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गबन का की रिपोर्ट दर्ज हुई तो सफाई देने पहुंचे जीएम
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बदायूं। पावर कारपोरेशन द्वारा ओरियन सिक्योरिटी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड पर सरकारी धनराशि के गबन की रिपोर्ट सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई थी। इसकी जानकारी होने पर कंपनी के जीएम बुधवार को अपना पक्ष रखने के लिए अधिशासी अभियंता से मिलेे और अपनी बात रखी, साथ ही इसी माह दो माह का मानदेय कर्मचारियों को देने का आश्वासन दिया।
दिल्ली की ओरियन सिक्योरिटी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पावर कारपोरेशन में संविदा पर कर्मचारी रखे गए थे। जिनका भुगतान पावर कारपोरेशन की तरफ से कंपनी को और कंपनी की ओर से कर्मचारियों को मानेदय के रूप में किया जाता है। काफी माह से मानदेय नहीं मिलने पर संविदा कर्मचारियों द्वारा विभाग पर धरना प्रदर्शन किया गया था, जबकि विभाग का कहना था कि उसकी ओर से कंपनी की पूरा पेमेंट किया जा चुका है। इसको लेकर विभाग की ओर से कंपनी से वार्ता की गई, तो उन्होंने 30 सितंबर तक भुगतान करने की बात कही थी, लेकिन समय निकल जाने के बाद भी भुगतान नहीं हो सका। ऐसे में पावर कारपोरेशन की ओर से कंपनी के खिलाफ सरकारी धनराशि के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसकी जानकारी मिलते ही कंपनी के जीएम दीपक बुधवार को बदायूं पहुंचे और अधिशासी अभियंता से मिले। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जो धनराशि भेजी गई है, वह खाता किन्हीं कारणों से सीज हो गया था, जिसकी वजह से कंपनी द्वारा कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान नहीं हो सका। फिलहाल कंपनी की ओर से कर्मचारियों को दो माह का मानदेय इसी माह दे दिया जाएगा।
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दिल्ली की ओरियन सिक्योरिटी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पावर कारपोरेशन में संविदा पर कर्मचारी रखे गए थे। जिनका भुगतान पावर कारपोरेशन की तरफ से कंपनी को और कंपनी की ओर से कर्मचारियों को मानेदय के रूप में किया जाता है। काफी माह से मानदेय नहीं मिलने पर संविदा कर्मचारियों द्वारा विभाग पर धरना प्रदर्शन किया गया था, जबकि विभाग का कहना था कि उसकी ओर से कंपनी की पूरा पेमेंट किया जा चुका है। इसको लेकर विभाग की ओर से कंपनी से वार्ता की गई, तो उन्होंने 30 सितंबर तक भुगतान करने की बात कही थी, लेकिन समय निकल जाने के बाद भी भुगतान नहीं हो सका। ऐसे में पावर कारपोरेशन की ओर से कंपनी के खिलाफ सरकारी धनराशि के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसकी जानकारी मिलते ही कंपनी के जीएम दीपक बुधवार को बदायूं पहुंचे और अधिशासी अभियंता से मिले। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जो धनराशि भेजी गई है, वह खाता किन्हीं कारणों से सीज हो गया था, जिसकी वजह से कंपनी द्वारा कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान नहीं हो सका। फिलहाल कंपनी की ओर से कर्मचारियों को दो माह का मानदेय इसी माह दे दिया जाएगा।
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