिए वीडियो बनानी पड़ती है। ये जरूरी भी है, लेकिन धनूपुरा गांव में ऐसा कुछ नहीं था। उन्हें वीडियो बनाना अच्छा नहीं लगा। इससे वीडियो डिलीट करा दी थी।
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पंकज लवानिया, इंस्पेक्टर बिसौली